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शिक्षक बीएसए के खिलाफ लामबंद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 27 May 2015 11:21 PM IST
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सकवाई के एनपीआरसी के हाथ से कागज छीनकर फाड़ने और अभद्रता के मामले में
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शिक्षक संगठन बीएसए के खिलाफ लामबंद हो गया है। शिक्षकों ने दलालों पर
शिकंजा कसने और शिक्षकों को अपमानित न करने की मांग उठाई है। इनका कहना था
कि शिक्षण के अतिरिक्त शिक्षकों से अन्य कोई काम न कराया जाए। इस संबंध में
डीएम को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, मोहम्मदाबाद के ब्लाक अध्यक्ष रूपलाल सुमन सकवाई में एनपीआरसी हैं। यह मंगलवार को विभागीय अभिलेख जमा करने ब्लाक कार्यालय के लिपिक के पास गए थे। शिक्षक ने बीएसए पर लिपिक के सामने अपमानित करने और सूचनाओं के कागज फाड़ने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विजयबहादुर यादव से की। इस पर संगठन बीएसए योगराज सिंह के खिलाफ हो गया है। बुधवार को संघ के
अध्यक्ष, महामंत्री, अन्य पदाधिकारी और सदस्यों के साथ शिक्षक भवन पहुंचे। इन्हाेंने बीएसए के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। यहां से शिक्षक पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। नगर मजिस्ट्रेट पीके जैन को डीएम एनकेएस चौहान को संबोधित ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है। इसके तहत शिक्षकों की दस वर्षीय जनगणना, दैवी आपदा से संबंधित राहत कार्य एवं स्थानीय निकाय, विधान सभा, लोक सभा से संबंधित निर्वाचन ड्यूटी के अतिरिक्त अन्य
किसी गैर शैक्षणिक काम में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। इस संबंध में मुख्य सचिव का भी 3 सितंबर 2012 का आदेश आया था। उच्च न्यायालय ने भी शिक्षकों की ड्यूटी शैक्षिक के अलावा अन्य काम में लगाने पर रोक लगाई है। फिर भी शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ, समाजवादी पेंशन सत्यापन काम में लगाई जा रही है। शिक्षकों ने यह ड्यूटी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद शिक्षक वापस शिक्षक भवन पहुंचे। दोपहर बाद बीएसए योगराज सिंह के कार्यालय में आने पर शिक्षकों ने उन्हें
ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि ब्लाक कार्यालय लिपिक जिला मुख्यालय पर बैठते हैं। इस कारण शिक्षक वेतन, लेखा पर्ची व अन्य समस्याओं के समाधान को मुख्यालय पर आते हैं। यहां शिक्षकों को अपमानित किया जाता है। बीते दिन शिक्षक के साथ हुई अभद्रता निंदनीय है। शिक्षक नेताओं ने मांग की कि किसी भी शिक्षक को अपमानित न किए जाए। शिक्षकों की जो समस्याएं हैं, उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। सभी एनपीआरसी का मानदेय भुगतान किया जाए। अगर मानदेय
भुगतान न किया गया तो सभी एनपीआरसी सामूहिक रूप से त्यागपत्र देंगे। इस दौरान जिलामंत्री राजकिशोर शुक्ला, शशि भूषण, अवनीश चौहान, केपी सिंह, श्याम सिंह, जितेन्द्र यादव, संतोष कठेरिया, विधान चंद्र गुप्ता, अनुराग पांडेय, धर्मेश यादव, मुन्नालाल यादव, जितेन्द्र यादव, राधेश्याम शाक्य, रामऔतार शर्मा, संतोष कठेरिया समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, मोहम्मदाबाद के ब्लाक अध्यक्ष रूपलाल सुमन सकवाई में एनपीआरसी हैं। यह मंगलवार को विभागीय अभिलेख जमा करने ब्लाक कार्यालय के लिपिक के पास गए थे। शिक्षक ने बीएसए पर लिपिक के सामने अपमानित करने और सूचनाओं के कागज फाड़ने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विजयबहादुर यादव से की। इस पर संगठन बीएसए योगराज सिंह के खिलाफ हो गया है। बुधवार को संघ के
अध्यक्ष, महामंत्री, अन्य पदाधिकारी और सदस्यों के साथ शिक्षक भवन पहुंचे। इन्हाेंने बीएसए के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। यहां से शिक्षक पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। नगर मजिस्ट्रेट पीके जैन को डीएम एनकेएस चौहान को संबोधित ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है। इसके तहत शिक्षकों की दस वर्षीय जनगणना, दैवी आपदा से संबंधित राहत कार्य एवं स्थानीय निकाय, विधान सभा, लोक सभा से संबंधित निर्वाचन ड्यूटी के अतिरिक्त अन्य
किसी गैर शैक्षणिक काम में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। इस संबंध में मुख्य सचिव का भी 3 सितंबर 2012 का आदेश आया था। उच्च न्यायालय ने भी शिक्षकों की ड्यूटी शैक्षिक के अलावा अन्य काम में लगाने पर रोक लगाई है। फिर भी शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ, समाजवादी पेंशन सत्यापन काम में लगाई जा रही है। शिक्षकों ने यह ड्यूटी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद शिक्षक वापस शिक्षक भवन पहुंचे। दोपहर बाद बीएसए योगराज सिंह के कार्यालय में आने पर शिक्षकों ने उन्हें
ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि ब्लाक कार्यालय लिपिक जिला मुख्यालय पर बैठते हैं। इस कारण शिक्षक वेतन, लेखा पर्ची व अन्य समस्याओं के समाधान को मुख्यालय पर आते हैं। यहां शिक्षकों को अपमानित किया जाता है। बीते दिन शिक्षक के साथ हुई अभद्रता निंदनीय है। शिक्षक नेताओं ने मांग की कि किसी भी शिक्षक को अपमानित न किए जाए। शिक्षकों की जो समस्याएं हैं, उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। सभी एनपीआरसी का मानदेय भुगतान किया जाए। अगर मानदेय
भुगतान न किया गया तो सभी एनपीआरसी सामूहिक रूप से त्यागपत्र देंगे। इस दौरान जिलामंत्री राजकिशोर शुक्ला, शशि भूषण, अवनीश चौहान, केपी सिंह, श्याम सिंह, जितेन्द्र यादव, संतोष कठेरिया, विधान चंद्र गुप्ता, अनुराग पांडेय, धर्मेश यादव, मुन्नालाल यादव, जितेन्द्र यादव, राधेश्याम शाक्य, रामऔतार शर्मा, संतोष कठेरिया समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।