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Farrukhabad News: पत्नी से नजदीकी के चलते शिक्षक ने एआरपी को मारी थी गोली
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फर्रुखाबाद। प्रधानाध्यापक पत्नी से नजदीकी के चलते शिक्षक ने बीईओ कार्यालय में साथी एआरपी के गोली मारी थी। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शिक्षक दो वर्ष से एआरपी को ठिकाने लगाने की साजिश बना रहा था। पुलिस ने उसके पास से दो तमंचे, कारतूस, सलवार सूट, हेयर बिग, दस्ताने व दुपट्टे बरामद किए हैं।
कमालगंज बीईओ कार्यालय में एआरपी विश्राम सिंह को महिला का वेष धारण कर आए अज्ञात हमलावर ने 31 जुलाई को दिनदहाड़े तमंचे से गोली मार दी थी। हमलावर गलियों से होते हुए फरार हो गया था। भाई उदयवीर ने अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने अमृतपुर सीओ रवींद्र नाथ राय, एसओजी प्रभारी जितेंद्र पटेल, सर्विलांस प्रभारी विशेष कुमार को खुलासे के लिए लगाया था। पुलिस ने कई दुकानों व एक नर्सिंग होम में लगे सीसीटीवी फुटेज देखे। नर्सिंग होम के सीसीटीवी कैमरे में हमलावर युवती के फुटेज कैद हो गए। पुलिस ने आसपास के इलाके में पूछताछ की।
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कन्या प्राइमरी स्कूल के पीछे के गेट के मकान के पास की रहने वाली महिला ने युवती के खंडहर में कपड़े बदलने की बात बताई। उसने बताया कि कपड़े बदलने वाला अधेड़ था। उसने हुलिया भी बताया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने फतेहगढ़ कोतवाली की गीतापुरम कालोनी निवासी एआरपी वीरेंद्र राजपूत को पकड़ लिया।
पूछताछ में वीरेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी मीरा देवी कन्हई नगला प्राइमरी स्कूल में प्रधानाध्यापक है। एआरपी विश्राम सिंह से पत्नी की नजदीकी होने के कारण आए दिन घर में झगड़ा होता था। इसके चलते पिछले दो वर्ष से विश्राम सिंह को ठिकाने लगाने की साजिश बना रहा था।
पुलिस ने शिक्षक वीरेंद्र की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो तमंचे, कारतूस, सलवार सूट, दस्ताने, हेयर बिग, जूते, चश्मा सहित अन्य सामान बरामद कर लिया। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने पुलिस लाइन के सभागार में घटना का खुलासा कर टीम को 25 हजार का इनाम देने की घोषणा की। इस दौरान सीओ अमृतपुर रवींद्र नाथ राय, एसओ राजेश राय आदि लोग मौजूद रहे।
इनसेट
गूगल पर पुलिस ट्रैक नहीं कर सके मोबाइल का देखा था उपाय
वीरेंद्र ने कुछ दिनों पहले गूगल पर मोबाइल फोन की लोकेशन पुलिस कैसे नहीं ट्रैक कर सकती इसका तरीका सीखा। घटना से पहले उसने मोबाइल एक साथी को दे दिया। बीईओ कार्यालय के बाथरूम में कपड़े बदले। हाथों में दस्ताने पहने और दो दुपट्टों से दोनों हाथ के तमंचे छिपा लिए। इसके बाद विश्राम सिंह पर सीधे हाथ के तमंचे से फायर किया जो कि मिस हो गया। उसके बाद उल्टे हाथ के तमंचे से फायर किया था। इससे गोली विश्राम के पेट में लग गई।
सावधान इंडिया देखकर ठिकाने लगाने की बनाई साजिश
शिक्षक वीरेंद्र कई वर्षो से सावधान इंडिया देखकर एआरपी विश्राम सिंह को ठिकाने लगाने की साजिश बना रहे थे। एक बार विश्राम को गाड़ी से कुचलने के लिए उन्होंने वाहन चालक को रुपये भी दिए थे। लेकिन यह साजिश फेल हो गई। वर्ष 2022 में वीरेंद्र ने ऑनलाइन चार हजार रुपये की हेयर बिग मंगवाई। इसके बाद पांच महीने में अलग-अलग दुकानों से सूट, जूते, दस्ताने, सहित अन्य सामान खरीदा था।
आरोपी शिक्षक की पत्नी बोली, पति लगा रहे गलत आरोप
फर्रुखाबाद। आरोपी एआरपी शिक्षक वीरेंद्र राजपूत ने पत्नी से नजदीकियां होने के कारण गोली मारने की बात पुलिस को बताई थी। वहीं, प्रधानाध्यापक पत्नी मीरा ने बताया कि पति वीरेंद्र गलत आरोप लगा रहे हैं। उनकी एआरपी विश्राम सिंह से कभी मोबाइल पर बात नहीं हुई है। वह प्रशिक्षण के दौरान ही उनसे मिली थीं। पति वीरेंद्र आए दिन शराब के नशे में मारपीट करते थे। वर्ष 2021 में फतेहगढ़ कोतवाली में पति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके बाद पति के चाचा ने दोनों पक्षों में वार्ता कराकर समझौता करा दिया था। एक वर्ष से वह पति के साथ साथ रह रही है। पति ने विश्राम सिंह को गोली क्यों मारी। इससे वह पूरी तरह अंजान हैं। (संवाद)
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कमालगंज बीईओ कार्यालय में एआरपी विश्राम सिंह को महिला का वेष धारण कर आए अज्ञात हमलावर ने 31 जुलाई को दिनदहाड़े तमंचे से गोली मार दी थी। हमलावर गलियों से होते हुए फरार हो गया था। भाई उदयवीर ने अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।
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एसपी आलोक प्रियदर्शी ने अमृतपुर सीओ रवींद्र नाथ राय, एसओजी प्रभारी जितेंद्र पटेल, सर्विलांस प्रभारी विशेष कुमार को खुलासे के लिए लगाया था। पुलिस ने कई दुकानों व एक नर्सिंग होम में लगे सीसीटीवी फुटेज देखे। नर्सिंग होम के सीसीटीवी कैमरे में हमलावर युवती के फुटेज कैद हो गए। पुलिस ने आसपास के इलाके में पूछताछ की।
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कन्या प्राइमरी स्कूल के पीछे के गेट के मकान के पास की रहने वाली महिला ने युवती के खंडहर में कपड़े बदलने की बात बताई। उसने बताया कि कपड़े बदलने वाला अधेड़ था। उसने हुलिया भी बताया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने फतेहगढ़ कोतवाली की गीतापुरम कालोनी निवासी एआरपी वीरेंद्र राजपूत को पकड़ लिया।
पूछताछ में वीरेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी मीरा देवी कन्हई नगला प्राइमरी स्कूल में प्रधानाध्यापक है। एआरपी विश्राम सिंह से पत्नी की नजदीकी होने के कारण आए दिन घर में झगड़ा होता था। इसके चलते पिछले दो वर्ष से विश्राम सिंह को ठिकाने लगाने की साजिश बना रहा था।
पुलिस ने शिक्षक वीरेंद्र की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो तमंचे, कारतूस, सलवार सूट, दस्ताने, हेयर बिग, जूते, चश्मा सहित अन्य सामान बरामद कर लिया। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने पुलिस लाइन के सभागार में घटना का खुलासा कर टीम को 25 हजार का इनाम देने की घोषणा की। इस दौरान सीओ अमृतपुर रवींद्र नाथ राय, एसओ राजेश राय आदि लोग मौजूद रहे।
इनसेट
गूगल पर पुलिस ट्रैक नहीं कर सके मोबाइल का देखा था उपाय
वीरेंद्र ने कुछ दिनों पहले गूगल पर मोबाइल फोन की लोकेशन पुलिस कैसे नहीं ट्रैक कर सकती इसका तरीका सीखा। घटना से पहले उसने मोबाइल एक साथी को दे दिया। बीईओ कार्यालय के बाथरूम में कपड़े बदले। हाथों में दस्ताने पहने और दो दुपट्टों से दोनों हाथ के तमंचे छिपा लिए। इसके बाद विश्राम सिंह पर सीधे हाथ के तमंचे से फायर किया जो कि मिस हो गया। उसके बाद उल्टे हाथ के तमंचे से फायर किया था। इससे गोली विश्राम के पेट में लग गई।
सावधान इंडिया देखकर ठिकाने लगाने की बनाई साजिश
शिक्षक वीरेंद्र कई वर्षो से सावधान इंडिया देखकर एआरपी विश्राम सिंह को ठिकाने लगाने की साजिश बना रहे थे। एक बार विश्राम को गाड़ी से कुचलने के लिए उन्होंने वाहन चालक को रुपये भी दिए थे। लेकिन यह साजिश फेल हो गई। वर्ष 2022 में वीरेंद्र ने ऑनलाइन चार हजार रुपये की हेयर बिग मंगवाई। इसके बाद पांच महीने में अलग-अलग दुकानों से सूट, जूते, दस्ताने, सहित अन्य सामान खरीदा था।
आरोपी शिक्षक की पत्नी बोली, पति लगा रहे गलत आरोप
फर्रुखाबाद। आरोपी एआरपी शिक्षक वीरेंद्र राजपूत ने पत्नी से नजदीकियां होने के कारण गोली मारने की बात पुलिस को बताई थी। वहीं, प्रधानाध्यापक पत्नी मीरा ने बताया कि पति वीरेंद्र गलत आरोप लगा रहे हैं। उनकी एआरपी विश्राम सिंह से कभी मोबाइल पर बात नहीं हुई है। वह प्रशिक्षण के दौरान ही उनसे मिली थीं। पति वीरेंद्र आए दिन शराब के नशे में मारपीट करते थे। वर्ष 2021 में फतेहगढ़ कोतवाली में पति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसके बाद पति के चाचा ने दोनों पक्षों में वार्ता कराकर समझौता करा दिया था। एक वर्ष से वह पति के साथ साथ रह रही है। पति ने विश्राम सिंह को गोली क्यों मारी। इससे वह पूरी तरह अंजान हैं। (संवाद)