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निजामुद्दीन में टैक्सी चलाने वाले युवक सहित दो को कराया आईसोलेट
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)। दिल्ली के निजामुद्दीन के आसपास टैक्सी चलाने वाले युवक को पुलिस ने सर्विलांस से ट्रेस कर पकड़ लिया। उसके दोस्त व उसे फ्लू कैंप में ले जाकर जांच कराई और शाम तीन बजे तक आइसोलेशन वार्ड में रखकर दोनों को गांव में ही क्वारंटीन प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए प्रधान की सुपुर्दगी में दिया है। उसके 13 दोस्तों की भी पुलिस तलाश कर रही है।
क्षेत्र के गांव जौरा निवासी 22 वर्षीय युवक दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास टैक्सी चलाता था। 17 मार्च को वह अपने दोस्तों के साथ गांव चला आया। निजामुद्दीनपुर स्टेशन के पास ही तब्लीगी जमात का मरकज है। जमात में शामिल कई लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। वहां से आए हर व्यक्ति की पुलिस खोजबीन कर रही है। दिल्ली के खुफिया विभाग से पुलिस को मिले मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया। इसके बाद शुक्रवार रात गांव जौरा निवासी युवक को पुलिस ने सर्विलांस से ट्रेस कर लिया। एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने इंस्पेक्टर विनय राय को टैक्सी चालक की सूचना दी। पुलिस ने टैक्सी चालक व उसके गांव के ही 22 वर्षीय दोस्त को पकड़ लिया। दोनों को एलवाई डिग्री कालेज के स्पेशल फ्लू कैंप में भेजा। टैक्सी चालक ने दिल्ली से साथ आए अपने 13 दोस्तों के भी नाम बताए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। वह घर नहीं मिले। टैक्सी चालक उसके दोस्त की फ्लू कैंप में ड्यूटी पर तैनात डॉ. मनीष रस्तोगी, डॉ. संजेश, डॉ. पीके शर्मा ने जांच की और आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया। डॉक्टर के मुताबिक उनमें कोरोना संदिग्ध के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। करीब 3 बजे कैंप प्रभारी कानूनगो सतेंद्र कटियार व व्यवस्थापक डॉ. विकास शर्मा ने दोनों को ग्राम प्रधान के सुपुर्द कर दिया और उन्हें गांव में क्वारंटीन सेंटर में रखने के लिए कहा है। इंस्पेक्टर विनय राय ने बताया कि एसपी के निर्देश पर टैक्सी चालक व उसके दोस्त को लाया गया था। उसके दोस्तों की जांच कराने के लिए उनकी तलाश की जा रही है।
दिल्ली से भेजे गए मोबाइल नबंरों की कराई गई जांच
फर्रुखाबाद। निजामुद्दीन के जमातियों की तलाश में दिल्ली पुलिस ने जिले की सर्विलांस टीम को ऐसे तीन मोबाइल नंबर भेजे थे। जो निजामुद्दीन मरकज या उसके आसपास की रेंज में आए थे। सर्विलांस की टीम ने उन मोबाइल नंबर के धारकों पुलिस की मदद से धरपकड़ शुरू की। तो पता चला कि वह जमाती नहीं हैं। उन सभी की दिल्ली व जिले में जांच हो चुकी है। सर्विलांस के प्रभारी सुरेश ने बताया कि कुल तीन मोबाइल नंबर दिल्ली पुलिस ने भेजे थे। उनकी जांच कर ली गई है। वह जमाती नहीं थे और दिल्ली के अलावा उनकी जिले में भी मेडिकल जांच हो चुकी है।
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क्षेत्र के गांव जौरा निवासी 22 वर्षीय युवक दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास टैक्सी चलाता था। 17 मार्च को वह अपने दोस्तों के साथ गांव चला आया। निजामुद्दीनपुर स्टेशन के पास ही तब्लीगी जमात का मरकज है। जमात में शामिल कई लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। वहां से आए हर व्यक्ति की पुलिस खोजबीन कर रही है। दिल्ली के खुफिया विभाग से पुलिस को मिले मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाया। इसके बाद शुक्रवार रात गांव जौरा निवासी युवक को पुलिस ने सर्विलांस से ट्रेस कर लिया। एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने इंस्पेक्टर विनय राय को टैक्सी चालक की सूचना दी। पुलिस ने टैक्सी चालक व उसके गांव के ही 22 वर्षीय दोस्त को पकड़ लिया। दोनों को एलवाई डिग्री कालेज के स्पेशल फ्लू कैंप में भेजा। टैक्सी चालक ने दिल्ली से साथ आए अपने 13 दोस्तों के भी नाम बताए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। वह घर नहीं मिले। टैक्सी चालक उसके दोस्त की फ्लू कैंप में ड्यूटी पर तैनात डॉ. मनीष रस्तोगी, डॉ. संजेश, डॉ. पीके शर्मा ने जांच की और आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया। डॉक्टर के मुताबिक उनमें कोरोना संदिग्ध के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। करीब 3 बजे कैंप प्रभारी कानूनगो सतेंद्र कटियार व व्यवस्थापक डॉ. विकास शर्मा ने दोनों को ग्राम प्रधान के सुपुर्द कर दिया और उन्हें गांव में क्वारंटीन सेंटर में रखने के लिए कहा है। इंस्पेक्टर विनय राय ने बताया कि एसपी के निर्देश पर टैक्सी चालक व उसके दोस्त को लाया गया था। उसके दोस्तों की जांच कराने के लिए उनकी तलाश की जा रही है।
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दिल्ली से भेजे गए मोबाइल नबंरों की कराई गई जांच
फर्रुखाबाद। निजामुद्दीन के जमातियों की तलाश में दिल्ली पुलिस ने जिले की सर्विलांस टीम को ऐसे तीन मोबाइल नंबर भेजे थे। जो निजामुद्दीन मरकज या उसके आसपास की रेंज में आए थे। सर्विलांस की टीम ने उन मोबाइल नंबर के धारकों पुलिस की मदद से धरपकड़ शुरू की। तो पता चला कि वह जमाती नहीं हैं। उन सभी की दिल्ली व जिले में जांच हो चुकी है। सर्विलांस के प्रभारी सुरेश ने बताया कि कुल तीन मोबाइल नंबर दिल्ली पुलिस ने भेजे थे। उनकी जांच कर ली गई है। वह जमाती नहीं थे और दिल्ली के अलावा उनकी जिले में भी मेडिकल जांच हो चुकी है।
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