{"_id":"1eddb56d324d462d50016467d8c6d61c","slug":"tails-of-the-temples-were-closed-today-celebration-hanuman-jayanti-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद रहे मंदिरों के पट, आज मनेगी हनुमान जयंती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद रहे मंदिरों के पट, आज मनेगी हनुमान जयंती
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sun, 05 Apr 2015 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण के चलते सूतक लगने से शनिवार को मंदिरों के
विज्ञापन
कपाट पूरे दिन बंद रहे। शाम को चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद कपाट खोले
गए। इसके बाद पवन सुत को स्नान कराने के बाद भोग लगाया गया। इसके बाद
मंदिरों में आरती हुई। पूजन के अलावा दूसरे धार्मिक आयोजन होते रहे। अब शहर
के प्रमुख हनुमान मंदिरों में हनुमान जयंती 5 अप्रैल को धूमधाम से मनाई
जाएगी।
4 अप्रैल को सुबह 8 बजे सूतक लग गया। इसके बाद दोपहर 3.45 से 7.15 बजे तक चंद्रग्रहण पड़ा। सूतक और चंद्रग्रहण पड़ने के चलते शहर के प्रमुख मंदिर गुरुगांव देवी मंदिर, रेलवे रोड स्थित पांडेश्वरनाथ मंदिर, मठिया देवी मंदिर, बालाजी मंदिर, शीतला देवी मंदिर बढ़पुर, अढ़तियान स्थित बड़े-बूढ़े हनुमान जी मंदिर, खतराना स्थित पीपल वाले बालाजी मंदिर और भोलेपुर स्थित हनुमान मंदिर के कपाट पूरे दिन बंद रहे। शाम को 7.15 बजे चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद कपाट खोले
गए। इसके बाद पूजन हुआ। चंद्रग्रहण के चलते घरों में भी पूजा नहीं हुई। चंद्रग्रहण पड़ने के चलते घरों में भी पूजा नहीं की गई। आरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। अब 5 अप्रैल को हनुमान मंदिरों में धूमधाम से हनुमान जयंती मनाई जाएगी। बड़े-बूढ़े हनुमान मंदिर के पुजारी राजेश औदिच्य ने बताया कि चंद्रग्रहण के कारण शनिवार को हनुमान
जयंती नहीं मनाई गई। उन्होंने बताया कि रविवार को मंदिर में सुबह 6 बजे चोला शृंगार और आरती होगी। सुबह 11 बजे हवन होगा। सायं 7 बजे सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। रेलवे रोड स्थित बालाजी मंदिर की देखरेख करने वाले पप्पू सक्सेना ने बताया कि 5 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हवन-पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
स्टाल लगा कर बांटा प्रसाद
मंदिराें के पट भले ही पूरे दिन बंद रहे लेकिन आयोजन चलते रहे। भोलेपुर के हनुमान मंदिर को सजाया गया था। यहां प्रतिभा आदर्श पब्लिक स्कूल के बच्चाें ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। 51 बच्चाें ने 11 बार पाठ किया। साधु मंदिर में ध्यान लगाए रहे। श्रद्धालुआें ने मंदिर की देहरी पर प्रसाद चढ़ाकर दीपक जलाए। मंदिर के पास ही श्रद्धालुओं ने स्टाल लगाकर प्रसाद बांटा। शहर में भी जयंती पर प्रसाद वितरण हुआ।
हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण पड़ना शुभ
हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण पड़ना काफी फलदायी है। इस अवसर पर पाठ, जप व हवन करना शुभ है। चंद्रग्रहण के समय साधक अगर किसी भी मंत्र का जप करता है तो उसका फल सिद्धिदायक होगा। इस बार हनुमान जयंती पर सुबह 8 बजे से सूतक लगने और दोपहर 3.45 से सायं 7.15 तक चंद्रग्रहण पड़ने से सुबह से ही मंदिरों के कपाट बंद रहे। वहीं आचार्य प्रदीप
नारायण शुक्ल का कहना है कि इस बार हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण पड़ना काफी शुभ रहा। हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण के बावजूद भक्त पाठ, जप और हवन कर सकते थे। उन्होंने कहा कि शाम को 7.15 बजे चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद भगवान
को भोग भी लगाया जा सकता है। चंद्रग्रहण के समय कोई भी मंत्र जप करने से इसका फल सिद्धिदायक होता है। आचार्य योगीराज दबे कहते हैं कि चंद्रग्रहण को लेकर लोगों के अपने-अपने विचार हैं। वृंदावन में लोगों ने धूमधाम से हनुमान जयंती मनाई। वहीं बनारस में मंदिरों के कपाट बंद रहे।
जयंती पर निकाली भव्य शोभायात्रा
कमालगंज में बाला जी मंदिर में शनिवार को हनुमान जयंती मनाई गई। मंदिर से झंाकियां निकाली गईं। प्रसाद वितरण भी हुआ। जवाहर नगर स्थित बाला जी मंदिर में भी विभिन्न आयोजन हुए। जयंती के मौके पर मंदिर से निकाली गई शोभायात्रा में गणेश, शंकर, रामचंद्र, सीता, सरस्वती, दुर्गा तथा हनुमान सहित लगभग एक दर्जन झांकियां शामिल रहीं।
शोभायात्रा तपस्वी वाले बाग से होते हुए गंगा गली के बूढे़ हनुमान मंदिर पहुंची। इसके बाद बाला जी मंदिर पर शोभायात्रा संपन्न हुई। इस दौरान भक्त डीजे की धुुन पर थिरकते रहे। देर शाम बाला जी मंदिर पर सुंदर कांड पाठ हुआ। इस अवसर पर राजबहादुर चौरसिया, राहुल चौरसिया, चिन्टू चौरसिया, आशीष चौरसिया, गोलू चौरसिया, रामू चौरसिया,विश्वास
चौरसिया, अमन चौरसिया, राजाबाबू वर्मा, सुनील कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
शहर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय आवास-विकास में स्वयं सेवकों ने हनुमान जयंती धूमधाम से मनाई। इस दौरान जिला संघ चालक डा. सुबोध वर्मा ने कहा कि भगवान हनुमान जैसे भक्त दूसरा कोई नहीं हो सकता। इस अवसर पर दिवाकरनंद दुबे, सुशील शाक्य, हरिश्चंद्र, वीरेंद्र कुमार, दुर्विजय सिंह और अतुल कुमार आदि मौजूद रहे।
हनुमान गढ़ी में अखंड पाठ शुरू, आज भंडारा
कायमगंज में महाभारत कालीन प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर पर परंपरानुसार अखंड पाठ की शुरुआत हुई। रविवार को अखंड पाठ के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। नगर सीमा से सटे मुडौल गांव में महाभारत कालीन प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर पर अखंड पाठ का आयोजन किया गया। चंद्रग्रहण से पहले सूतक लग जाने के कारण अखंड पाठ सुबह 5 बजे
पंडित गोपाल मिश्रा ने शुरू कराया। दर्शन करने आने वाले भक्तों को मंदिर के कपाट बंद होने से लौटना पड़ा। कार्यक्रम आयोजक पवन गुप्ता ने बताया कि रविवार को परंपरानुसार दोपहर 2 बजे से भंडारा होगा। बताया कि शहर से मंदिर तक
आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शिवाला मंदिर से हनुमान गढ़ी तक नि:शुल्क वाहन व्यवस्था की गई है। अखंड पाठ सुनने वालों में प्रमुख रूप से भुरू शुक्ला, मनोज कौशल, दीपक राज अरोड़ा, सुखदेव दुबे, सुधाकर दुबे, सुधीर गुप्ता, नरेश गुप्ता, डा. एमपी सिंह आदि के अलावा बड़ी संख्या में साधू संत मौजूद रहे।
बंद रहे मंदिरों के कपाट
कायमगंज में सूतक लगने से मंदिरों के कपाट सुबह 6 बजे बंद कर दिए गए। शाम 7.15 पर ग्रहण खत्म होने पर कपाट खुले। दोपहर 3.45 से शाम 7.15 बजे तक लगे चंद्रग्रहण से पहले सुबह 6 बजे सूतक लगने के कारण नगर के सभी मंदिरों में ताले डाल दिए गए। श्रद्धालुओं ने ग्रहण खत्म होने पर लोगों को दान किया। ग्रहण और पूर्णिमा पर गंड़ुआ, अलीगढ़, बल्लू बेहटा आदि घाटों पर गंगा स्नान करने वालों का सुबह से ही तांता लगा रहा।
4 अप्रैल को सुबह 8 बजे सूतक लग गया। इसके बाद दोपहर 3.45 से 7.15 बजे तक चंद्रग्रहण पड़ा। सूतक और चंद्रग्रहण पड़ने के चलते शहर के प्रमुख मंदिर गुरुगांव देवी मंदिर, रेलवे रोड स्थित पांडेश्वरनाथ मंदिर, मठिया देवी मंदिर, बालाजी मंदिर, शीतला देवी मंदिर बढ़पुर, अढ़तियान स्थित बड़े-बूढ़े हनुमान जी मंदिर, खतराना स्थित पीपल वाले बालाजी मंदिर और भोलेपुर स्थित हनुमान मंदिर के कपाट पूरे दिन बंद रहे। शाम को 7.15 बजे चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद कपाट खोले
गए। इसके बाद पूजन हुआ। चंद्रग्रहण के चलते घरों में भी पूजा नहीं हुई। चंद्रग्रहण पड़ने के चलते घरों में भी पूजा नहीं की गई। आरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। अब 5 अप्रैल को हनुमान मंदिरों में धूमधाम से हनुमान जयंती मनाई जाएगी। बड़े-बूढ़े हनुमान मंदिर के पुजारी राजेश औदिच्य ने बताया कि चंद्रग्रहण के कारण शनिवार को हनुमान
जयंती नहीं मनाई गई। उन्होंने बताया कि रविवार को मंदिर में सुबह 6 बजे चोला शृंगार और आरती होगी। सुबह 11 बजे हवन होगा। सायं 7 बजे सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। रेलवे रोड स्थित बालाजी मंदिर की देखरेख करने वाले पप्पू सक्सेना ने बताया कि 5 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हवन-पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
स्टाल लगा कर बांटा प्रसाद
मंदिराें के पट भले ही पूरे दिन बंद रहे लेकिन आयोजन चलते रहे। भोलेपुर के हनुमान मंदिर को सजाया गया था। यहां प्रतिभा आदर्श पब्लिक स्कूल के बच्चाें ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। 51 बच्चाें ने 11 बार पाठ किया। साधु मंदिर में ध्यान लगाए रहे। श्रद्धालुआें ने मंदिर की देहरी पर प्रसाद चढ़ाकर दीपक जलाए। मंदिर के पास ही श्रद्धालुओं ने स्टाल लगाकर प्रसाद बांटा। शहर में भी जयंती पर प्रसाद वितरण हुआ।
हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण पड़ना शुभ
हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण पड़ना काफी फलदायी है। इस अवसर पर पाठ, जप व हवन करना शुभ है। चंद्रग्रहण के समय साधक अगर किसी भी मंत्र का जप करता है तो उसका फल सिद्धिदायक होगा। इस बार हनुमान जयंती पर सुबह 8 बजे से सूतक लगने और दोपहर 3.45 से सायं 7.15 तक चंद्रग्रहण पड़ने से सुबह से ही मंदिरों के कपाट बंद रहे। वहीं आचार्य प्रदीप
नारायण शुक्ल का कहना है कि इस बार हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण पड़ना काफी शुभ रहा। हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण के बावजूद भक्त पाठ, जप और हवन कर सकते थे। उन्होंने कहा कि शाम को 7.15 बजे चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद भगवान
को भोग भी लगाया जा सकता है। चंद्रग्रहण के समय कोई भी मंत्र जप करने से इसका फल सिद्धिदायक होता है। आचार्य योगीराज दबे कहते हैं कि चंद्रग्रहण को लेकर लोगों के अपने-अपने विचार हैं। वृंदावन में लोगों ने धूमधाम से हनुमान जयंती मनाई। वहीं बनारस में मंदिरों के कपाट बंद रहे।
जयंती पर निकाली भव्य शोभायात्रा
कमालगंज में बाला जी मंदिर में शनिवार को हनुमान जयंती मनाई गई। मंदिर से झंाकियां निकाली गईं। प्रसाद वितरण भी हुआ। जवाहर नगर स्थित बाला जी मंदिर में भी विभिन्न आयोजन हुए। जयंती के मौके पर मंदिर से निकाली गई शोभायात्रा में गणेश, शंकर, रामचंद्र, सीता, सरस्वती, दुर्गा तथा हनुमान सहित लगभग एक दर्जन झांकियां शामिल रहीं।
शोभायात्रा तपस्वी वाले बाग से होते हुए गंगा गली के बूढे़ हनुमान मंदिर पहुंची। इसके बाद बाला जी मंदिर पर शोभायात्रा संपन्न हुई। इस दौरान भक्त डीजे की धुुन पर थिरकते रहे। देर शाम बाला जी मंदिर पर सुंदर कांड पाठ हुआ। इस अवसर पर राजबहादुर चौरसिया, राहुल चौरसिया, चिन्टू चौरसिया, आशीष चौरसिया, गोलू चौरसिया, रामू चौरसिया,विश्वास
चौरसिया, अमन चौरसिया, राजाबाबू वर्मा, सुनील कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
शहर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय आवास-विकास में स्वयं सेवकों ने हनुमान जयंती धूमधाम से मनाई। इस दौरान जिला संघ चालक डा. सुबोध वर्मा ने कहा कि भगवान हनुमान जैसे भक्त दूसरा कोई नहीं हो सकता। इस अवसर पर दिवाकरनंद दुबे, सुशील शाक्य, हरिश्चंद्र, वीरेंद्र कुमार, दुर्विजय सिंह और अतुल कुमार आदि मौजूद रहे।
हनुमान गढ़ी में अखंड पाठ शुरू, आज भंडारा
कायमगंज में महाभारत कालीन प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर पर परंपरानुसार अखंड पाठ की शुरुआत हुई। रविवार को अखंड पाठ के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। नगर सीमा से सटे मुडौल गांव में महाभारत कालीन प्राचीन हनुमान गढ़ी मंदिर पर अखंड पाठ का आयोजन किया गया। चंद्रग्रहण से पहले सूतक लग जाने के कारण अखंड पाठ सुबह 5 बजे
पंडित गोपाल मिश्रा ने शुरू कराया। दर्शन करने आने वाले भक्तों को मंदिर के कपाट बंद होने से लौटना पड़ा। कार्यक्रम आयोजक पवन गुप्ता ने बताया कि रविवार को परंपरानुसार दोपहर 2 बजे से भंडारा होगा। बताया कि शहर से मंदिर तक
आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शिवाला मंदिर से हनुमान गढ़ी तक नि:शुल्क वाहन व्यवस्था की गई है। अखंड पाठ सुनने वालों में प्रमुख रूप से भुरू शुक्ला, मनोज कौशल, दीपक राज अरोड़ा, सुखदेव दुबे, सुधाकर दुबे, सुधीर गुप्ता, नरेश गुप्ता, डा. एमपी सिंह आदि के अलावा बड़ी संख्या में साधू संत मौजूद रहे।
बंद रहे मंदिरों के कपाट
कायमगंज में सूतक लगने से मंदिरों के कपाट सुबह 6 बजे बंद कर दिए गए। शाम 7.15 पर ग्रहण खत्म होने पर कपाट खुले। दोपहर 3.45 से शाम 7.15 बजे तक लगे चंद्रग्रहण से पहले सुबह 6 बजे सूतक लगने के कारण नगर के सभी मंदिरों में ताले डाल दिए गए। श्रद्धालुओं ने ग्रहण खत्म होने पर लोगों को दान किया। ग्रहण और पूर्णिमा पर गंड़ुआ, अलीगढ़, बल्लू बेहटा आदि घाटों पर गंगा स्नान करने वालों का सुबह से ही तांता लगा रहा।