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निलंबित दीवान व सिपाहियों ने अब तक नही कराई आमद
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फर्रुखाबाद। जनसेवा केंद्र संचालक को पकड़कर दो लाख मांगने के आरोप में निलंबित दीवान व सिपाहियों ने अब तक पुलिस लाइन में आमद नहीं कराई है। इससे तीनों का वेतन रोक दिया गया है। तीनों पर भ्रष्टाचार के मुकदमे की कछुआ गति से जांच चल रही है।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नूरनगर निवासी जनसेवाकेंद्र संचालक रंजीत शाक्य को दस अक्तूबर को थाने के सिपाही रिंकू कुमार व दिलीप ने सर्विलांस के दीवान सत्येंद्र के कहने पर पकड़ लिया था। दोनों सिपाही रंजीत को कार में बैठाकर इधर-उधर घुमाकर छोड़ने के नाम पर दो लाख रुपये की मांग करते रहे। सिपाहियों ने उसी दिन शाम को रंजीत को आवास विकास चौकी के एक कमरे में बंद कर दिया था। रंजीत के पिता ने इस मामले में अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य से शिकायत की थी। विधायक रंजीत को छुडवाने आवास विकास चौकी पहुंचे तो दोनों सिपाही रंजीत को छोड़कर भाग गए थे।
विधायक सुशील शाक्य ने आईजी जोन मोहित अग्रवाल से इस मामले में शिकायत की। आईजी के आदेश पर दीवान सत्येंद्र यादव व सिपाही रिंकू कुमार, दिलीप को निलंबित कर दिया गया था। आवास विकास चौकी इंचार्ज विशेष कुमार, शहर कोतवाली के दीवान रामनरेश यादव, सिपाही जीतू कुमार की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर तीनों को लाइन हाजिर किया गया था। रंजीत की तहरीर पर मेरापुर थाने में दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ थाने में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया।
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मुकदमे की जांच सीओ कायमगंज सोहराब आलम कर रहे हैं। निलंबित दीवान व दोनों सिपाहियों ने अब तक पुलिस लाइन में आमद नहीं कराई है। तीनों का वेतन सीओ आफिस के आदेश पर रोक दिया गया है। मुकदमे की जांच कछ़ुआ गति से गोपनीय रूप से की जा रही है। पूछने पर सीओ सोहराब आलम ने बताया कि जांच के बारे में कोर्ट व अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी।
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मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नूरनगर निवासी जनसेवाकेंद्र संचालक रंजीत शाक्य को दस अक्तूबर को थाने के सिपाही रिंकू कुमार व दिलीप ने सर्विलांस के दीवान सत्येंद्र के कहने पर पकड़ लिया था। दोनों सिपाही रंजीत को कार में बैठाकर इधर-उधर घुमाकर छोड़ने के नाम पर दो लाख रुपये की मांग करते रहे। सिपाहियों ने उसी दिन शाम को रंजीत को आवास विकास चौकी के एक कमरे में बंद कर दिया था। रंजीत के पिता ने इस मामले में अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य से शिकायत की थी। विधायक रंजीत को छुडवाने आवास विकास चौकी पहुंचे तो दोनों सिपाही रंजीत को छोड़कर भाग गए थे।
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विधायक सुशील शाक्य ने आईजी जोन मोहित अग्रवाल से इस मामले में शिकायत की। आईजी के आदेश पर दीवान सत्येंद्र यादव व सिपाही रिंकू कुमार, दिलीप को निलंबित कर दिया गया था। आवास विकास चौकी इंचार्ज विशेष कुमार, शहर कोतवाली के दीवान रामनरेश यादव, सिपाही जीतू कुमार की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर तीनों को लाइन हाजिर किया गया था। रंजीत की तहरीर पर मेरापुर थाने में दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ थाने में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया।
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मुकदमे की जांच सीओ कायमगंज सोहराब आलम कर रहे हैं। निलंबित दीवान व दोनों सिपाहियों ने अब तक पुलिस लाइन में आमद नहीं कराई है। तीनों का वेतन सीओ आफिस के आदेश पर रोक दिया गया है। मुकदमे की जांच कछ़ुआ गति से गोपनीय रूप से की जा रही है। पूछने पर सीओ सोहराब आलम ने बताया कि जांच के बारे में कोर्ट व अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी।