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सूरत से 17 दिन में पैदल चलकर गांव पहुंचे दो भाइयों समेत 3 हुए क्वारंटीन
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कायमगंज। नवाबगंज ब्लाक के गांव रमापुर दबीर निवासी दो भाई गुजरात के सूरत में कपड़ा फैक्टरी में काम करते थे। फैक्टरी बंद होने पर वे अन्य शहरों के साथियों के साथ पैदल ही वहां से चल दिए। 17 दिन बाद रविवार को वे गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनको सोमवार को फ्लू कैंप भेज दिया। वहीं लखनपुर निवासी युवक हरियाणा से अपने गांव पहुंचा। तीनों को फ्लू कैंप में क्वारंटीन किया गया है। अलग-अलग गांव में 5 लोग बाहर से आए उनको संबंधित प्रधान के सुपुर्द कर गांव में क्वारंटीन करा दिया गया।
अलीगढ़ से सीतापुर जा रहे 19 मजदूर कंपिल में पकड़े
कंपिल। सीतापुर के 19 मजदूर मार्च में अलीगढ़ गए थे। लॉकडाउन बढ़ने पर 19 मजदूर पैदल निकल पड़े। 200 किलोमीटर सफर के दौरान पुलिस के भय से मजदूर खेतों से होते हुए कंपिल पहुंचे। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने मजदूरों की दास्तान सुनी। भूख व प्यास से परेशान मजदूरों को फल मंगवाकर पुलिस ने खाने को दिए। मजदूरों के पैरों में भी छाले पड़े थे। थानाध्यक्ष ने सभी मजदूरों को कंपिल स्थित केएसआर इंटर कॉलेज में बने क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया। थानाध्यक्ष देवेंद्र गंगवार ने बताया कि सभी मजदूरों को क्वारंटीन में रखा गया है।
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अलीगढ़ से सीतापुर जा रहे 19 मजदूर कंपिल में पकड़े
कंपिल। सीतापुर के 19 मजदूर मार्च में अलीगढ़ गए थे। लॉकडाउन बढ़ने पर 19 मजदूर पैदल निकल पड़े। 200 किलोमीटर सफर के दौरान पुलिस के भय से मजदूर खेतों से होते हुए कंपिल पहुंचे। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने मजदूरों की दास्तान सुनी। भूख व प्यास से परेशान मजदूरों को फल मंगवाकर पुलिस ने खाने को दिए। मजदूरों के पैरों में भी छाले पड़े थे। थानाध्यक्ष ने सभी मजदूरों को कंपिल स्थित केएसआर इंटर कॉलेज में बने क्वारंटीन सेंटर में भेज दिया। थानाध्यक्ष देवेंद्र गंगवार ने बताया कि सभी मजदूरों को क्वारंटीन में रखा गया है।
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