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आस्था की नगरी में कथा-भागवत की धूम

Fri, 12 Feb 2021 11:02 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2021 11:02 PM IST
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Story of faith in Bhagwat city
राम नगरिया मेला में गंगा आरती शुरू करने से पहले शंख ध्वनि करते आचार्य प्रदीप नारायन शुक्ला। - फोटो : FARRUKHABAD
आस्था की नगरी में कथा-भागवत की धूम
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फर्रुखाबाद। भागीरथी के तट पर बसी आस्था की नगरी में जगह-जगह कथा भागवत यज्ञ हो रहे हैं। गंगा आरती में दीपकों की जगमग अलग ही छठा बिखेरती है। शंख, घंटे की ध्वनि और जयकारों से कल्पवास क्षेत्र गूंज उठता है। भोर में हर-हर गंगे के उद्घोष सुनाई देते हैं।
मेला रामनगरिया में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती ही जा रही है। कल्पवासी कथा भागवत सुनकर दान कर पुण्य कमा रहे हैं। जगह-जगह भंडारे हो रहे हैं। श्रद्धालु गंगा के तट पर कथा और कन्या भोज कराकर आशीर्वाद ले रहे हैं। स्वामी शिवस्वरूप बच्चा बाबा के क्षेत्र में शतचंडी महायज्ञ का पूजन चल रहा है। नंदेश्वर महादेव का प्रतिदिन रुद्राभिषेक हो रहा है।
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स्वामी सत्यस्वरूप महाराज के आश्रम में भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। जिसमें स्वामी सत्संग महाराज ने भगवान राम की कथा का वर्णन किया। कहा कि राम और भरत जैसा भाई होना चाहिए। इस कलयुग में धन, दौलत, जमीन आदि के लिए भाई-भाई का दुश्मन बन हुआ है।
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भरत के त्याग को देखो, माता कैकेयी ने राम को 14 वर्ष का वनबास और भरत को राजगद्दी दी, लेकिन भरत ने भाई के लिए राजगद्दी त्याग दी। राजगद्दी पर भाई की चरण पादुका सिंहासन विराजमान कर महलों के सुख को त्याग दिया। नदी वन में रामनाम की माला जपने लगे।
मोबाइल ने अपनों में ही दूरियां बना दी हैं। परिवार के सदस्य एक साथ बैठे तो हैं, लेकिन मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं। कहा कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर संस्कारित बनाएं।
गंगा को स्वच्छ रखने के लिए कर रहे हैं जागरूक
श्री पंचदश नाम जूना अखाड़े अध्यक्ष सत्यगिरी महाराज साधु-संत एवं बच्चों के साथ नौका विहार करते हैं। महाराज सुबह गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के बाद कुछ साधु संतों को लेकर गंगा के किनारे चले जाते हैं। जो लोग गंगा में गंदगी डालते हैं, उनको समझाते हैं कि गंगा हमारी मां है, इसमें गंदगी न डालें। शुक्रवार को गंगा में खंडित मूर्तियां डालने रोका, उन्हें मां गंगा का महत्व समझाया।
साफ सफाई, हैंडपंप खराब होने पर जताई नाराजगी
मेले में चौथी सीढ़ी पर कल्पवास कर रहे दंडी स्वामी विष्णु नारायण महाराज ने बताया कि सफाई कर्मचारी नहीं आते। कई दिनों तक गंदगी पड़ी रहती है। शौचालय भी अभी तक नहीं बनाये गए हैं। कुछ हैंडपंप भी खराब हैं। समस्या का समाधान नहीं किया तो धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान शिवमुनी, सुरेशस्वरूप ब्रह्मचारी, शेरपुरी बाबा, विद्यास्वरूप, रामस्वरूप, शिवस्वरूप, रघुनाथ स्वरूप आदि मौजूद रहे।
रसीद न कटवाई तो कार्यलय में ले आए ठेली
मेला रामनगिरिया में नमकीन, चाट, पौकडी, चाय, चिप्स आदि के दुकानदार ब्रजेश राजपूत, सोनू, राजन, लखपति, राजेश आदि ठेली पर दुकान लगाते हैं। इन ठेलीवालों ने अभी तक रसीदें नहीं कटवाई हैं। इस कारण मेला प्रशासन के कर्मचारी ठेली खींच कर कार्यलय ले आये। दुकानदारों ने बताया कि एक-दो दिन ही ठेली लगाई है।
तीन हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। मेला प्रबंधक संदीप दीक्षित ने बताया कि मेला शुरू हुए 15 दिन हो गए लेकिन किसी ने ठेलीवाले ने रसीद नहीं कटवाई है। कर्मचारियों के बाजार पहुंचने पर ठेली लेकर भाग जाते हैं।
वैदिक क्षेत्र में चरित्र निर्माण शिविर लगाया
फर्रुखाबाद। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से वैदिक क्षेत्र में चरित्र निर्माण शिविर का आयोजन पीसीएफ के उपमहाप्रबंधक प्रमोद कुमार यादव की अध्यक्षता में किया गया। आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने ईश्वर के नाम पर फैले पाखंड को दूर किया। मानव जीवन का उद्देश्य ईश्वर की भक्ति व मानव सेवा करते हुए मोक्ष प्राप्त करना है।

आचार्य ओमदेव ने कहा कि दयानंद सरस्वती नारी जाति के सबसे बड़े मसीहा था। कहा कि बाल विवाह, सती प्रथा, बहुविवाह को बंद कराया और विधवा विवाह शुरू कराया। प्रमोद यादव ने भी संबोधित किया। इस मौके पर शिवनरायण आर्य, मानदेव आर्य, लाखन सिंह, सुधांशु, धर्मवीर आर्य, लालाराम आर्य, भास्कर दत्त द्विवेदी आदि थे।
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