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Farrukhabad News: कहीं डॉक्टर तो कहीं एलटी गायब, दवा के लाले
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फर्रुखाबाद। जनपद में रविवार को सीएचसी व पीएचसी पर लगा आयुष्मान मेला अव्यवस्थाओं से भरा रहा। कहीं डॉक्टर नहीं पहुंचे तो कहीं एलटी नदारद रहने से मरीजों की जांच नहीं हो सकी। मरीजों के लिए खांसी का सीरप व खुजली के मरहम के भी लाले रहे।
सरकार जहां आयुष्मान मेले के जरिये बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास कर रही है तो जिम्मेदार इसमें रुचि नहीं ले रहे। शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आईटीआई में डॉक्टर पहुंचीं नहीं और एलटी की तैनाती नहीं है। मौजूद स्टाफ नर्स अरुणा ने 11 मरीज देखकर उन्हें दवा दी। पीएचसी नवदिया फतेहगढ़ में एलटी तैनात न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी।
बढ़पुर ब्लाॅक की एकमात्र पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही है। आयुष्मान मेला में डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता व फार्मासिस्ट अरविंद यादव ने कुल 53 मरीज देखे। एलटी न होने से बुखार के 10 मरीजों में किसी की जांच नहीं हो सकी।
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नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा स्थित सीएचसी में डॉ.गौरव कुमार राजपूत ने 45 मरीज देखे। यहां अधीक्षक डॉ. लोकेश शर्मा पहुंचे ही नहीं। दोपहर दो बजे के बाद कोई मरीज न आने से डॉक्टर व कर्मचारी भी चले गए। पीएचसी खलवारा में डॉ. जसवीर सिंह ने 29 मरीज देखे। दोनों जगह मरीजों को खांसी के सीरप व खुजली ट्यूब नहीं मिले।
कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार सीएचसी में लगे आयुष्मान मेले में डॉ. अमित कुमार ने मरीज देखे। ज्यादातर मरीज सर्दी जुकाम, बुखार खांसी और मांसपेशियों के दर्द के थे। 122 मरीजों को दवा के साथ सर्दी से बचाव का परामर्श दिया गया। शिविर में काउंसलर ज्योति गुप्ता, स्टाफ नर्स ममता सिंह व हेमलता गंगवार आदि मौजूद रहे।
फार्मासिस्ट के भरोसे आयुष्मान मेला
शमसाबाद। क्षेत्र के पीएचसी फैजबाग में कोई डॉक्टर नहीं था। फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने 63 मरीज देखकर दवा दी। एलटी न होने से मरीजों की जांच नहीं हो सकी। पीएचसी चिलसरा में भी डॉक्टर न होने से फार्मासिस्ट नरेंद्र कुमार ने 58 मरीज देखकर दवा दी। एलटी देवेश कुमार ने 12 मरीजों की जांच की। (संवाद)
1705 मरीजों को बांटी गई दवा
जनपद के सभी अस्पतालों में 1705 मरीजों को उपचार दिया गया। कहीं अगर चिकित्सक व फार्मासिस्ट नहीं पहुंचे तो उसे दिखवाकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ.दलवीर सिंह, एसीएमओ
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सरकार जहां आयुष्मान मेले के जरिये बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास कर रही है तो जिम्मेदार इसमें रुचि नहीं ले रहे। शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आईटीआई में डॉक्टर पहुंचीं नहीं और एलटी की तैनाती नहीं है। मौजूद स्टाफ नर्स अरुणा ने 11 मरीज देखकर उन्हें दवा दी। पीएचसी नवदिया फतेहगढ़ में एलटी तैनात न होने से किसी मरीज की जांच नहीं हो सकी।
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बढ़पुर ब्लाॅक की एकमात्र पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही है। आयुष्मान मेला में डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता व फार्मासिस्ट अरविंद यादव ने कुल 53 मरीज देखे। एलटी न होने से बुखार के 10 मरीजों में किसी की जांच नहीं हो सकी।
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नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा स्थित सीएचसी में डॉ.गौरव कुमार राजपूत ने 45 मरीज देखे। यहां अधीक्षक डॉ. लोकेश शर्मा पहुंचे ही नहीं। दोपहर दो बजे के बाद कोई मरीज न आने से डॉक्टर व कर्मचारी भी चले गए। पीएचसी खलवारा में डॉ. जसवीर सिंह ने 29 मरीज देखे। दोनों जगह मरीजों को खांसी के सीरप व खुजली ट्यूब नहीं मिले।
कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार सीएचसी में लगे आयुष्मान मेले में डॉ. अमित कुमार ने मरीज देखे। ज्यादातर मरीज सर्दी जुकाम, बुखार खांसी और मांसपेशियों के दर्द के थे। 122 मरीजों को दवा के साथ सर्दी से बचाव का परामर्श दिया गया। शिविर में काउंसलर ज्योति गुप्ता, स्टाफ नर्स ममता सिंह व हेमलता गंगवार आदि मौजूद रहे।
फार्मासिस्ट के भरोसे आयुष्मान मेला
शमसाबाद। क्षेत्र के पीएचसी फैजबाग में कोई डॉक्टर नहीं था। फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने 63 मरीज देखकर दवा दी। एलटी न होने से मरीजों की जांच नहीं हो सकी। पीएचसी चिलसरा में भी डॉक्टर न होने से फार्मासिस्ट नरेंद्र कुमार ने 58 मरीज देखकर दवा दी। एलटी देवेश कुमार ने 12 मरीजों की जांच की। (संवाद)
1705 मरीजों को बांटी गई दवा
जनपद के सभी अस्पतालों में 1705 मरीजों को उपचार दिया गया। कहीं अगर चिकित्सक व फार्मासिस्ट नहीं पहुंचे तो उसे दिखवाकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ.दलवीर सिंह, एसीएमओ