फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Six animals died, 30 sick due to disease outbreak

बीमारी फैलने से छह पशु मरे, 30 बीमार

Sat, 29 Jan 2022 11:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 11:09 PM IST
विज्ञापन
Six animals died, 30 sick due to disease outbreak
शिवराज शाक्य। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
कायमगंज। क्षेत्र के गांव सत्तार नगर में एक सप्ताह में खुरपका-मुंहपका बीमारी ने छह मवेशियों की जान ले ली है। गांव में 30 से अधिक मवेशी बीमार हैं। साथ ही पशुपालकों को मृत मवेशियों को उठवाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे पशुपालक परेशान हैं।
विज्ञापन

इस साल मवेशियों का टीकाकरण न होने की वजह से अधिकांश गांवों के मवेशी खुरपका-मुंहपका बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। मवेशियों के मरने की सूचनाएं आए दिन मिल रही हैं। शनिवार को गांव सत्तार निवासी शिवराज शाक्य ने भैंस को बाड़े से बाहर निकाला तो बेहोश होकर गिर पड़ी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इससे पहले उनके चार मवेशी मर चुके हैं। गांव में एक सप्ताह में छह मवेशियों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

गांव के 30 मवेशी बीमारी की चपेट में हैं। मवेशियों के मरने के बाद पशुपालकों को उन्हें उठवाने के लिए 1000 रुपये देने पड़ रहे हैं। न देने पर ठेकेदार मृत मवेशी उठाने से मना कर देता है। शिवराज की भैंस मरने पर उसे उठाने के लिए 1000 रुपये मांगे तो वे अड़ गए और कहा पैसा नहीं देंगे इससे पहले वे दे चुके हैं। ग्रामीण मृत मवेशी सड़क पर रखकर जाम लगाने की कहने लगे। बाद में 600 रुपये लेकर ठेकेदार मवेशी उठाने के लिए तैयार हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

ठेकेदार शादाब ने बताया कि ठेका खत्म हो गया है। अब मवेशियों की खाल की मांग नहीं है। पहले लाभ था। किराए भाड़े के लिए पशुपालकों से खर्च ले लिया जाता है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुखदेव सिंह शाक्य ने बताया कि पशुओं में अब बीमारी घट गई है। यदि किसी गांव में पशु बीमार हैं तो टीम भेजकर इलाज कराया जाएगा। सत्तार नगर में भी जल्द कैंप लगाकर पशुओं का इलाज किया जाएगा।
गांव सत्तार नगर निवासी पशुपालक शिवराज शाक्य ने बताया कि एक सप्ताह में उनके पांच मवेशियों की मौत हो चुकी है। इससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। इसके बाद मृत मवेशियों को उठाने के लिए भी रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। शनिवार को मवेशी उठाने के लिए ठेकेदार से काफी झंझट हुई फिर भी 600 रुपये देने पड़े।

गांव के विजय सिंह ने बताया कि मवेशियों में फैली बीमारी पशुपालकों का काफी नुकसान कर रही है। इसकी रोकथाम होना बहुत जरूरी है। ऐसे तो पशुपालक बर्बाद हो जाएंगे। गांव में तो मवेशी ही लोगों के रोजी रोटी का जरिया हैं।

विजय सिंह। संवाद

विजय सिंह। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed