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बजट में किसानों और नौजवानों को साधा
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Sun, 14 Feb 2016 11:24 PM IST
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फर्रुखाबाद। प्रदेश सरकार ने बजट में किसानों और नौजवानों को साधने का प्रयास किया है। व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मिशन के तहत विभिन्न ट्रेडों में युवाओं को प्रशिक्षण देकर नौजवानों के लिए रोजगार के रास्ते खोले हैं। वहीं, कृषि एवं ग्राम विकास के लिए भी करोड़ों का बजट पास किया है। लोगों से बातचीत के आधार पर अमर उजाला की रपट:-।
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डा. यश प्रताप सिंह कहते हैं कि चिकित्सा, स्वास्थ्य पर 19 हजार करोड़ रुपये खर्च होने से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था और भी आधुनिक होंगी। गरीबों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं मिलेंगी।
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किसान प्रदीप सिंह कहते हैं कि प्रदेश सरकार ने कृषि के लिए जो बजट प्रस्तावित किया है। उससे किसानों को काफी लाभ मिलेगा। किसान जब खुशहाल होगा, तभी देश तरक्की करेगा।
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कारोबारी मोहम्मद इस्लाम कहते हैं कि यह चुनावी बजट लग रहा है। इसमें कारोबारियों के लिए कोई भी राहत नहीं दी गई है। रिंकू कटियार कहते हैं कि प्रदेश सरकार का बजट विकास की चाशनी में डूबा हुआ है। इससे आम जनमानस और व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिलेगी।
बजट चुनावी चासनी से लिपटा
फर्रुखाबाद। अर्थ शास्त्री डा. एमएस सिद्दीकी ने बजट को चुनावी चासनी में लिपटा विकासोन्मुख बजट कहा है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष बल दिया गया है। बजट का फोकस कृषि एवं ग्रामीण विकास पर भी है। सरकार की प्राथमिकता सूची में युवा वर्ग है। इसीलिए व्यवसायिक शिक्षा द्वारा तीन लाख युवाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव बजट किया गया।
वृद्धा अवस्था पेंशन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पेंशन के आवंटन में वृद्धि द्वारा मुख्यमंत्री ने बजट को मानवीय चेहरा प्रदान करने की कोशिश की है। बजट में शहरी विकास पर कम ध्यान दिया गया। इस मद में मात्र 149 करोड़ रुपये का आवंटन अपर्याप्त है। प्रदेश में उद्योग के बजट में सरकार कम गंभीर लगी, जबकि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में इंडस्ट्री पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता थी। बजट में वैट दस फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव है। इससे आम आदमी प्रभावित होगा। डा. सिद्दीकी ने कहा कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष बजट के आकार में 14.6 फीसदी का इजाफा किया जाएगा। महंगाई के इस दौर में ऐसा करना स्वाभाविक भी है।