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Farrukhabad News: बाइकों की भिड़ंत में सिलाई कारीगर की मौत
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फर्रुखाबाद। बदायूं मार्ग पर जरियनपुर के पास बाइकों की आमने-सामने हुई भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई। हेलमेट न लगाए होने से सिर में गंभीर चोटें आईं। युवक चचेरी बहनों की शादी में शामिल होने के लिए बहन को बुलाने उसकी ससुराल जा रहा था।
अमृतपुर थाने के गांव बहादुरपुर निवासी आदेश राजपूत (20) दिल्ली में सिलाई का काम करता था। उसके चाचा ब्रजेश और विवेक की बेटियों की 10 व 11 जुलाई को शादी है। लिहाजा वह बहन बबली को बुलाने बाइक से मिर्जापुर थाने के गांव बिचोला जा रहा था। बाइक जरियनपुर के पास पहुंची, तो सामने से आ रही दूसरी बाइक से टक्कर हो गई।
हेलमेट न लगे होने से आदेश के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसे जरियनपुर के बाद लोहिया अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। आदेश के पिता सुभाष राजपूत की दो शादियां हुई थीं। पहली शादी से पुत्र देवेंद्र, जूली और बबली हैं, जबकि दूसरी पत्नी मन्नी देवी के आदेश और पम्मी हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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राजेपुर थाने में लोगों को बैठाया, लोहिया में बुलाई पुलिस
दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग राजेपुर सीएचसी की ओर पहुंचे। रास्ते में एक एंबुलेंस मिलने पर परिजनों को उसमें घायल आदेश होने का शक हुआ। इस पर जबरन एंबुलेंस रोक ली। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों को थाने में बैठाकर एंबुलेंस अस्पताल भेज दी। इधर, लोहिया अस्पताल में डॉक्टर ने जैसे ही आदेश को मृत घोषित किया, तो परिजन शव की खींचतान करने लगे। इस पर डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी को पुलिस बुलानी पड़ी। तब मामला शांत हुआ।
इमरजेंसी से गायब रहते गार्ड
लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में गार्डों की कागजों में ड्यूटी लगाई जाती। हंगामे के दौरान एक भी गार्ड नहीं था। ड्यूटी डॉक्टर ने इसकी सूचना प्रभारी विवेक राना को दी। पता चला कि ड्यूटी लगाने में गड़बड़ी के चलते कोई गार्ड इमरजेंसी नहीं पहुंच रहे हैं।
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अमृतपुर थाने के गांव बहादुरपुर निवासी आदेश राजपूत (20) दिल्ली में सिलाई का काम करता था। उसके चाचा ब्रजेश और विवेक की बेटियों की 10 व 11 जुलाई को शादी है। लिहाजा वह बहन बबली को बुलाने बाइक से मिर्जापुर थाने के गांव बिचोला जा रहा था। बाइक जरियनपुर के पास पहुंची, तो सामने से आ रही दूसरी बाइक से टक्कर हो गई।
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हेलमेट न लगे होने से आदेश के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसे जरियनपुर के बाद लोहिया अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। आदेश के पिता सुभाष राजपूत की दो शादियां हुई थीं। पहली शादी से पुत्र देवेंद्र, जूली और बबली हैं, जबकि दूसरी पत्नी मन्नी देवी के आदेश और पम्मी हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
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राजेपुर थाने में लोगों को बैठाया, लोहिया में बुलाई पुलिस
दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग राजेपुर सीएचसी की ओर पहुंचे। रास्ते में एक एंबुलेंस मिलने पर परिजनों को उसमें घायल आदेश होने का शक हुआ। इस पर जबरन एंबुलेंस रोक ली। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों को थाने में बैठाकर एंबुलेंस अस्पताल भेज दी। इधर, लोहिया अस्पताल में डॉक्टर ने जैसे ही आदेश को मृत घोषित किया, तो परिजन शव की खींचतान करने लगे। इस पर डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी को पुलिस बुलानी पड़ी। तब मामला शांत हुआ।
इमरजेंसी से गायब रहते गार्ड
लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में गार्डों की कागजों में ड्यूटी लगाई जाती। हंगामे के दौरान एक भी गार्ड नहीं था। ड्यूटी डॉक्टर ने इसकी सूचना प्रभारी विवेक राना को दी। पता चला कि ड्यूटी लगाने में गड़बड़ी के चलते कोई गार्ड इमरजेंसी नहीं पहुंच रहे हैं।