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जड़ी बूटियों से महकेंगे स्कूल और कब्रिस्तान
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Sat, 26 Dec 2015 11:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। पर्यावरण और सेहत सुरक्षा के लिए स्कूल, कब्रिस्तान और सार्वजनिक जगहों पर हर्बल गार्डन बनेंगे। इनमें जड़ी-बूटियां रोपी जाएंगी। ग्रीन हर्बल सेंटर की स्थापना के लिए होमवर्क शुरू कर दिया गया है।
जनपद स्तर पर वन क्षेत्र घटता जा रहा है। वाहनों से निकलते धुएं से हवाएं जहरीली होती जा रही हैं। यह सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सूबे की सरकार को पर्यावरण सुरक्षा के लिए चेताया है। इस आदेश को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस योजना के तहत अस्पतालों, स्कूलों, सार्वजनिक पार्कों, कब्रिस्तानों में ग्रीन हर्बल सेंटर यूनिट जड़ी बूटियां और पौधे लगवाएगी।
पर्यावरण रक्षा के लिए धनवंतरि एवं नवग्रह वाटिका नाम से ही जड़ी-बूटियों का बगीचा लगाया जाएगा। पौधे रोपने वाली जगहों की दीवारों को हरे रंग से पुतवाया जाएगा। योजना को साकार रूप देने के लिए कर्मचारियों की तैनाती होगी। प्रचार-प्रसार के लिए साइनबोर्ड लगेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में हर्बल गार्डेन के लिए मनरेगा का सहारा लिया जाएगा। जनता को जागरूक करने के लिए गोष्ठियां और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस योजना के लिए जिला प्रशासन ने होमवर्क शुरू कर दिया है।
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इन्हें मिली जिम्मेदारी
हर्बल गार्डेन स्थापना के लिए क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधीक्षक सुर्जनलाल को प्रथम एवं डा. मोहम्मद मोहसिन को द्वितीय नोडल अधिकारी बनाया गया है। द्वितीय नोडल अधिकारी डा. मोहम्मद मोहसिन ने बताया कि योजना को साकार रूप देने के लिए जिलाधिकारी ने राजेपुर ब्लाक में पांच एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही वन विभाग से सहयोग करने के आदेश दिए हैं।
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जनपद स्तर पर वन क्षेत्र घटता जा रहा है। वाहनों से निकलते धुएं से हवाएं जहरीली होती जा रही हैं। यह सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सूबे की सरकार को पर्यावरण सुरक्षा के लिए चेताया है। इस आदेश को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस योजना के तहत अस्पतालों, स्कूलों, सार्वजनिक पार्कों, कब्रिस्तानों में ग्रीन हर्बल सेंटर यूनिट जड़ी बूटियां और पौधे लगवाएगी।
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पर्यावरण रक्षा के लिए धनवंतरि एवं नवग्रह वाटिका नाम से ही जड़ी-बूटियों का बगीचा लगाया जाएगा। पौधे रोपने वाली जगहों की दीवारों को हरे रंग से पुतवाया जाएगा। योजना को साकार रूप देने के लिए कर्मचारियों की तैनाती होगी। प्रचार-प्रसार के लिए साइनबोर्ड लगेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में हर्बल गार्डेन के लिए मनरेगा का सहारा लिया जाएगा। जनता को जागरूक करने के लिए गोष्ठियां और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस योजना के लिए जिला प्रशासन ने होमवर्क शुरू कर दिया है।
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इन्हें मिली जिम्मेदारी
हर्बल गार्डेन स्थापना के लिए क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधीक्षक सुर्जनलाल को प्रथम एवं डा. मोहम्मद मोहसिन को द्वितीय नोडल अधिकारी बनाया गया है। द्वितीय नोडल अधिकारी डा. मोहम्मद मोहसिन ने बताया कि योजना को साकार रूप देने के लिए जिलाधिकारी ने राजेपुर ब्लाक में पांच एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही वन विभाग से सहयोग करने के आदेश दिए हैं।