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पांडवों की तपस्थली पर किया रुद्राभिषेक
फर्रुखाबाद
Updated Wed, 24 May 2017 10:20 PM IST
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पांडवों की तपस्थली पर किया रुद्राभिषेक
फर्रुखाबाद। महाभारत काल में पांडवों की तपस्थली रहे पांडेश्वरनाथ मंदिर में प्रवेश करते ही स्वामी रामभद्राचार्य ने गुरु द्रोण द्वारा स्थापित किए गए शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया। मेहंदीपुर वाले बालाजी को नमन किया। महाभारतकाल में अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने सबसे ज्यादा दिन फर्रुखाबाद में ही बिताए थे। वह जिस स्थान पर रहे, उसे आज भी पंडाबाग के नाम से जाना जाता है। पंडाबाग में ही पांडवों के गुरु द्रोण ने कुंती की पूजा अर्चना के लिए शिवलिंग की स्थापना की थी। हालांकि स्वामी रामभद्राचार्य जन्मांध हैं। इसके बाद भी उन्होंने वहां की चहलकदमी से मंदिर की भव्यता और भक्तों की भीड़ का एहसास किया। इस मौके पर मंदिर कमेटी के मैनेजर अवधेश दीक्षित, कैलाश गुप्ता, अनिल तिवारी, सौरभ दुबे, विजय मिश्रा, अतुल रस्तोगी, मनीष रस्तोगी, नवीन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
महिलाओं ने की पुष्पवर्षा
फर्रुखाबाद। स्वामी रामभद्राचार्य के आते ही महिलाओं ने उन पर पुष्पवर्षा की और मेहंदीपुर वाले बालाजी के दर्शन कर मनौती मांगी। महिलाएं स्वामी रामभद्राचार्य के आगमन की बात सुनकर सुबह से ही पांडेश्वनाथ मंदिर पहुंच गईं। इसदौरान शशीकला, मीरा देवी, आशा शुक्ला, कविता गुप्ता, सलोनी राठौर, शिवांगी गुप्ता, शक्ति गुप्ता आदि मौजूद रहीं।
पैर छूने को लेकर धक्का मुक्की
फर्रुखाबाद। स्वामी रामभद्राचार्य के आते ही पांडेश्वरनाथ मंदिर में अफरातफरी का माहौल हो गया। उनके पैर छूने के लिए लोगों में होड़ लग गई। नतीजतन भक्त धक्का मुक्की करने लगे। मंदिर कमेटी ने जैसे तैसे लोगों को नियंत्रित कर रामभद्राचार्य के दर्शन कराए।
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फर्रुखाबाद। महाभारत काल में पांडवों की तपस्थली रहे पांडेश्वरनाथ मंदिर में प्रवेश करते ही स्वामी रामभद्राचार्य ने गुरु द्रोण द्वारा स्थापित किए गए शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया। मेहंदीपुर वाले बालाजी को नमन किया। महाभारतकाल में अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने सबसे ज्यादा दिन फर्रुखाबाद में ही बिताए थे। वह जिस स्थान पर रहे, उसे आज भी पंडाबाग के नाम से जाना जाता है। पंडाबाग में ही पांडवों के गुरु द्रोण ने कुंती की पूजा अर्चना के लिए शिवलिंग की स्थापना की थी। हालांकि स्वामी रामभद्राचार्य जन्मांध हैं। इसके बाद भी उन्होंने वहां की चहलकदमी से मंदिर की भव्यता और भक्तों की भीड़ का एहसास किया। इस मौके पर मंदिर कमेटी के मैनेजर अवधेश दीक्षित, कैलाश गुप्ता, अनिल तिवारी, सौरभ दुबे, विजय मिश्रा, अतुल रस्तोगी, मनीष रस्तोगी, नवीन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
महिलाओं ने की पुष्पवर्षा
फर्रुखाबाद। स्वामी रामभद्राचार्य के आते ही महिलाओं ने उन पर पुष्पवर्षा की और मेहंदीपुर वाले बालाजी के दर्शन कर मनौती मांगी। महिलाएं स्वामी रामभद्राचार्य के आगमन की बात सुनकर सुबह से ही पांडेश्वनाथ मंदिर पहुंच गईं। इसदौरान शशीकला, मीरा देवी, आशा शुक्ला, कविता गुप्ता, सलोनी राठौर, शिवांगी गुप्ता, शक्ति गुप्ता आदि मौजूद रहीं।
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पैर छूने को लेकर धक्का मुक्की
फर्रुखाबाद। स्वामी रामभद्राचार्य के आते ही पांडेश्वरनाथ मंदिर में अफरातफरी का माहौल हो गया। उनके पैर छूने के लिए लोगों में होड़ लग गई। नतीजतन भक्त धक्का मुक्की करने लगे। मंदिर कमेटी ने जैसे तैसे लोगों को नियंत्रित कर रामभद्राचार्य के दर्शन कराए।
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