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बीमार पत्नी को ब्लड देने आ रहे युवक को लूटा
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बीमार पत्नी को खून देने आ रहे युवक को लूटा
फर्रुखाबाद। बीमार पत्नी को खून देने आ रहे युवक को जहरखुरान गिरोह ने शिकार बना लिया। खोजबीन करते पहुंचे परिजनों को रोडवेज बस स्टैंड पर वह बेहोश पड़ा मिला। परिजन उसे इलाज के लिए ले गए।
कायमगंज के गांव सुभानपुर निवासी सिराजुद्दीन (27) दिल्ली में काम करता है। बीते दिन उसकी पत्नी की तबीयत खराब हो गई, तो परिजनों ने लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने खून की जरूरत बताई, तो ब्लड बैंक में उसके ग्रुप का खून नहीं मिला।
सिराजुद्दीन का ब्लड ग्रुप समान होने से परिजनों ने उसे दिल्ली से अस्पताल बुलाया था। भाई दिलशाद ने बताया कि सिराजुद्दीन से रात 12 बजे तक बात हुई। वह रास्ते में था। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। परिजन सुबह से कई बार बस स्टैंड गए, मगर कुछ पता नहीं चला।
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दोपहर करीब 12 बजे दिलशाद फिर पहुंचे, तो वह बेहोशी की हालत में बरामदे में पड़ा मिला। भाई ने बताया कि उसके पास मोबाइल, नगदी, कपड़े कुछ भी नहीं हैं। वह अस्पताल लेकर चले गए। पीआरडी जवान ने बताया कि सुबह 10 बजे युवक पेड़ के नीचे लेटा था। उसे कुछ होश आ रहा था। नाम, पता पूछने पर नहीं बता सका। इसके बाद उसे पंखे के नीचे लिटा दिया था।
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फर्रुखाबाद। बीमार पत्नी को खून देने आ रहे युवक को जहरखुरान गिरोह ने शिकार बना लिया। खोजबीन करते पहुंचे परिजनों को रोडवेज बस स्टैंड पर वह बेहोश पड़ा मिला। परिजन उसे इलाज के लिए ले गए।
कायमगंज के गांव सुभानपुर निवासी सिराजुद्दीन (27) दिल्ली में काम करता है। बीते दिन उसकी पत्नी की तबीयत खराब हो गई, तो परिजनों ने लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने खून की जरूरत बताई, तो ब्लड बैंक में उसके ग्रुप का खून नहीं मिला।
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सिराजुद्दीन का ब्लड ग्रुप समान होने से परिजनों ने उसे दिल्ली से अस्पताल बुलाया था। भाई दिलशाद ने बताया कि सिराजुद्दीन से रात 12 बजे तक बात हुई। वह रास्ते में था। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। परिजन सुबह से कई बार बस स्टैंड गए, मगर कुछ पता नहीं चला।
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दोपहर करीब 12 बजे दिलशाद फिर पहुंचे, तो वह बेहोशी की हालत में बरामदे में पड़ा मिला। भाई ने बताया कि उसके पास मोबाइल, नगदी, कपड़े कुछ भी नहीं हैं। वह अस्पताल लेकर चले गए। पीआरडी जवान ने बताया कि सुबह 10 बजे युवक पेड़ के नीचे लेटा था। उसे कुछ होश आ रहा था। नाम, पता पूछने पर नहीं बता सका। इसके बाद उसे पंखे के नीचे लिटा दिया था।