फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Ramganga has cut 250 bigha farm, water flowing in the streets in farrukhabad

रामगंगा ने 250 बीघा खेत काटे, सड़कों में बह रहा पानी

Sun, 19 Aug 2018 10:34 PM IST
फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद Updated Sun, 19 Aug 2018 10:34 PM IST
विज्ञापन
Ramganga has cut 250 bigha farm, water flowing in the streets in farrukhabad
कटी पुलिया - फोटो : अमर उजाला
रामगंगा का जलस्तर कम होने के बाद भी अमृतपुर तहसील के कई गांवों में करीब 250 बीघा खेत कट गए हैं। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने से आंतर गांव किनारे पानी पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों को चिंता सताने लगी है। रविवार को गंगा में 1.53 लाख और रामगंगा में आठ हजार क्यूसेक पानी छोड़ गया।
विज्ञापन


इससे गंगा का जलस्तर 136.80 से बढ़कर 136.85 और रामगंगा का जलस्तर 136.80 से घटकर 136.70 मीटर पहुंच गया। जलस्तर घटने के बावजूद रामगंगा ने कोलासोता, अलादपुर, रेगांपुर, विरसिंहपुर और भटौली में कटान शुरू कर दी है। इन गांवों में रहने वाले संजीव कुमार, रजनेश कुमार, ब्रजपाल, बड़े, शिवमंगल और रामस्वरूप आदि किसानों का कहना है कि रामगंगा से उन लोगों के करीब 250 बीघा खेत कट गए हैं। वहीं, ग्राम सभा आंतर में बने पूर्व माध्यमिक विद्यालय में गंगा का पानी घुस गया है। गांव किनारे गंगा का पानी आने से ग्रामीणों को बाढ़ का डर सताने लगा है। गंगा का पानी ईमादपुर सोमवंशी-गौटिया और गौटिया-सबलपुर मार्ग पर सड़क के ऊपर से बह रहा है। ईमादपुर सोमवंशी गांव के पास बनी पुलिया भी गंगा के पानी से कटने लगी है।
विज्ञापन


नगरिया व कटरी तौफीक में झोपड़ियों में घुसा पानी
ब्लाक क्षेत्र की ग्राम सभा नगरिया व कटरी तौफीक में गंगा का पानी झोपड़ियों के अंदर घुस गया है। इसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी घुसने से ग्रामीणों ने जागकर रात गुजारी। गंगा का जलस्तर बढ़ने से शनिवार रात नगरिया गांव में झब्बूलाल, रामप्रकाश, अनोखेला, कल्लू, दुर्विजय, प्रहलाद और पप्पू आदि ग्रामीणों की झोपड़ियों में पानी घुस गया। झोपड़ियों में पानी घुसने के चलते महिलाओं ने तख्त आदि पर चूल्हे रखकर भोजन बनाया। ग्रामीणों का कहना था कि अगर एक-दो दिन में पानी कम न हुआ तो पलायन कर बाढ़ शरणालय में जाएंगे। उन्होंने कहा कि पानी घुसने से घरेलू सामान भी भीग गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह कटरी तौफीक में अमर सिंह, मुन्नालाल, कमलेश और शिवनरायन आदि की झोपड़ियों में भी पानी घुस गया। मुन्नालाल, कमलेश आदि ग्रामीणों का कहना था कि पिछले साल भी झोपड़ियों में पानी घुसा था, जिससे पलायन करने को मजबूर हुए थे। इस बार भी यही स्थिति बन रही है। यदि बाढ़ का पानी कम न हुआ तो संतोषापुर और चिलसरा गांव में बने शरणालयों में जाने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed