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एआरटीओ कार्यालय में बैक डेट में लाइसेंस बनवाने का खेल

Mon, 06 Jan 2020 11:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2020 11:09 PM IST
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Raised broker to build DL on back date
एआरटीओ कार्यालय में बैक डेट में लाइसेंस बनवाने का खेल अब तक चल रहा है। स्वाट टीम ने शिकायत मिलने पर एक दलाल को हिरासत में ले लिया है। उसने मैनपुरी के युवक का फर्जी लाइसेंस बनवाया था। इस खेल में जिले के अलावा कानपुर आरटीओ कार्यालय में काम करने वाले प्राइवेट कर्मचारी भी शामिल हैं।
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ड्राइविंग लाइसेंस के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए तत्कालीन एआरटीओ कयूम अली के प्रयास से ड्राइविंग लाइसेंस का वर्ष 2000 से 2012 तक का रिकार्ड कानपुर के आरटीओ कार्यालय में जमा करवा दिया गया था। तब तीस हजार से अधिक लाइसेंस फर्जी पाए गए थे। इसके बाद रिकार्ड कंप्यूटरीकृत हो गया।
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अधिकारियों को लगा कि फर्जीवाड़े से राहत मिल गई लेकिन दलालों व प्राइवेट कर्मियों ने उसका भी तोड़ निकाल लिया। दलालों का एक गुट ग्राहक मिलने पर प्रपत्र नंबर छह पर वर्ष 2012 से पहले का फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस मुहर लगाकर तैयार कर देता है। रिकार्ड कानपुर आरटीओ में जमा होने से वहां से इसके संबंध में सत्यापन रिपोर्ट मांगी जाती है।
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कानपुर कार्यालय के रिकार्ड पटल के लिपिक व वहां कार्यरत प्राइवेट कर्मचारी रिपोर्ट लगाकर भेज देते हैं कि संबंधित लाइसेंस का रिकार्ड सही है। इस रिपोर्ट पर लाइसेंस का रिकार्ड कंप्यूटर पर लोड कर उसे असली दिखा दिया जाता है। कार्ड के लाइसेंस के नाम पर चार सौ रुपये की फीस जमा कर ली जाती है।
ऐसे ही एक मामले में शिकायत मिलने पर स्वाट टीम ने सोमवार को एक दलाल को पकड़ लिया। सूत्रों के मुताबिक इस दलाल ने ही प्रपत्र छह पर फर्जी लाइसेंस बनाया है। स्वाट टीम प्रभारी दिनेश गौतम ने बताया कि शिकायत मिलने पर दलाल को पूछताछ के लिए लाए हैं।
दुर्घटना के बाद मोटी रकम देकर बनवाते लाइसेंस
यदि किसी दुर्घटना में चालक के पास लाइसेंस न हो तो फर्रुखाबाद एआरटीओ कार्यालय के बाहर बैठने वाले दलाल बैक डेट में लाइसेंस बनवाने में माहिर हैं। रिकार्ड में हेराफेरी कर असली लाइसेंस धारक के नाम का पन्ना फाड़कर दूसरा पन्ना लगाकर फर्जी को असली और असली को फर्जी करने का खेल चलता था।
वर्ष 2012 के बाद कुछ राहत मिली थी। अब यह खेल फिर से शुरू हो गया है। हाल में ही मैनपुरी के युवक ने एक दलाल से संपर्क किया। दलाल ने जहानगंज के गांव झसी का पता लिखकर मैनपुरी के युवक की फोटो लगाकर लाइसेंस तैयार कर दिया। इसी प्रकरण में स्वाट टीम जांच कर रही है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
लाइसेंस के संबंध में रिपोर्ट कानपुर से सीधे मेरे पास आती है। बाहर बैठे दलालों ने कुछ गलत किया है। इसके बारे में जानकारी नहीं है। कार्यालय में मैं पूरी तरह से नजर बनाए रखता हूं।- शांतिभूषण पांडेय, एआरटीओ फर्रुखाबाद
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