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Farrukhabad News: रामनगरिया हर-हर गंगे के उदघोष के साथ लगाई आस्था की डुबकी
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शोभायात्रा के दौरान शाही स्नान करते नागा साधु। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
मां भागीरथी के पावन पट पर सनातनी ध्वज पताका फहर रही है। सिद्धजन साधना करते हुए धर्म की नौका पर सवार हो भवसागर पार जाने का प्रयत्न कर रहे हैं। माघ मास की मौनी अमावस्या के पुनीत अवसर पर स्नान, ध्यान, दान, तर्पण, सूर्य अर्घ्य इत्यादि धार्मिक आयोजन को देखकर कलियुग का नहीं बल्कि सतयुग का भाव प्रतीत हुआ। अमावस्या के चलते महिलाओं ने धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पीपल वृक्ष का पूजन किया। ऋषि मुनियों ने धर्म के आधार पर समाज का जो ताना-बाना बुना उसमें समाज ही नहीं बल्कि राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधने का प्रयास किया है।
फर्रुखाबाद। मौनी अमावस्या के अवसर पर गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का तांता देर शाम तक लगा रहा। सूर्य की पौ फटने से पहले ही साधु-संतों ने गंगा तट पर डेरा जमाना शुरू कर दिया। जहां वैष्णव व शैव संतों ने बारी-बारी से स्नान किया। वहीं, जूना अखाड़ा के नागा संतों के स्नान की पद्धति देखते ही बनी। धर्म क्षेत्र में जगह-जगह धार्मिक आयोजनों के साथ कथा भागवत, भंडारा करने की श्रद्धालुओं में होड़ लगी रही।
शनिवार को स्नान का विशेष पर्व मौनी अमावस्या को लेकर आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने रात में ही रामनगरिया में डेरा डालना शुरू कर दिया था। सुबह तड़के जहां एक ओर वैष्णव साधु-संत अपनी-अपनी टोलियों के साथ स्नान करते नजर आए तो वहीं जूना अखाड़ा के महंत सत्यगिरि के साथ नागा साधुओं की टोलियों ने हर-हर गंगे के जयकारों के साथ स्नान किया। स्नान के उपरांत दान, ध्यान औैर भंडारे का नजारा देखते ही बना। गंगा के तटों पर सत्यनारायण कथा का आयोजन भी जगह-जगह देखने को मिला। देर शाम तक पूरे धर्म क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
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फर्रुखाबाद। सांस्कृतिक पंडाल में आयोजित कवि सम्मेलन में स्थानीय कवियों ने विभिन्न रसों की रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सत्यपाल सिंह ने संस्कृति और संस्कार की अवदान है गंगा, कल्पवासियों का स्वाभिमान है गंगा रचना सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
देर रात तक चले कवि सम्मेलन में महेशपाल सिंह उपकारी ने हमारे देश का जन-जन सुखी सानंद हो जाए तो वहीं निमिष टंडन ने कई लोग बोले कि मैं मनचला हूं, मगर सच तो ये है कि मैं दिलजला हूं सुनाकर तालियां बटोरी। उपकार मणि ने किसी को भी मुझे देखने की क्या जरूरत, करूं जब बंद मैं आंखें, तू ही तू दिखाई दे, कायमगंज के कवि देवेश दीक्षित ने इससे बेहतर क्या भला अच्छे दिन अब आएंगे रचना सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। इसके अलावा उत्कर्ष अग्निहोत्री, भानुप्रताप, जयप्रकाश मिश्र, गीता भारद्वाज, प्रीती पवन तिवारी, अनुष्का सोमवंशी आदि कवियों ने भी अपनी रचनाएं सुनाकर देर रात तक समां बांधे रखा। संचालन वैभव सोमवंशी ने किया।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में नागा साधु-संतों ने बड़े धूमधाम से शोभायात्रा निकालीं।शस्त्रों के साथ करतब दिखाए। डीजे की धुन पर घोड़ों का नृत्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर साधु-संतों का अभिवादन किया।
शनिवार को मौनी अमावस्या पर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्यगिरि के नेतृत्व में नागा साधुओं ने बड़े धूमधाम से शोभायात्रा निकाली। यात्रा में गुरु दादा ब्रह्मलीन महंत स्वामी सिद्धेश्वर गिरि व ब्रह्मलीन गुरु योगेश्वरानंद गिरि के चित्रों को साज सज्जा के साथ दर्शाया गया। भक्तिमय संगीत की धुनों पर संत अपनी मस्ती में झूमते नजर आए। रास्ते को सुगम बनाने के लिए यात्रा के आगे घुड़सवारों की टोली चल रही थी। नागा साधुओं ने विभिन्न करतब दिखाकर लोगों का मन मोह लिया।
डीजे की धुनों पर घुड़सवारों ने घोड़ों का ऐसा नृत्य प्रस्तुत किया कि हर राहगीर रुककर इनका नृत्य देखने के लिए विवश हो गया। यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। लोगों ने पुष्पवर्षा कर हर-हर महादेव के नारे लगाए। इस दौरान सागर पुरी, विपिन पुरी, दयालु गिरि, कन्हैया गिरि, श्यामल पुरी, देवेंद्र गिरि आदि साधु-संत मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में चल रही कथा में आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने कहा कि सत्संग के बगैर ज्ञान प्राप्त नहीं होता, ज्ञान प्राप्त करने के लिए सच्चे गुरु का सानिध्य मनुष्य के जीवन के लिए नितांत आवश्यक है।
शनिवार को आचार्य ने कहा कि भगवान और मनुष्य के जीवन के बीच की कड़ी गुरु ही होता है जो सत्मार्ग के द्वारा मानव को भगवान प्राप्ति के साधन बतलाता है। गुरु के बताए रास्ते पर चलकर ही ईश्वर की प्राप्ति होती है। सनातन धर्म में ईश्वर से बड़ा गुरु का पद बताया गया है।
पृथ्वी पर आकर भगवान ने भी इस परंपरा का पालन किया। सच्चा गुरु शिष्य के जीवन के उत्थान के लिए प्रयासरत रहता है। कहा कि गुरु बनाते समय गुरु की गुरुता का भी ध्यान रखना चाहिए। आज तमाम आडंबरी गुरु शिष्यों को सत्मार्ग की ओर न ले जाकर अज्ञान के अंधेरे में ढकेलने का काम कर रहे हैं ऐसे गुरुओं से बचकर रहना चाहिए। कथा के उपरांत भक्तों को प्रसाद वितरण भी किया गया।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशजों का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों को याद कर उनकी कथनी और करनी पर विचार व्यक्त किए गए।
शनिवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाबी दुबे ने कहा कि देश की स्वतंत्रता में जनपद का योगदान भी अतुलनीय रहा है।
यहां के सशस्त्र क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। जिलाध्यक्ष रीतेश शुक्ला ने पंडित रामनारायण आजाद के व्यक्त्तिव और कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अरविंद दुबे, पंकज कुलभूषण श्रीवास्तव, अजय तिवारी, राकेश सारस्वत, सुशील शाक्य, निखिल रस्तोगी, नीरज शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। वैदिक क्षेत्र में चल रहे चरित्र निर्माण शिविर में मौनी अमावस्या पर हुए यज्ञ में लोगों ने आहुतियां डालकर परमात्मा से सुख और समृद्धि की कामना की।
शनिवार को यज्ञशाला में आहुति डालने वालों का तांता लगा रहा। आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि यज्ञ से न केवल वातावरण शुद्ध होता है बल्कि यह हमारी मन और मष्तिस्क के विकारों को दूर करता है। जिससे मनुष्य का जीवन पवित्र बनता है। कहा कि हमें प्रतिदिन हवन करना चाहिए। बताया कि रविवार को वैदिक क्षेत्र से विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर हरिओम शास्त्री, अमृता आर्या, रत्नेश द्विवेदी, रामशरण वर्मा, स्वामी महेंद्रानंद, पवन आर्य आदि लोग मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। शिवस्वरूप ब्रह्मचारी बच्चा बाबा के क्षेत्र में कन्या भोज का आयोजन किया गया। जिसमें छोटी-छोटी कन्याओं को बैठाकर प्रसाद ग्रहण कराया गया। महंत बालकदास ने कहा कि कन्याएं साक्षात जगदंबा का रूप होती हैं। इनका पूजन करने से न केवल धन की प्राप्ति होती है बल्कि सुख और शांति व्यक्ति की जीवन में चिर काल तक बनी रहती है।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर पहुंची राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां के मेले को संज्ञान में लिया है। मेले के विकास के लिए सुझाव मांगे गए हैं।
शनिवार को बच्चा बाबा रानीखेड़ा के आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के मौके पर पहुंची राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने साधु-संतों को कंबल व दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया।
कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे संतों के बीच आने का अवसर प्राप्त हुआ। आज यहां आकर वह अपने आप को गौरवांवित महसूस कर रही हैं। कहा कि यहां के मेले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान में लिया है। इसके विकास के सुझाव भी मांगे गए हैं। जल्द ही मेले के विस्तार की रूपरेखा बनाई जाएगी।
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फर्रुखाबाद। मौनी अमावस्या के अवसर पर गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का तांता देर शाम तक लगा रहा। सूर्य की पौ फटने से पहले ही साधु-संतों ने गंगा तट पर डेरा जमाना शुरू कर दिया। जहां वैष्णव व शैव संतों ने बारी-बारी से स्नान किया। वहीं, जूना अखाड़ा के नागा संतों के स्नान की पद्धति देखते ही बनी। धर्म क्षेत्र में जगह-जगह धार्मिक आयोजनों के साथ कथा भागवत, भंडारा करने की श्रद्धालुओं में होड़ लगी रही।
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शनिवार को स्नान का विशेष पर्व मौनी अमावस्या को लेकर आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने रात में ही रामनगरिया में डेरा डालना शुरू कर दिया था। सुबह तड़के जहां एक ओर वैष्णव साधु-संत अपनी-अपनी टोलियों के साथ स्नान करते नजर आए तो वहीं जूना अखाड़ा के महंत सत्यगिरि के साथ नागा साधुओं की टोलियों ने हर-हर गंगे के जयकारों के साथ स्नान किया। स्नान के उपरांत दान, ध्यान औैर भंडारे का नजारा देखते ही बना। गंगा के तटों पर सत्यनारायण कथा का आयोजन भी जगह-जगह देखने को मिला। देर शाम तक पूरे धर्म क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
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फर्रुखाबाद। सांस्कृतिक पंडाल में आयोजित कवि सम्मेलन में स्थानीय कवियों ने विभिन्न रसों की रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सत्यपाल सिंह ने संस्कृति और संस्कार की अवदान है गंगा, कल्पवासियों का स्वाभिमान है गंगा रचना सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
देर रात तक चले कवि सम्मेलन में महेशपाल सिंह उपकारी ने हमारे देश का जन-जन सुखी सानंद हो जाए तो वहीं निमिष टंडन ने कई लोग बोले कि मैं मनचला हूं, मगर सच तो ये है कि मैं दिलजला हूं सुनाकर तालियां बटोरी। उपकार मणि ने किसी को भी मुझे देखने की क्या जरूरत, करूं जब बंद मैं आंखें, तू ही तू दिखाई दे, कायमगंज के कवि देवेश दीक्षित ने इससे बेहतर क्या भला अच्छे दिन अब आएंगे रचना सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। इसके अलावा उत्कर्ष अग्निहोत्री, भानुप्रताप, जयप्रकाश मिश्र, गीता भारद्वाज, प्रीती पवन तिवारी, अनुष्का सोमवंशी आदि कवियों ने भी अपनी रचनाएं सुनाकर देर रात तक समां बांधे रखा। संचालन वैभव सोमवंशी ने किया।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में नागा साधु-संतों ने बड़े धूमधाम से शोभायात्रा निकालीं।शस्त्रों के साथ करतब दिखाए। डीजे की धुन पर घोड़ों का नृत्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर साधु-संतों का अभिवादन किया।
शनिवार को मौनी अमावस्या पर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्यगिरि के नेतृत्व में नागा साधुओं ने बड़े धूमधाम से शोभायात्रा निकाली। यात्रा में गुरु दादा ब्रह्मलीन महंत स्वामी सिद्धेश्वर गिरि व ब्रह्मलीन गुरु योगेश्वरानंद गिरि के चित्रों को साज सज्जा के साथ दर्शाया गया। भक्तिमय संगीत की धुनों पर संत अपनी मस्ती में झूमते नजर आए। रास्ते को सुगम बनाने के लिए यात्रा के आगे घुड़सवारों की टोली चल रही थी। नागा साधुओं ने विभिन्न करतब दिखाकर लोगों का मन मोह लिया।
डीजे की धुनों पर घुड़सवारों ने घोड़ों का ऐसा नृत्य प्रस्तुत किया कि हर राहगीर रुककर इनका नृत्य देखने के लिए विवश हो गया। यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। लोगों ने पुष्पवर्षा कर हर-हर महादेव के नारे लगाए। इस दौरान सागर पुरी, विपिन पुरी, दयालु गिरि, कन्हैया गिरि, श्यामल पुरी, देवेंद्र गिरि आदि साधु-संत मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में चल रही कथा में आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल ने कहा कि सत्संग के बगैर ज्ञान प्राप्त नहीं होता, ज्ञान प्राप्त करने के लिए सच्चे गुरु का सानिध्य मनुष्य के जीवन के लिए नितांत आवश्यक है।
शनिवार को आचार्य ने कहा कि भगवान और मनुष्य के जीवन के बीच की कड़ी गुरु ही होता है जो सत्मार्ग के द्वारा मानव को भगवान प्राप्ति के साधन बतलाता है। गुरु के बताए रास्ते पर चलकर ही ईश्वर की प्राप्ति होती है। सनातन धर्म में ईश्वर से बड़ा गुरु का पद बताया गया है।
पृथ्वी पर आकर भगवान ने भी इस परंपरा का पालन किया। सच्चा गुरु शिष्य के जीवन के उत्थान के लिए प्रयासरत रहता है। कहा कि गुरु बनाते समय गुरु की गुरुता का भी ध्यान रखना चाहिए। आज तमाम आडंबरी गुरु शिष्यों को सत्मार्ग की ओर न ले जाकर अज्ञान के अंधेरे में ढकेलने का काम कर रहे हैं ऐसे गुरुओं से बचकर रहना चाहिए। कथा के उपरांत भक्तों को प्रसाद वितरण भी किया गया।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशजों का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों को याद कर उनकी कथनी और करनी पर विचार व्यक्त किए गए।
शनिवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाबी दुबे ने कहा कि देश की स्वतंत्रता में जनपद का योगदान भी अतुलनीय रहा है।
यहां के सशस्त्र क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। जिलाध्यक्ष रीतेश शुक्ला ने पंडित रामनारायण आजाद के व्यक्त्तिव और कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अरविंद दुबे, पंकज कुलभूषण श्रीवास्तव, अजय तिवारी, राकेश सारस्वत, सुशील शाक्य, निखिल रस्तोगी, नीरज शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। वैदिक क्षेत्र में चल रहे चरित्र निर्माण शिविर में मौनी अमावस्या पर हुए यज्ञ में लोगों ने आहुतियां डालकर परमात्मा से सुख और समृद्धि की कामना की।
शनिवार को यज्ञशाला में आहुति डालने वालों का तांता लगा रहा। आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि यज्ञ से न केवल वातावरण शुद्ध होता है बल्कि यह हमारी मन और मष्तिस्क के विकारों को दूर करता है। जिससे मनुष्य का जीवन पवित्र बनता है। कहा कि हमें प्रतिदिन हवन करना चाहिए। बताया कि रविवार को वैदिक क्षेत्र से विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर हरिओम शास्त्री, अमृता आर्या, रत्नेश द्विवेदी, रामशरण वर्मा, स्वामी महेंद्रानंद, पवन आर्य आदि लोग मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। शिवस्वरूप ब्रह्मचारी बच्चा बाबा के क्षेत्र में कन्या भोज का आयोजन किया गया। जिसमें छोटी-छोटी कन्याओं को बैठाकर प्रसाद ग्रहण कराया गया। महंत बालकदास ने कहा कि कन्याएं साक्षात जगदंबा का रूप होती हैं। इनका पूजन करने से न केवल धन की प्राप्ति होती है बल्कि सुख और शांति व्यक्ति की जीवन में चिर काल तक बनी रहती है।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर पहुंची राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां के मेले को संज्ञान में लिया है। मेले के विकास के लिए सुझाव मांगे गए हैं।
शनिवार को बच्चा बाबा रानीखेड़ा के आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के मौके पर पहुंची राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने साधु-संतों को कंबल व दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया।
कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे संतों के बीच आने का अवसर प्राप्त हुआ। आज यहां आकर वह अपने आप को गौरवांवित महसूस कर रही हैं। कहा कि यहां के मेले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान में लिया है। इसके विकास के सुझाव भी मांगे गए हैं। जल्द ही मेले के विस्तार की रूपरेखा बनाई जाएगी।