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आलू भाव 70 रुपये बोरी और गिरा
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फर्रुखाबाद। आलू के भाव में लगातार गिरावट जारी है। रविवार को सातनपुर मंडी में 70 रुपये भाव गिरकर 601 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गया। इससे किसान चिंतित हैं। अक्तूबर में हुई बारिश ने इस बार आलू किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया। पानी में सैकड़ों बीघा आलू की कच्ची फसल डूबकर नष्ट हो गई। जो फसल बची उसकी पैदावार काफी घट गई।
इससे खेतों में आठ से 10 बोरी प्रति बीघा आलू निकल रहा है। वहीं भाव में लगातार गिरावट से किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। रविवार को सातनपुर मंडी में 300 बोरी आलू की आवक रही। जबकि आलू भाव 70 रुपये प्रति बोरी गिरकर 501 से लेकर 601 रुपये प्रति बोरी(50 किलो) रहा।
शनिवार को सातनपुर मंडी में 551 रुपये से लेकर 771 रुपये तक प्रति बोरी बिका था। शुक्रवार को मंडी में आलू भाव 751 रुपये से 811 रुपये तक प्रति बोरी रहा था। तीसरे दिन भी आलू भाव में लगातार गिरावट होने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गईं हैं।
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किसानों का कहना है कि आलू कच्ची फसल प्रति वर्ष एक बीघा खेत में 20 से 25 बोरी निकल आता था। भाव ठीक मिल जाने से लागत निकालकर मुनाफा भी हो जाता है। इस बार न तो आलू का उत्पादन अच्छा है और न ही भाव। इससे सब घाटा ही घाटा नजर आ रहा है।
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इससे खेतों में आठ से 10 बोरी प्रति बीघा आलू निकल रहा है। वहीं भाव में लगातार गिरावट से किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। रविवार को सातनपुर मंडी में 300 बोरी आलू की आवक रही। जबकि आलू भाव 70 रुपये प्रति बोरी गिरकर 501 से लेकर 601 रुपये प्रति बोरी(50 किलो) रहा।
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शनिवार को सातनपुर मंडी में 551 रुपये से लेकर 771 रुपये तक प्रति बोरी बिका था। शुक्रवार को मंडी में आलू भाव 751 रुपये से 811 रुपये तक प्रति बोरी रहा था। तीसरे दिन भी आलू भाव में लगातार गिरावट होने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गईं हैं।
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किसानों का कहना है कि आलू कच्ची फसल प्रति वर्ष एक बीघा खेत में 20 से 25 बोरी निकल आता था। भाव ठीक मिल जाने से लागत निकालकर मुनाफा भी हो जाता है। इस बार न तो आलू का उत्पादन अच्छा है और न ही भाव। इससे सब घाटा ही घाटा नजर आ रहा है।