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Farrukhabad News: बा विद्यालय में व्यवस्थाएं बदहाल, एक तख्त पर तीन-तीन छात्राएं

Mon, 20 Jul 2026 11:59 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 11:59 PM IST
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Poor facilities at the girls' school; three students sharing a single wooden cot.
फर्रुखाबाद। बा विद्यालयों में व्यवस्थाएं बदहाल हैं। उमस में एक हॉल में बिना कूलर के एक तख्त पर तीन-तीन छात्राएं सोने को मजबूर हैं। कुछ जगह इन्वर्टर की हालत ठीक नहीं हैं। रात को बिजली जाने पर गर्मी से बचने के लिए छात्राएं खुले में छत पर सोती हैं। नहीं तो हाथ वाले पंखे से हवा करती हैं। फर्म की तरफ से भेजे गए राशन की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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कायमगंज, नवाबगंज, शमसाबाद, राजेपुर व कमालगंज में कस्तूरबा गांधी विद्यालय हैं, इनमें उन छात्राओं का दाखिला होता है जो कक्षा पांच के बाद किसी परिस्थिति की वजह से पढ़ाई छोड़ देती हैं। यहां उनके रहने, खाने व दैनिक उपयोग की सभी सामग्री उन्हें मुफ्त में उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इन सभी पांचों विद्यालयों में 100-100 छात्राओं की क्षमता है। अधिकांश विद्यालयों में 80-90 प्रतिशत उपस्थिति भी दर्शाई जाती है। सभी छात्राओं के लेटने के लिए एक या दो हॉल में इंतजाम है। लेकिन इन विद्यालयों में लेटने के लिए पर्याप्त तख्त नहीं हैं। एक तख्त पर दो-दो छात्राओं के लेटने का नियम बताया जा रहा है। लेकिन भीषण उमस में रात में एक तख्त पर तीन-तीन छात्राएं सो रही हैं। बिजली जाते ही अधिकांश जगह इन्वर्टर बंद हो जाते हैं। मजबूरी में वे छत पर सोती हैं। इसी का नतीजा है कि शुक्रवार रात को राजेपुर के विद्यालय में दो छात्राओं व रसोइया को बंदरों ने काट लिया था।
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20 दिन बाद भी नहीं पहुंची दैनिक उपयोग की सामग्री
छात्राओं को पौष्टिक आहर उपलब्ध कराने के लिए रसोइयों की तैनाती है। राशन की सप्लाई की जिम्मेदारी फर्म को दी गई है पर फर्म घुन-सूंड़ी वाला चावल, सेवईं व गुणवत्ताहीन दाल सप्लाई कर रही है। छात्राओं के दैनिक उपयोग की सामग्री साबुन, तेल, टूथपेस्ट, टूथब्रश, सैनेट्री पैड आदि सामग्री जुलाई के 20 दिन बीतने के बाद भी नहीं पहुंची है। सामग्री पहुंचने पर तहसीलदार, बीडीओ व बीईओ की कमेटी सत्यापन करती है।
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अभी तक एक तख्त पर तीन-तीन छात्राओं के लेटने की शिकायत सामने नहीं आई है। यदि किसी विद्यालय में ऐसी समस्या है तो जांच कर व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। अन्य जो भी कमियां हैं, उन्हें ठीक कराया जाएगा। सही राशन सप्लाई के लिए फर्म को दिशा निर्देश दिए गए हैं।
विश्वनाथ प्रताप सिंह, बीएसए
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