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प्रदूषण विभाग की टीम को तीन कारखानों में छपाई होती मिली
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गांव माधवपुर में छपाई कारखाने का निरीक्षण करते प्रदूषण विभाग के सहायक अभियंता फरेश कुमार। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। बंदी के निर्देश के बाद भी प्रदूषण विभाग की टीम को तीन छपाई कारखाने चलते मिले। टीम ने कारीगरों को भगाकर तीनों कारखानों में न सिर्फ ताले डलवाए गए बल्कि उन पर 12,500-12,500 हजार रुपये के जुर्माने की संस्तुति भी की है।
माघ पूर्णिमा 16 फरवरी को है। राम नगरिया और प्रयागराज में मेला के चलते 11 फरवरी से गंगा में प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों को बंद करने के निर्देश हैं। कारखानों की स्थिति देखने के लिए शनिवार की सुबह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर के सहायक पर्यावरण अभियंता फरेश कुमार, वैज्ञानिक सहायक आरके वर्मा और डीसी दीक्षित ने कारखानों का निरीक्षण किया।
इस दौरान बाग लकूला में सुनील साध के कारखाने में कपड़ा छपाई का काम चलता मिला। टीम ने कारीगरों को भगाकर वहां ताला डलवा दिया। इसके बाद टीम खानपुर बगिया पहुंची तो वहां निर्दोष साध और अभिनेंद्र कुमार के कारखानों में भी छपाई का काम चालू मिला। टीम ने यहां भी ताले डलवाए।
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अधिकारियों ने भगुआ नगला, अंगूरी बाग और माधवपुर के छपाई कारखानों में भी जांच की, जो कि बंद मिले। सहायक पर्यावरण अभियंता ने बताया कि तीनों कारखाना संचालकों के खिलाफ विभाग को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है। नियमानुसार एक दिन कारखाना चलते मिलने पर साढ़े 12 हजार रुपये का जुर्माना किया जाता है। कारखानों की जांच लगातार चलती रहेगी।
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माघ पूर्णिमा 16 फरवरी को है। राम नगरिया और प्रयागराज में मेला के चलते 11 फरवरी से गंगा में प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों को बंद करने के निर्देश हैं। कारखानों की स्थिति देखने के लिए शनिवार की सुबह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर के सहायक पर्यावरण अभियंता फरेश कुमार, वैज्ञानिक सहायक आरके वर्मा और डीसी दीक्षित ने कारखानों का निरीक्षण किया।
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इस दौरान बाग लकूला में सुनील साध के कारखाने में कपड़ा छपाई का काम चलता मिला। टीम ने कारीगरों को भगाकर वहां ताला डलवा दिया। इसके बाद टीम खानपुर बगिया पहुंची तो वहां निर्दोष साध और अभिनेंद्र कुमार के कारखानों में भी छपाई का काम चालू मिला। टीम ने यहां भी ताले डलवाए।
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अधिकारियों ने भगुआ नगला, अंगूरी बाग और माधवपुर के छपाई कारखानों में भी जांच की, जो कि बंद मिले। सहायक पर्यावरण अभियंता ने बताया कि तीनों कारखाना संचालकों के खिलाफ विभाग को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है। नियमानुसार एक दिन कारखाना चलते मिलने पर साढ़े 12 हजार रुपये का जुर्माना किया जाता है। कारखानों की जांच लगातार चलती रहेगी।