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भट्ठे पर मजदूरों को बंधक बनाने की सूचना पर दौड़ी पुलिस
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मोहम्मदाबाद। भट्ठे पर 11 मजदूरों को बंधक बनाकर जबरन काम कराने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने भट्ठा मालिक व मजदूरों को समझाकर मामला रफा दफा करा दिया। छत्तीसगढ़ से ठेकेदार ने मजदूरों को बंधक बनाने की शिकायत एसपी के मोबाइल नंबर पर की थी।
छत्तीसगढ़ के जिला बिलासपुर निवासी मजदूरों के ठेकेदार सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को एसपी डॉ. अनिल मिश्रा को मोबाइल पर फोन करके बताया कि कोतवाली मोहम्मदाबाद के एपी ईंट भट्ठे के मालिक ने मजदूरों को बंधक बना लिया है।
भट्ठा मालिक मजदूरों को खाना भी नहीं दे रहे हैं और जबरन काम करा रहे हैं। एसपी ने कोतवाल राकेश कुमार को मौके पर जाकर कार्रवाई के आदेश दिए। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मजदूर ललिताबाई, ओमेंद्र, जीतू, ज्योति, नंगसे से पूछताछ की।
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मजदूरों ने बताया कि यहां पेयजल व शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है। वे घर जाना चाहते हैं, लेकिन भट्ठा मालिक किराया नहीं दे रहे हैं। खाने के लिए राशन भी नहीं दिया जा रहा है। इस पर भट्ठा मालिक केके पाठक ने बताया कि मजदूरों के ठेकेदार को एडवांस में तीन लाख रुपये दे चुके हैं।
इसके बाद भी मजदूर अतिरिक्त रुपये मांग रहे हैं और काम भी नहीं कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने भट्ठा मालिक से प्रति परिवार पांच सौ रुपये मजदूरों को दिलवाए। पुलिस ने मजदूरों को समझाया कि जो लोग काम करना चाहते हैं, वे यहां रुक सकते और जिनको घर जाना है वे जा सकते हैं। पुलिस के समझाने पर मजदूर मान गए।
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छत्तीसगढ़ के जिला बिलासपुर निवासी मजदूरों के ठेकेदार सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को एसपी डॉ. अनिल मिश्रा को मोबाइल पर फोन करके बताया कि कोतवाली मोहम्मदाबाद के एपी ईंट भट्ठे के मालिक ने मजदूरों को बंधक बना लिया है।
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भट्ठा मालिक मजदूरों को खाना भी नहीं दे रहे हैं और जबरन काम करा रहे हैं। एसपी ने कोतवाल राकेश कुमार को मौके पर जाकर कार्रवाई के आदेश दिए। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मजदूर ललिताबाई, ओमेंद्र, जीतू, ज्योति, नंगसे से पूछताछ की।
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मजदूरों ने बताया कि यहां पेयजल व शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है। वे घर जाना चाहते हैं, लेकिन भट्ठा मालिक किराया नहीं दे रहे हैं। खाने के लिए राशन भी नहीं दिया जा रहा है। इस पर भट्ठा मालिक केके पाठक ने बताया कि मजदूरों के ठेकेदार को एडवांस में तीन लाख रुपये दे चुके हैं।
इसके बाद भी मजदूर अतिरिक्त रुपये मांग रहे हैं और काम भी नहीं कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने भट्ठा मालिक से प्रति परिवार पांच सौ रुपये मजदूरों को दिलवाए। पुलिस ने मजदूरों को समझाया कि जो लोग काम करना चाहते हैं, वे यहां रुक सकते और जिनको घर जाना है वे जा सकते हैं। पुलिस के समझाने पर मजदूर मान गए।