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रामगंगा का 101 कलश दूध से हुआ अभिषेक
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Fri, 05 Aug 2016 10:43 PM IST
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नदी में बाढ़ कम होने के लिए तट पर पूजन करते ग्रामीण व पुजारी।
- फोटो : अमर उजाला
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रामगंगा के प्रकोप को शांत करने और बाढ़ से बचाव के लिए ग्रामीणों ने हवन और 101 कलश दूध से अभिषेक किया। विधि-विधान से हवन-पूजन कर जयकारे लगाए।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव कोलासोता के ग्रामीणों के खेतों का रामगंगा की तेज धारा से कटान हो गया है। धीरे धीरे रामगंगा का जल गांव की ओर बढ़ता जा रहा है। इससे गांव के लोग भयभीत हो गए। उनको गांव कटने का भय सताने लगा है। कटान को रोकने के लिए ग्रामीणोें ने प्रशासन से ठोकरें बनवाने की मांग की थी।
लेकिन सुनवाई न होने से कटान तेजी से होने लगा है। रामगंगा की तेज धारा को देखकर ग्रामीणों ने गांव को बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना करनी शुरू कर दी। आचार्य गोविंदा और शास्त्री मधुरंजन से हवन पूजन कर रामगंगा में आहूतियां दी। इसके बाद ग्रामीणों ने 101 कलशों में दूध भरकर लाए और रामगंगा का अभिषेक कर तबाही न होने की प्रार्थना की।
इस दौरान शिव कुमार सिंह, ओमकार सिंह, जगदीश सिंह, सतीश सिंह, शिशुपाल सिंह, सुरजीत सिंह, रमेश सिंह समेत कई ग्रामीण हवन पूजन में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि रामगंगा की धारा गांव की ओर मुड रही है। अगर यह धारा गांव की ओर मुड गई तो ग्रामीण बेघर हो जाएंगे। इस कारण रामगंगा की पूजा अर्चना कर तबाही न किए जाने की गुहार लगाई है।
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अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव कोलासोता के ग्रामीणों के खेतों का रामगंगा की तेज धारा से कटान हो गया है। धीरे धीरे रामगंगा का जल गांव की ओर बढ़ता जा रहा है। इससे गांव के लोग भयभीत हो गए। उनको गांव कटने का भय सताने लगा है। कटान को रोकने के लिए ग्रामीणोें ने प्रशासन से ठोकरें बनवाने की मांग की थी।
लेकिन सुनवाई न होने से कटान तेजी से होने लगा है। रामगंगा की तेज धारा को देखकर ग्रामीणों ने गांव को बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना करनी शुरू कर दी। आचार्य गोविंदा और शास्त्री मधुरंजन से हवन पूजन कर रामगंगा में आहूतियां दी। इसके बाद ग्रामीणों ने 101 कलशों में दूध भरकर लाए और रामगंगा का अभिषेक कर तबाही न होने की प्रार्थना की।
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इस दौरान शिव कुमार सिंह, ओमकार सिंह, जगदीश सिंह, सतीश सिंह, शिशुपाल सिंह, सुरजीत सिंह, रमेश सिंह समेत कई ग्रामीण हवन पूजन में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि रामगंगा की धारा गांव की ओर मुड रही है। अगर यह धारा गांव की ओर मुड गई तो ग्रामीण बेघर हो जाएंगे। इस कारण रामगंगा की पूजा अर्चना कर तबाही न किए जाने की गुहार लगाई है।
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