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बूंद-बूंद पानी को तरस रहे 80 घरों के लोग
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एक साल से पानी के लिए तरस रहे 80 घरों के लोग
फर्रुखाबाद। अमृत योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद शहर की जनता प्यासी ही है। घनी आबादी वाले खटकपुरा इज्जत खां मोहल्ले की दो गलियों में एक साल से पानी नहीं पहुंच रहा है।
जुबैर के मकान से शीलू के मकान और अंसार के मकान से शकील मंसूरी के घर तक करीब 80 मकान हैं। इनमें करीब एक साल से पानी नहीं पहुंचा है। लोगों का कहना है कि पाइप लाइन में खराबी के कारण दिक्कत है। इससे यहां रहने वाले लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
जनता की परेशानी देख कई समाजसेवी अपने यहां लगे सबमर्सिबल पंप से सुबह-शाम लोगों को पानी भरवाते हैं, तो डिब्बों का अंबार लग जाता है। कई गरीब लोग ऐसे भी हैं, जो दूरदराज लगे हैंडपंपों से पानी भरने के लिए मजबूर हैं। ऐसा नहीं कि जिम्मेदारों को इसकी जानकारी न हो, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं है।
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मोहल्ले के रेहान अंसारी ने बताया कि एक साल से पानी के लिए जूझ रहे हैं। नगर पालिका ने जल संकट दूर करने की जरूरत नहीं समझी है। यहां किसी भी घर में पानी नहीं पहुंच रहा है।
चंदा पहलवान ने बताया कि जिन लोगों के घरों में सबमर्सिबल लगे हैं, वह लोगों को पानी भरवा देते हैं। फिर भी बड़ी दिक्कत है। जिम्मेदारों को शीघ्र ही समस्या का समाधान करना चाहिए।
मोहम्मद मंसूरी कहते हैं कि हम लोगों की कोई सुनने वाला नहीं है। कई बार शिकायत की गई, मगर भरपूर पानी देने के लिए कुछ नहीं किया गया। लोग वोट मांगने आते हैं। समस्या किसी को नहीं दिखती।
अजहर अंसारी ने कहा कि हम लोग काम पर चले जाते हैं। बच्चे दिन भर हैंडपंपों से पानी भरते रहते हैं। कई परिवार की महिलाएं भी लाइन लगाती हैं। कई बार तो बिना नहाए ही काम पर जाते हैं।
‘खटकपुरा इज्जत खां की दो गलियों में पानी नहीं पहुंच रहा, इसकी जानकारी नहीं है। इस मामले को पता लगवाकर समस्या का समाधान करवाएंगे।’
-रविंद्र कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद
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फर्रुखाबाद। अमृत योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद शहर की जनता प्यासी ही है। घनी आबादी वाले खटकपुरा इज्जत खां मोहल्ले की दो गलियों में एक साल से पानी नहीं पहुंच रहा है।
जुबैर के मकान से शीलू के मकान और अंसार के मकान से शकील मंसूरी के घर तक करीब 80 मकान हैं। इनमें करीब एक साल से पानी नहीं पहुंचा है। लोगों का कहना है कि पाइप लाइन में खराबी के कारण दिक्कत है। इससे यहां रहने वाले लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
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जनता की परेशानी देख कई समाजसेवी अपने यहां लगे सबमर्सिबल पंप से सुबह-शाम लोगों को पानी भरवाते हैं, तो डिब्बों का अंबार लग जाता है। कई गरीब लोग ऐसे भी हैं, जो दूरदराज लगे हैंडपंपों से पानी भरने के लिए मजबूर हैं। ऐसा नहीं कि जिम्मेदारों को इसकी जानकारी न हो, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं है।
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मोहल्ले के रेहान अंसारी ने बताया कि एक साल से पानी के लिए जूझ रहे हैं। नगर पालिका ने जल संकट दूर करने की जरूरत नहीं समझी है। यहां किसी भी घर में पानी नहीं पहुंच रहा है।
चंदा पहलवान ने बताया कि जिन लोगों के घरों में सबमर्सिबल लगे हैं, वह लोगों को पानी भरवा देते हैं। फिर भी बड़ी दिक्कत है। जिम्मेदारों को शीघ्र ही समस्या का समाधान करना चाहिए।
मोहम्मद मंसूरी कहते हैं कि हम लोगों की कोई सुनने वाला नहीं है। कई बार शिकायत की गई, मगर भरपूर पानी देने के लिए कुछ नहीं किया गया। लोग वोट मांगने आते हैं। समस्या किसी को नहीं दिखती।
अजहर अंसारी ने कहा कि हम लोग काम पर चले जाते हैं। बच्चे दिन भर हैंडपंपों से पानी भरते रहते हैं। कई परिवार की महिलाएं भी लाइन लगाती हैं। कई बार तो बिना नहाए ही काम पर जाते हैं।
‘खटकपुरा इज्जत खां की दो गलियों में पानी नहीं पहुंच रहा, इसकी जानकारी नहीं है। इस मामले को पता लगवाकर समस्या का समाधान करवाएंगे।’
-रविंद्र कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद