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एक हफ्ते में खुरपका व मुंहपका से 10 मवेशियों की मौत
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कायमगंज। विकास खंड के गांव अल्लाहपुर में एक सप्ताह में 10 पशुओं की खुरपका व मुंहपका बीमारी से मौत हो गई। वहीं 20 से अधिक पशु इस बीमारी की चपेट में हैं। इससे ग्रामीण पशुपालक दहशत में हैं। उनका कहना है इस बार पशुओं का टीकाकरण न होने से लोगों के पशु मर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि एक सप्ताह में बृजपाल सिंह के दो पशु, लालाराम के चार, हंसराम की एक भैंस, नरवीर की पड़िया साहित दस मवेशी मर चुके हैं। गांव के सतीश, नरेंद्र, मदनलाल, जबर सिंह, समर सिंह, सत्यदेव, शांतिस्वरूप, श्यामवीर पाल आदि ग्रामीणों के 20 से अधिक पशु चपेट आ चुके हैं। रोकथाम के लिए उपाय नजर नहीं आ रहा है। गांव के ही सतीश चंद्र का कहना है कि इस बीमारी में दवा से रोकथाम नहीं हो रही है। इस बार टीकाकरण न होने से बीमारी फैल रही है। इससे काफी पशु मर गए। पशुपालकों को बड़ा नुकसान हुआ है।
गांव अल्लाहपुर निवासी पशुपालक अरविंद कुमार ने बताया कि बीमार पशुओं के मुंह से लार टपकना शुरू हो जाता है। जीभ पर छाले होने से जीभ बाहर आ जाती है। बुखार बढ़ने पर मौत हो जाती है। पशु चिकित्सक आए थे, दवा देकर चले गए।
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‘कैंप लगाकर दवा बांटी जा चुकी है। वैसे अधिकांश स्टाफ चुनाव में व्यस्त है फिर भी टीम भेजकर दवा व उपचार कराया जाएगा। पशुपालक बीमार पशुओं से स्वस्थ पशु से दूरी रखें। इस बार टीकाकरण के लिए वैक्सीन आई ही नहीं है।’
डॉ. सुखदेव सिंह शाक्य, पशु चिकित्साधिकारी
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ग्रामीणों का कहना है कि एक सप्ताह में बृजपाल सिंह के दो पशु, लालाराम के चार, हंसराम की एक भैंस, नरवीर की पड़िया साहित दस मवेशी मर चुके हैं। गांव के सतीश, नरेंद्र, मदनलाल, जबर सिंह, समर सिंह, सत्यदेव, शांतिस्वरूप, श्यामवीर पाल आदि ग्रामीणों के 20 से अधिक पशु चपेट आ चुके हैं। रोकथाम के लिए उपाय नजर नहीं आ रहा है। गांव के ही सतीश चंद्र का कहना है कि इस बीमारी में दवा से रोकथाम नहीं हो रही है। इस बार टीकाकरण न होने से बीमारी फैल रही है। इससे काफी पशु मर गए। पशुपालकों को बड़ा नुकसान हुआ है।
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गांव अल्लाहपुर निवासी पशुपालक अरविंद कुमार ने बताया कि बीमार पशुओं के मुंह से लार टपकना शुरू हो जाता है। जीभ पर छाले होने से जीभ बाहर आ जाती है। बुखार बढ़ने पर मौत हो जाती है। पशु चिकित्सक आए थे, दवा देकर चले गए।
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‘कैंप लगाकर दवा बांटी जा चुकी है। वैसे अधिकांश स्टाफ चुनाव में व्यस्त है फिर भी टीम भेजकर दवा व उपचार कराया जाएगा। पशुपालक बीमार पशुओं से स्वस्थ पशु से दूरी रखें। इस बार टीकाकरण के लिए वैक्सीन आई ही नहीं है।’
डॉ. सुखदेव सिंह शाक्य, पशु चिकित्साधिकारी