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तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक को गिरफ्तार क
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फर्रुखाबाद। पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका में हेरफेर करने के मुकदमे में विवेचक ने तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक प्रेमचंद्र राजपूत को गिरफ्तार करने के लिए पीएसी के आईजी से अनुमति मांगी है। विवेचक ने आईजी पीएसी महानगर लखनऊ को पत्र भेजा है।
पुलिस लाइन में तैनात सिपाही नरेश सिंह यादव का साढ़े तीन वर्ष तक बिना ड्यूटी के वेतन निकलने के मामले में तत्कालीन एएसपी त्रिभुवन सिंह की जांच रिपोर्ट के बाद वरिष्ठ लिपिक प्रेमचंद्र राजपूत के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा फरवरी में दर्ज कराया गया था। वरिष्ठ लिपिक पर आरोप था कि उन्होंने नरेश
सहित अन्य पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका पर बिना उनके आए प्रमोशन के फार्म भरकर एंट्री कर दी थी। मुकदमे की जांच दरोगा दिनेश यादव को दी गई। विवेचक ने हस्तलेख मिलान के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में नरेश सहित दस पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका भेजी थी। जुलाई में आई रिपोर्ट में पांच चरित्र पंजिका में तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक प्रेमचंद्र के हस्तलेख से मिलान होना बताया गया।
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पुलिस लाइन में तैनात सिपाही नरेश सिंह यादव का साढ़े तीन वर्ष तक बिना ड्यूटी के वेतन निकलने के मामले में तत्कालीन एएसपी त्रिभुवन सिंह की जांच रिपोर्ट के बाद वरिष्ठ लिपिक प्रेमचंद्र राजपूत के खिलाफ फतेहगढ़ कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा फरवरी में दर्ज कराया गया था। वरिष्ठ लिपिक पर आरोप था कि उन्होंने नरेश
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सहित अन्य पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका पर बिना उनके आए प्रमोशन के फार्म भरकर एंट्री कर दी थी। मुकदमे की जांच दरोगा दिनेश यादव को दी गई। विवेचक ने हस्तलेख मिलान के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में नरेश सहित दस पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका भेजी थी। जुलाई में आई रिपोर्ट में पांच चरित्र पंजिका में तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक प्रेमचंद्र के हस्तलेख से मिलान होना बताया गया।
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