{"_id":"6171ab7cb12dda24ba4f2e87","slug":"one-gets-life-imprisonment-for-gunner-s-murder-farrukhabad-news-knp659583797","type":"story","status":"publish","title_hn":"गनर की हत्या में एक को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गनर की हत्या में एक को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी के भतीजे के गनर की हत्या करने में एक अभियुक्त को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीस हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
पुलिस लाइन के सरकारी आवास निवासी गनर वीरेंद्र सिंह की ड्यूटी पूर्व भाजपा मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी के भतीजे सुधांशु दत्त द्विवेदी की सुरक्षा में लगी थी। वह 28 जुलाई 2002 को ड्यूटी कर घर नहीं लौटे। इससे परेशान होकर पत्नी कमलेश देवी पति की खोज करने लगी। सुधांशु के दूसरे गनर शारदानंद पांडेय ने घर आकर बताया कि 28 तारीख को वीरेंद्र सिंह के साथ शाम को सुधांशु दत्त द्विवेदी का चालक साथ में था। इसके अलावा दूसरे गनर ने कोई जानकारी नहीं दी। पति का पता न चलने पर पत्नी कमलेश देवी ने मोहल्ला सेनापति निवासी सुुधांशु दत्त द्विवेदी, उनकी गाड़ी के चालक राजू और दूसरे गनर शारदानंद पांडेय के खिलाफ शहर कोतवाली में तहरीर दी।
इसमें पति को गायब कर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर तीनों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान शाहजहांपुर के थाना सिधौली के कीरतपुर निवासी अशोक कुमार त्रिपाठी, शहर के बढ़पुर निवासी दिनेश कुमार उर्फ लल्ला व अमृतपुर क्षेत्र के गांव अमैयापुर निवासी अजय ठाकुर का नाम प्रकाश में आया। अशोक कुमार त्रिपाठी पुलिस में था। पुलिस ने अशोक कुमार त्रिपाठी को पकड़ा और पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पांचालघाट बंधा के पास बालू में गड़ी हुई कार्वाइन बरामद की। सिपाही अशोक कुमार ने कार्बाइन के लिए गनर वीरेंद्र सिंह की हत्या अपने सहयोगी अजय ठाकुर के साथ मिलकर की थी।
विज्ञापन
शव को दिनेश कुमार की गाड़ी से लेजाकर सीतापुर नहर में बहा दिया था। गाड़ी बरामद होने पर उसमें से खून लगा अगौछा व गनर की घड़ी बरामद हुई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद सिपाही अशोक कुमार त्रिपाठी, गाड़ी चालक दिनेश कुमार उर्फ लल्ला व अजय ठाकुर के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी सिपाही अशोक कुमार की मौत हो गई। दो अन्य आरोपियों पर मुकदमा चला। बचाव पक्ष के वकील व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केके पांडेय, अखिलेश कुमार सिंह ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी अजय ठाकुर को अपहरण, हत्या, लूट व साक्ष्य मिटाने के आरोप में दोषी पाकर सजा व जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी दिनेश कुमार उर्फ लल्ला को मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया गया है।
पूर्व मंत्री की हत्या के मुकदमे में वादी थे सुधांशु
सेनापति निवासी पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की 1997 में गोली मार कर हत्या की गई थी। जिसका मुकदमा भतीजे सुधांशु दत्त द्विवेदी ने दर्ज करवाया था। इस कारण सुरक्षा के लिए सुधांशुदत्त द्विवेदी को दो गनर दिए गए थे।
विज्ञापन
पुलिस लाइन के सरकारी आवास निवासी गनर वीरेंद्र सिंह की ड्यूटी पूर्व भाजपा मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी के भतीजे सुधांशु दत्त द्विवेदी की सुरक्षा में लगी थी। वह 28 जुलाई 2002 को ड्यूटी कर घर नहीं लौटे। इससे परेशान होकर पत्नी कमलेश देवी पति की खोज करने लगी। सुधांशु के दूसरे गनर शारदानंद पांडेय ने घर आकर बताया कि 28 तारीख को वीरेंद्र सिंह के साथ शाम को सुधांशु दत्त द्विवेदी का चालक साथ में था। इसके अलावा दूसरे गनर ने कोई जानकारी नहीं दी। पति का पता न चलने पर पत्नी कमलेश देवी ने मोहल्ला सेनापति निवासी सुुधांशु दत्त द्विवेदी, उनकी गाड़ी के चालक राजू और दूसरे गनर शारदानंद पांडेय के खिलाफ शहर कोतवाली में तहरीर दी।
विज्ञापन
इसमें पति को गायब कर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर तीनों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान शाहजहांपुर के थाना सिधौली के कीरतपुर निवासी अशोक कुमार त्रिपाठी, शहर के बढ़पुर निवासी दिनेश कुमार उर्फ लल्ला व अमृतपुर क्षेत्र के गांव अमैयापुर निवासी अजय ठाकुर का नाम प्रकाश में आया। अशोक कुमार त्रिपाठी पुलिस में था। पुलिस ने अशोक कुमार त्रिपाठी को पकड़ा और पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पांचालघाट बंधा के पास बालू में गड़ी हुई कार्वाइन बरामद की। सिपाही अशोक कुमार ने कार्बाइन के लिए गनर वीरेंद्र सिंह की हत्या अपने सहयोगी अजय ठाकुर के साथ मिलकर की थी।
विज्ञापन
शव को दिनेश कुमार की गाड़ी से लेजाकर सीतापुर नहर में बहा दिया था। गाड़ी बरामद होने पर उसमें से खून लगा अगौछा व गनर की घड़ी बरामद हुई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद सिपाही अशोक कुमार त्रिपाठी, गाड़ी चालक दिनेश कुमार उर्फ लल्ला व अजय ठाकुर के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी सिपाही अशोक कुमार की मौत हो गई। दो अन्य आरोपियों पर मुकदमा चला। बचाव पक्ष के वकील व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता हरनाथ सिंह, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केके पांडेय, अखिलेश कुमार सिंह ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी अजय ठाकुर को अपहरण, हत्या, लूट व साक्ष्य मिटाने के आरोप में दोषी पाकर सजा व जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी दिनेश कुमार उर्फ लल्ला को मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया गया है।
पूर्व मंत्री की हत्या के मुकदमे में वादी थे सुधांशु
सेनापति निवासी पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की 1997 में गोली मार कर हत्या की गई थी। जिसका मुकदमा भतीजे सुधांशु दत्त द्विवेदी ने दर्ज करवाया था। इस कारण सुरक्षा के लिए सुधांशुदत्त द्विवेदी को दो गनर दिए गए थे।