{"_id":"5fdce7108ebc3ecd6d668a7b","slug":"old-doctor-was-strangled-farrukhabad-news-knp6007253195","type":"story","status":"publish","title_hn":"वृद्ध डॉक्टर की गला घोंटकर हत्या कर फेंका गया था शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वृद्ध डॉक्टर की गला घोंटकर हत्या कर फेंका गया था शव
विज्ञापन
इबादुर रहमान की फाइल फोटो।
- फोटो : FARRUKHABAD
वृद्ध डॉक्टर का घोटा गया था गला
फर्रुखाबाद। कायमगंज में सड़क किनारे मृत मिले डॉक्टर का गला घोटकर हत्या की गई थी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम में हुई है। परिजनों ने अभी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। डॉक्टर 14 दिसंबर को सुबह नौ बजे टहलने को घर से निकले थे और उसके बाद घर नहीं पहुंचे। कंपिल थाने में परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव कटिया निवासी डॉ. इबादुर रहमान (70) ने 1990 में लखनऊ से बीएएमएस की पढ़ाई की थी। लगभग तीन वर्ष उन्होंने गंजडुंडवारा के मेडिकल कालेज में छात्रों को पढ़ाया था। 14 दिसंबर को सुबह नौ बजे वे टहलने के लिए अपने गन्ने के खेत पर गए थे। इसके बाद घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने उनकी खोजबीन की, लेकिन उनके बारे में पता नहीं चला।
कंपिल थाने में परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। गुरुवार सुबह कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के अचरा कायमगंज मार्ग पर उनका शव पड़ा मिला था। शव को जानवरों ने नोंचा था। कायमगंज कोतवाल ने पहचान के लिए सभी थानेदारों को शव के फोटो भेज दिए थे। कंपिल एसओ जेपी शर्मा ने पहचान कर परिजनों को इसके बारे में बताया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस में पुत्र अतीकुर्रहमान, फैजान ने शव की शिनाख्त पिता इबादुर रहमान के रूप में की।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 36 घंटे पहले गला घोटकर उनकी हत्या किए जाने की पुष्टि की है। शव के माथे, कान, सीने व अंगुली पर जानवरों के नोंचने के घाव मिले। मृतक की पत्नी की दस वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। उनके दो पुत्र व पुत्रियां अनवरजहां व निशा हैं।
परिवार के लोगों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। दोनों पुत्र खेती करते हैं। कंपिल थानाध्यक्ष जेपी यादव ने बताया कि शव कायमगंज क्षेत्र में मिला है। बाद में उनके यहां गुमशुदगी दर्ज हुई। अधिकारी जो आदेश करेंगे। उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। कायमगंज में सड़क किनारे मृत मिले डॉक्टर का गला घोटकर हत्या की गई थी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम में हुई है। परिजनों ने अभी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। डॉक्टर 14 दिसंबर को सुबह नौ बजे टहलने को घर से निकले थे और उसके बाद घर नहीं पहुंचे। कंपिल थाने में परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव कटिया निवासी डॉ. इबादुर रहमान (70) ने 1990 में लखनऊ से बीएएमएस की पढ़ाई की थी। लगभग तीन वर्ष उन्होंने गंजडुंडवारा के मेडिकल कालेज में छात्रों को पढ़ाया था। 14 दिसंबर को सुबह नौ बजे वे टहलने के लिए अपने गन्ने के खेत पर गए थे। इसके बाद घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने उनकी खोजबीन की, लेकिन उनके बारे में पता नहीं चला।
विज्ञापन
कंपिल थाने में परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। गुरुवार सुबह कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के अचरा कायमगंज मार्ग पर उनका शव पड़ा मिला था। शव को जानवरों ने नोंचा था। कायमगंज कोतवाल ने पहचान के लिए सभी थानेदारों को शव के फोटो भेज दिए थे। कंपिल एसओ जेपी शर्मा ने पहचान कर परिजनों को इसके बारे में बताया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस में पुत्र अतीकुर्रहमान, फैजान ने शव की शिनाख्त पिता इबादुर रहमान के रूप में की।
विज्ञापन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 36 घंटे पहले गला घोटकर उनकी हत्या किए जाने की पुष्टि की है। शव के माथे, कान, सीने व अंगुली पर जानवरों के नोंचने के घाव मिले। मृतक की पत्नी की दस वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। उनके दो पुत्र व पुत्रियां अनवरजहां व निशा हैं।
परिवार के लोगों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। दोनों पुत्र खेती करते हैं। कंपिल थानाध्यक्ष जेपी यादव ने बताया कि शव कायमगंज क्षेत्र में मिला है। बाद में उनके यहां गुमशुदगी दर्ज हुई। अधिकारी जो आदेश करेंगे। उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।