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बदायूं के शरणार्थी गांव बसाकर 2000 बीघा भूमि पर काबिज

Tue, 07 Jun 2022 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2022 12:00 AM IST
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Occupied on 2000 bighas of land by settling refugee village of Badaun
गांव दल नगला। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
कंपिल (फर्रुखाबाद)। बदायूं जिले के गांव दल नगला निवासी करीब 200 परिवार 10 साल पहले गंगा में आई बाढ़ के दौरान शरणार्थी बनकर यहां के किसानों की भूूमि पर बस गए। अब ये लोग 2000 बीघा भूमि पर कब्जा कर खेती किसानी कर रहे हैं। इतना ही नहीं फर्रुखाबाद की बिजली चोरी कर घर भी रोशन कर रहे हैं। शिकायत पर प्रशासन ने भूमि की पैमाइश कराई तो जमीन जिले के किसानों की ही निकली।
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क्षेत्र के गांव बहवलपुर की कटरी की भूमि बदायूं जिले की तहसील दातागंज की सीमा से सटी है। बहवलपुर के किसानों की हजारों बीघा जमीन कटरी में है। करीब दस साल पूर्व बहवलपुर की सीमा से सटा बदायूं का गांव दल नगला गंगा की बाढ़ में कट गया था। इस पर इस गांव के करीब 200 से अधिक परिवार बहवलपुर के किसानों के खेतों में आकर बस गए। पहले झोपड़ी डाली, फिर पक्के मकान बनाने के साथ भूमि भी कब्जाते चले गए। कटरी की भूमि होने से किसानों ने ध्यान नहीं दिया।
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बदायूं जिला प्रशासन की ओर से गांव में दल नगला के नाम से सरकारी स्कूल और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन बिजली नहीं पहुंच सकी। इस पर इन ग्रामीणों ने पास से गुजरी फर्रुखाबाद की लाइन से गांव में बिजली पहुंचाई और चोरी की बिजली से घर रोशन कर रहे हैं। बहवलपुर के किसानों ने एक वर्ष पूर्व अवैध कब्जे की शिकायत जिला प्रशासन से की।
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राजस्व विभाग ने कई बार पैमाइश भी की, लेकिन कब्जा नहीं हटा। जिला पंचायत सदस्य किशनपाल सिंह यादव ने 30 मई को अतिक्रमण और खेतों पर कब्जे का मामला एसडीएम कायमगंज गौरव शुक्ला के सामने उठाया। एसडीएम ने कानूनगो मुरारीलाल, मानवेंद्र सिंह, नरेश पाठक, लेखपाल पंकज सिंह व सोरन सिंह की टीम को भूमि का चिह्नांकन करने के निर्देश दिए।

उधर, तहसील दातागंज की राजस्व टीम को भी मौके पर रहने के लिए कहा। दो जून को दोनों जिलों की राजस्व टीमों ने चिह्नांकन किया तो भूमि बहवलपुर के किसानों की निकली, लेकिन कब्जेदार नहीं माने। बहवलपुर के लेखपाल पंकज सिंह का कहना है कि भूमि बहवलपुर के किसानों की है। कब्जेदार इन खेतों पर किसानी कर रहे हैं।
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