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गायत्री नर्सिंगहोम के सर्जन को नोटिस भेज मांगा जवाब
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बच्ची के पेट के आपरेशन के बाद इलाज में लापरवाही से इस संक्रमण फैलने के मामले में एक माह बाद भी बच्ची लखनऊ के पीजीआई में जिंदगी, मौत से जूझ रही है। डीएम के आदेश पर जांच कमेटी के अध्यक्ष सिटी मजिस्ट्रेट ने सर्जन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
कस्बा कमालगंज के मोहल्ला लोहिया नगर निवासी मजदूर बलराम कश्यप ने बेटी मोनिका (8) को पेट में दर्द होने पर दो फरवरी को मसेनी स्थित गायत्री नर्सिंगहोम में भर्ती कराया।
उसकी आंत उलझी बताकर तीन फरवरी को आपरेशन कर दिया गया। 15 दिन इलाज के दौरान लापरवाही से संक्रमण फैल गया और 16 फरवरी को उसे रेफर कर दिया गया। कानपुर हैलट व लखनऊ केजीएमसीयू में भर्ती न किए जाने पर परिजनों ने 19 फरवरी को डीएम से गुहार लगाई। डीएम के आदेश पर लोहिया अस्पताल में भर्ती के कुछ देर बाद ही आगरा रेफर कर दिया गया।
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वहां भी भर्ती न होने से तड़पती मोनिका को परिजन वापस घर ले आए। 22 फरवरी को परेशान परिजन बेटी को लेकर नर्सिंगहोम में धरने पर बैठ गए। बवाल की आशंका पर प्रशासन चेता और बच्ची को लोहिया से पीजीआई लखनऊ रेफर करा दिया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है।
इधर जिलाधिकारी के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने सर्जन डा.एके गुप्ता को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य ने बताया डा.एके गुप्ता ने अभी सभी बिंदुओं पर सही जवाब नहीं दिया है। नर्सिंगहोम के मानकों की गहनता से जांच की जाएगी।
बलराम ने फोन पर बताया कि बेटी मोनिका का पीजीआई लखनऊ में इलाज चल रहा है। कुछ सुधार भी हुआ। थोड़ा-बहुत खाने को दिया गया। संक्रमण खत्म होने पर बेटी का दोबारा आपरेशन किया जाएगा। हालांकि अब बेटी की जान बचने की उम्मीद बंधने लगी है।
डिप्टी सीएमओ डा.एपी सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने मसेनी रोड स्थित गायत्री नर्सिंगहोम व कमालगंज के समीर नर्सिंगहोम की जांच कमेटी से कराने के आदेश दिए हैं। कमेटी में उनके अलावा सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी व आईएमए के एक सदस्य शामिल हैं।
नर्सिंगहोम में सर्जन के अलावा एमबीबीएस डॉक्टर की 24 घंटे मौजूदगी, प्रशिक्षित स्टाफ, आपरेशन में संक्रमण फैलने का कारण, पंजीकरण में दिखाए गए स्टाफ व मौके पर मौजूद कर्मचारियों की सूची का मिलान, नर्सिंगहोम में आपरेशन संबंधी व्यवस्थाएं, भर्ती करने का स्थान आदि बिंदुओं पर गहनता से जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि दोनों नर्सिंगहोम जांच बिंदुओं पर खरे उतरने की उम्मीद कम है।
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कस्बा कमालगंज के मोहल्ला लोहिया नगर निवासी मजदूर बलराम कश्यप ने बेटी मोनिका (8) को पेट में दर्द होने पर दो फरवरी को मसेनी स्थित गायत्री नर्सिंगहोम में भर्ती कराया।
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उसकी आंत उलझी बताकर तीन फरवरी को आपरेशन कर दिया गया। 15 दिन इलाज के दौरान लापरवाही से संक्रमण फैल गया और 16 फरवरी को उसे रेफर कर दिया गया। कानपुर हैलट व लखनऊ केजीएमसीयू में भर्ती न किए जाने पर परिजनों ने 19 फरवरी को डीएम से गुहार लगाई। डीएम के आदेश पर लोहिया अस्पताल में भर्ती के कुछ देर बाद ही आगरा रेफर कर दिया गया।
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वहां भी भर्ती न होने से तड़पती मोनिका को परिजन वापस घर ले आए। 22 फरवरी को परेशान परिजन बेटी को लेकर नर्सिंगहोम में धरने पर बैठ गए। बवाल की आशंका पर प्रशासन चेता और बच्ची को लोहिया से पीजीआई लखनऊ रेफर करा दिया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है।
इधर जिलाधिकारी के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने सर्जन डा.एके गुप्ता को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य ने बताया डा.एके गुप्ता ने अभी सभी बिंदुओं पर सही जवाब नहीं दिया है। नर्सिंगहोम के मानकों की गहनता से जांच की जाएगी।
बलराम ने फोन पर बताया कि बेटी मोनिका का पीजीआई लखनऊ में इलाज चल रहा है। कुछ सुधार भी हुआ। थोड़ा-बहुत खाने को दिया गया। संक्रमण खत्म होने पर बेटी का दोबारा आपरेशन किया जाएगा। हालांकि अब बेटी की जान बचने की उम्मीद बंधने लगी है।
डिप्टी सीएमओ डा.एपी सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने मसेनी रोड स्थित गायत्री नर्सिंगहोम व कमालगंज के समीर नर्सिंगहोम की जांच कमेटी से कराने के आदेश दिए हैं। कमेटी में उनके अलावा सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी व आईएमए के एक सदस्य शामिल हैं।
नर्सिंगहोम में सर्जन के अलावा एमबीबीएस डॉक्टर की 24 घंटे मौजूदगी, प्रशिक्षित स्टाफ, आपरेशन में संक्रमण फैलने का कारण, पंजीकरण में दिखाए गए स्टाफ व मौके पर मौजूद कर्मचारियों की सूची का मिलान, नर्सिंगहोम में आपरेशन संबंधी व्यवस्थाएं, भर्ती करने का स्थान आदि बिंदुओं पर गहनता से जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि दोनों नर्सिंगहोम जांच बिंदुओं पर खरे उतरने की उम्मीद कम है।