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तीमारदार बोले साहब बाजार से लाना पड़ता है इंजेक्शन
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फर्रुखाबाद। नोडल अधिकारी ने रविवार सायंकाल एल-2 अस्पताल का निरीक्षण किया। पूछताछ में तीमारदारों ने बताया कि साहब मरीज को लगने वाला इंजेक्शन बाजार से लाना पड़ता है। इस पर नोडल अधिकारी ने नाराजगी जताई और व्यवस्थाएं कमजोर बताते हुए सुधार करने के निर्देश दिए।
जिले के नोडल अधिकारी आवास आयुक्त तथा निदेशक नगर भूमि सीमा रोपण अजय चौहान ने फतेहगढ़ स्थिति एल-2 अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों के तीमारदारों को बुलाकर इलाज के संबंध में जानकारी ली। इस पर तीमारदारों ने बताया कि साहब सांस में दिक्कत होने पर मरीजों को लगने वाला डेरी फाइलिन इंजेक्शन अस्पताल से नहीं मिल रहा है। इससे बाजार से लाकर लगवाना पड़ता है। इस पर नोडल अधिकारी ने नाराजगी जताई और इंजेक्शन की अस्पताल में व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। अस्पताल की अन्य व्यवस्थाएं भी देखीं।
इसके बाद नोडल अधिकारी कलक्ट्रेट स्थित कोविड कंट्रोल सेंटर पहुंचे। वहां शिकायत रजिस्टर देखकर उस पर लिखे नंबरों पर काल कर जानकारी ली। कर्मचारियों से जानकारी ली कि मरीज का गलत नंबर होने पर कैसे ट्रेस करते हो। उन्होंने गलत नंबरों को ट्रेस कर सही लिखे गए मरीजों के नंबरों का भी रिकार्ड देखा। हालांकि सब ठीकठाक मिला। उन्होंने सीएमओ डॉ.वंदना सिंह से सैंपलिंग की जानकारी ली। जांच रिपोर्ट देरी से आने पर भी सवाल उठाए। नोडल अधिकारी ने कहा कि सैंपल रिजेक्ट क्यों हो रहे हैं। यदि जरूरत हो तो स्टाफ को प्रशिक्षित करवाया जाए। जिससे रिपीट सैंपलिंग न करानी पड़े और संक्रमित को जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्दी इलाज मिल सके।
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जिले के नोडल अधिकारी आवास आयुक्त तथा निदेशक नगर भूमि सीमा रोपण अजय चौहान ने फतेहगढ़ स्थिति एल-2 अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों के तीमारदारों को बुलाकर इलाज के संबंध में जानकारी ली। इस पर तीमारदारों ने बताया कि साहब सांस में दिक्कत होने पर मरीजों को लगने वाला डेरी फाइलिन इंजेक्शन अस्पताल से नहीं मिल रहा है। इससे बाजार से लाकर लगवाना पड़ता है। इस पर नोडल अधिकारी ने नाराजगी जताई और इंजेक्शन की अस्पताल में व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। अस्पताल की अन्य व्यवस्थाएं भी देखीं।
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इसके बाद नोडल अधिकारी कलक्ट्रेट स्थित कोविड कंट्रोल सेंटर पहुंचे। वहां शिकायत रजिस्टर देखकर उस पर लिखे नंबरों पर काल कर जानकारी ली। कर्मचारियों से जानकारी ली कि मरीज का गलत नंबर होने पर कैसे ट्रेस करते हो। उन्होंने गलत नंबरों को ट्रेस कर सही लिखे गए मरीजों के नंबरों का भी रिकार्ड देखा। हालांकि सब ठीकठाक मिला। उन्होंने सीएमओ डॉ.वंदना सिंह से सैंपलिंग की जानकारी ली। जांच रिपोर्ट देरी से आने पर भी सवाल उठाए। नोडल अधिकारी ने कहा कि सैंपल रिजेक्ट क्यों हो रहे हैं। यदि जरूरत हो तो स्टाफ को प्रशिक्षित करवाया जाए। जिससे रिपीट सैंपलिंग न करानी पड़े और संक्रमित को जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्दी इलाज मिल सके।
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