फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   No wheelchair in OPD, had to wait for an hour

Farrukhabad News: ओपीडी में व्हीलचेयर नहीं, एक घंटे करना पड़ा इंतजार

Wed, 05 Nov 2025 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Wed, 05 Nov 2025 12:10 AM IST
विज्ञापन
No wheelchair in OPD, had to wait for an hour
फोटो-16 ओपीडी में पिता को व्हीलचेयर से ले जाता बेटा अर्जुन शाक्य। संवाद
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी में आने वाले चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों के लिए व्हीलचेयर व स्ट्रेचर की सेवा लेना जंग जैसा है।
विज्ञापन

मात्र एक व्हीलचेयर होने से दूसरे मरीज को घंटों इंतजार करना पड़ता है। यहां वार्डबॉय न मिलने से तीमारदार ही स्ट्रेचर व व्हीलचेयर खींचते हैं। यही नहीं आधार कार्ड जमा करने पर ही यह सुविधा दी जाती है। इससे मरीज परेशान होते हैं।
विज्ञापन


अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी में व्हीलचेयर व स्ट्रेचर की सुविधा मिलना पड़ी समस्या है। ओपीडी जाने वाले मरीज को किसी वाहन ने अगर इमरजेंसी गेट पर उतार दिया तो उसे न तो व्हीलचेयर मिलेगी और न ही स्ट्रेचर।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीमारदारों को ओपीडी में आधार कार्ड जमा करके सुविधा लेनी पड़ती है वहीं, एकमात्र व्हीलचेयर होने की वजह से दूसरे मरीज की घंटों इंतजार करना मजबूरी है। इमरजेंसी गेट पर वार्डबॉय की ड्यूटी है, मगर मरीजों को सहायता नहीं मिलती।
इमरजेंसी में जुगाड़ लगाकर लाए व्हीलचेयर
सातनपुर निवासी अर्जुन शाक्य के पिता प्रमोद शाक्य लंबी बीमारी से ग्रसित हैं। वह मंगलवार को ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने पहुंचे। उन्हें व्हीलचेयर की जरूरत थी। अर्जुन सहायता काउंटर पर पहुंचे तो एकमात्र व्हीलचेयर मरीज के पास चली जाने के कारण उन्हें इंतजार करने की बात कह दी। अर्जुन ने बताया कि एक घंटे इंतजार के बाद वह इमरजेंसी में कुछ जुगाड़ लगाकर व्हीलचेयर लाए, इसके बाद पिता को डॉक्टर को दिखाया। इसमें एक घंटा खराब हो गया।

पांच घंटे बाद भी डॉक्टर नहीं मिले
शहर के अमेठी जदीद निवासी प्रेमचंद्र की पत्नी राधा लकवा से पीड़ित हैं। प्रेमचंद्र ने बताया कि सोमवार को पत्नी को लेकर ओपीडी गए, मगर पांच घंटे बाद भी डॉक्टर नहीं मिले। मंगलवार सुबह 10.30 फिर पहुंचे। आधार कार्ड जमा करके पत्नी को लेकर डॉक्टर के पास नंबर लगाते रहे। एक बजे डॉक्टर को दिखाने के बाद प्लास्टर चढ़वाया। आधार कार्ड लेने के लिए दोबारा घर जाना पड़ा, तब व्हीलचेयर मिली।

ओपीडी में व्हीलचेयर व स्ट्रेचर की कमी नहीं। यदि एक है तो वह तुरंत संख्या बढ़वाएंगे। वार्डबॉय रहते हैं। यदि सहयोग नहीं किया, तो वह जवाब तलब करेंगे।
-डॉ. जगमोहन शर्मा, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।

फोटो-16 ओपीडी में पिता को व्हीलचेयर से ले जाता बेटा अर्जुन शाक्य। संवाद

फोटो-16 ओपीडी में पिता को व्हीलचेयर से ले जाता बेटा अर्जुन शाक्य। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed