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जेल के बवाल की मजिस्ट्रेटी जांच में बयान दर्ज कराने कोई नहीं आया
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ जिला जेल में सात नवंबर को हुए बवाल और बंदी की मौत के मामले में किसी ने भी मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज नहीं कराए। बयान दर्ज कराने का मंगलवार को अंतिम दिन था। अब एडीएम ने बयान दर्ज करने के लिए जेल कर्मियों की सूची मांगी गई है।
जिला जेल फतेहगढ़ में सात नवंबर को हुए बवाल में गोली लगने से एक बंदी की मौत हो गई थी। घटना के संबंध में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम को सौंपी थी। इस पर एडीएम ने नौ नवंबर को सूचित किया कि जेल में हुए बवाल के संबंध में कोई भी व्यक्ति, जेल कर्मी, उनके परिजन आदि बयान दर्ज कराने के साथ साक्ष्य भी उपलब्ध करा सकते हैं। जिसे जांच में शामिल किया जाएगा। अंतिम दिन मंगलवार तक एक व्यक्ति ने भी बयान दर्ज नहीं कराए।
एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि एक सप्ताह में उनके पास कोई व्यक्ति न तो बयान दर्ज कराने आया और न ही साक्ष्य देने आया। उन्होंने जिला जेल को पत्र भेजकर कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जेल कर्मियों के बयान दर्ज कर मजिस्ट्रेटी जांच में शामिल किए जाएंगे।
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जिला जेल फतेहगढ़ में सात नवंबर को हुए बवाल में गोली लगने से एक बंदी की मौत हो गई थी। घटना के संबंध में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम को सौंपी थी। इस पर एडीएम ने नौ नवंबर को सूचित किया कि जेल में हुए बवाल के संबंध में कोई भी व्यक्ति, जेल कर्मी, उनके परिजन आदि बयान दर्ज कराने के साथ साक्ष्य भी उपलब्ध करा सकते हैं। जिसे जांच में शामिल किया जाएगा। अंतिम दिन मंगलवार तक एक व्यक्ति ने भी बयान दर्ज नहीं कराए।
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एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि एक सप्ताह में उनके पास कोई व्यक्ति न तो बयान दर्ज कराने आया और न ही साक्ष्य देने आया। उन्होंने जिला जेल को पत्र भेजकर कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जेल कर्मियों के बयान दर्ज कर मजिस्ट्रेटी जांच में शामिल किए जाएंगे।
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