{"_id":"ab33cebcf23b31973701717a71b93562","slug":"neither-pole-wire-coming-out-bill-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोल न तार का पता आ रहे बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोल न तार का पता आ रहे बिल
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 01 Sep 2015 10:57 PM IST
विज्ञापन
गांव जोगपुर और जाफर नगर में पोल और बिजली के तारों का अता पता नहीं है।
विज्ञापन
यहां लेखपालों के जरिए ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन दिए गए थे। मजे की बात
ये कि गांव में बिजली अब तक नहीं पहुंची है और बिल आने लगे हैं। बिना बत्ती
जलाए बिना बिल आने से गांव के लोग हैरान और परेशान हैं।
वर्ष 2016 में अच्छी बिजली मुहैया कराने और चोरी रोकने के लिए शासन के आदेश पर फरवरी 2015 में बिजली विभाग ने कनेक्शन देने का अभियान चलाया था। तत्कालीन जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने इसके लिए लेखपाल और अमीनों को गांव गांव जाकर ग्रामीणों को कनेक्शन देने का आदेश दिया था। लेखपालों ने गांव जाफर नगर में दो दर्जन
और गांव जोगपुर में डेढ़ दर्जन से अधिक ग्रामीणों को कनेक्शन दिए थे। इनसे कहा गया था कि गांव में विद्युतीकरण कराकर कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा। कागजों में बिजली कनेक्शन देने के बाद विभागीय अधिकारी गांव में विद्युतीकरण कराना भूल गए। कागजी कार्रवाई होने के करीब छह माह बाद बिजली तो नहीं आई लेकिन बिल आने शुरू हो गए।
जाफर नगर के सलीम खां, सफकत खां, सनीम खां, छिन्दू खां, बरकत खां, मिड्डू खां, साविर खां का कहना है कि अभी तक गांव में पोल लगाकर तार नहीं बिछाए गए। घरों में मीटर भी नहीं लगे हैं। फिर भी बिजली बिल आ रहे हैं। यह बिल तीन हजार रुपये से लेकर आठ हजार रुपये तक के हैं। वहीं गांव जोगपुर के रहने वाले ग्रामीण अवनीश, रतीभान,
किशन पाल, सुरेन्द्र सिंह, राजपाल, बलवीर, सुरेश, नितेश कुमार का कहना है कि उनके गांव में विद्युतीकरण नहीं है। लेखपाल ने जबरन रुपये लेकर कनेक्शन दे दिए। इन्होंने विद्युतीकरण कराए जाने का आश्वासन दिया था। अभी तक गांव में विद्युतीकरण नहीं हुआ है। इस कारण छह माह में एक बार भी बिजली का उपभोग नहीं किया। बावजूद इसके बिजली के बिल आ रहे हैं।
वर्जन
ऐसे कुछ गांव हैं, जहां विद्युतीकरण नहीं है। यहां अभियान के तहत कनेक्शन दिए गए थे। इन गांवों तक बिजली पहुंचाने का काम चल रहा है। जिन गांवों में विद्युतीकरण नहीं है और उपभोक्ताओं के पास बिल पहुंच गए, ऐसे उपभोक्ता कार्यालय में उपस्थित होकर बिल के साथ प्रार्थना पत्र दें। इनका बिल माफ करवा दिया जाएगा। -अमर सिंह, एक्सईएन ग्रामीण
लोहिया गांव में मीटर लगे, नहीं लगा ट्रांसफार्मर
अभियान के तहत लोहिया गांव में ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन देकर मीटर लगा दिए गए, इनकी केबिल लाइन से नहीं जोड़ी गई। इससे एक दर्जन से अधिक उपभोक्ताओं के घरों में छह माह बाद भी उजियारा नहीं हुआ है। फरवरी 2015 में बिजली विभाग की ओर से कनेक्शन दिए जाने के लिए गांव गांव कैंप लगे थे। लेखपालों ने ग्रामीणों को बुला-बुला कर
कनेक्शन दिए थे। इसके तहत लोहिया गांव सिंधौली में उर्मिला देवी, रार्मेंद्री देवी, आशा देवी, देवकी, गुड्डी, बच्चन सिंह, लखपति, सुशीला, लौंगश्री, रामकुमारी कोे कनेक्शन दिया था। इसकी रसीद भी दी गई थी। इनके घरों में मीटर लगाने के समय बिजली कर्मचारियों ने तीन तीन सौ रुपये लीड लाकर लाइन से तार जोड़ने के नाम पर वसूले थे। करीब छह
माह बाद, आज तक लाइनमैन ने इनके घरों का कनेक्शन पोल से नहीं जोड़ा। इनके आवासों से करीब 90 मीटर दूर एक ट्रांसफार्मर रखा है। यह ओवर लोड होने के कारण वहां के ग्रामीण तार नहीं जोड़ने दे रहे हैं। उपभोक्ताओं ने
विभागीय अधिकारियों से नया ट्रांसफार्मर रखवाए जाने की मांग उठाई थी। अफसरों की अनदेखी के कारण ट्रांसफार्मर नहीं रख पाया। इस कारण उपभोक्ताओं को कनेक्शन होने के बाद भी अंधेरे में रहना पड़ रहा है।
वर्जन
ग्रामीणों का कनेक्शन पोल से जोड़ने के लिए कई बार लाइनमैन को भेजा गया। ग्रामीणों ने नए ट्रांसफार्मर आने के बाद कनेक्शन जोड़ने की बात कह कर कर्मचारी को लौटा दिया था। इस कारण कनेक्शन नहीं जुड़ सका। अगर ग्रामीण कनेक्शन जुड़वाना चाहते है तो लाइनमैन को भेज कर जुड़वा दिया जाएगा। -विजय यादव, अवर अभियंता कमालगंज
वर्ष 2016 में अच्छी बिजली मुहैया कराने और चोरी रोकने के लिए शासन के आदेश पर फरवरी 2015 में बिजली विभाग ने कनेक्शन देने का अभियान चलाया था। तत्कालीन जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने इसके लिए लेखपाल और अमीनों को गांव गांव जाकर ग्रामीणों को कनेक्शन देने का आदेश दिया था। लेखपालों ने गांव जाफर नगर में दो दर्जन
और गांव जोगपुर में डेढ़ दर्जन से अधिक ग्रामीणों को कनेक्शन दिए थे। इनसे कहा गया था कि गांव में विद्युतीकरण कराकर कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा। कागजों में बिजली कनेक्शन देने के बाद विभागीय अधिकारी गांव में विद्युतीकरण कराना भूल गए। कागजी कार्रवाई होने के करीब छह माह बाद बिजली तो नहीं आई लेकिन बिल आने शुरू हो गए।
जाफर नगर के सलीम खां, सफकत खां, सनीम खां, छिन्दू खां, बरकत खां, मिड्डू खां, साविर खां का कहना है कि अभी तक गांव में पोल लगाकर तार नहीं बिछाए गए। घरों में मीटर भी नहीं लगे हैं। फिर भी बिजली बिल आ रहे हैं। यह बिल तीन हजार रुपये से लेकर आठ हजार रुपये तक के हैं। वहीं गांव जोगपुर के रहने वाले ग्रामीण अवनीश, रतीभान,
किशन पाल, सुरेन्द्र सिंह, राजपाल, बलवीर, सुरेश, नितेश कुमार का कहना है कि उनके गांव में विद्युतीकरण नहीं है। लेखपाल ने जबरन रुपये लेकर कनेक्शन दे दिए। इन्होंने विद्युतीकरण कराए जाने का आश्वासन दिया था। अभी तक गांव में विद्युतीकरण नहीं हुआ है। इस कारण छह माह में एक बार भी बिजली का उपभोग नहीं किया। बावजूद इसके बिजली के बिल आ रहे हैं।
वर्जन
ऐसे कुछ गांव हैं, जहां विद्युतीकरण नहीं है। यहां अभियान के तहत कनेक्शन दिए गए थे। इन गांवों तक बिजली पहुंचाने का काम चल रहा है। जिन गांवों में विद्युतीकरण नहीं है और उपभोक्ताओं के पास बिल पहुंच गए, ऐसे उपभोक्ता कार्यालय में उपस्थित होकर बिल के साथ प्रार्थना पत्र दें। इनका बिल माफ करवा दिया जाएगा। -अमर सिंह, एक्सईएन ग्रामीण
लोहिया गांव में मीटर लगे, नहीं लगा ट्रांसफार्मर
अभियान के तहत लोहिया गांव में ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन देकर मीटर लगा दिए गए, इनकी केबिल लाइन से नहीं जोड़ी गई। इससे एक दर्जन से अधिक उपभोक्ताओं के घरों में छह माह बाद भी उजियारा नहीं हुआ है। फरवरी 2015 में बिजली विभाग की ओर से कनेक्शन दिए जाने के लिए गांव गांव कैंप लगे थे। लेखपालों ने ग्रामीणों को बुला-बुला कर
कनेक्शन दिए थे। इसके तहत लोहिया गांव सिंधौली में उर्मिला देवी, रार्मेंद्री देवी, आशा देवी, देवकी, गुड्डी, बच्चन सिंह, लखपति, सुशीला, लौंगश्री, रामकुमारी कोे कनेक्शन दिया था। इसकी रसीद भी दी गई थी। इनके घरों में मीटर लगाने के समय बिजली कर्मचारियों ने तीन तीन सौ रुपये लीड लाकर लाइन से तार जोड़ने के नाम पर वसूले थे। करीब छह
माह बाद, आज तक लाइनमैन ने इनके घरों का कनेक्शन पोल से नहीं जोड़ा। इनके आवासों से करीब 90 मीटर दूर एक ट्रांसफार्मर रखा है। यह ओवर लोड होने के कारण वहां के ग्रामीण तार नहीं जोड़ने दे रहे हैं। उपभोक्ताओं ने
विभागीय अधिकारियों से नया ट्रांसफार्मर रखवाए जाने की मांग उठाई थी। अफसरों की अनदेखी के कारण ट्रांसफार्मर नहीं रख पाया। इस कारण उपभोक्ताओं को कनेक्शन होने के बाद भी अंधेरे में रहना पड़ रहा है।
वर्जन
ग्रामीणों का कनेक्शन पोल से जोड़ने के लिए कई बार लाइनमैन को भेजा गया। ग्रामीणों ने नए ट्रांसफार्मर आने के बाद कनेक्शन जोड़ने की बात कह कर कर्मचारी को लौटा दिया था। इस कारण कनेक्शन नहीं जुड़ सका। अगर ग्रामीण कनेक्शन जुड़वाना चाहते है तो लाइनमैन को भेज कर जुड़वा दिया जाएगा। -विजय यादव, अवर अभियंता कमालगंज