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नायब तहसीलदार को बाहर निकाल ऑफिस में डाला ताला

Fri, 14 Sep 2018 12:43 AM IST
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farrukhabad Updated Fri, 14 Sep 2018 12:43 AM IST
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Nayab Tehsildar was put out in the office lock
नायब तसहीलदार पवन गुप्ता से वकलों की होती नोकझोंक - फोटो : amarujala
तहसील सदर में गुरुवार को भू अभिलेखों में पैतृक संपत्ति की विरासत दर्ज कराने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बिना सुनवाई के स्टे आर्डर जारी करने से गुस्साए अधिवक्ता ने तहसीलदार न्यायिक के कक्ष में ताला डाल दिया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। मामला बढ़ने पर मौके पर पुलिस पहुंच गई। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने समझाकर मामला शांत किया।
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फतेहगढ़ कचहरी के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह की परगना शमसाबाद पूर्व के गांव बांसखेड़ा में पैतृक संपत्ति है। उनके पिता सुदामालाल शर्मा की वर्ष 2014 में मृत्य हो चुकी है। पिता की मौत के बाद उन्होंने पैतृक संपत्ति में अपने परिवार के नाम विरासत में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया। इसके लिए सारे साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके बाद भी उनका नाम विरासत में दर्ज करने में संबंधित अधिकारी और राजस्व कर्मचारी लापरवाही बरतते रहे। मई में संबंधित राजस्व अधिकारी ने उनके परिवार का नाम विरासत में दर्ज करने का आदेश दिया। बताया गया कि इसी बीच एक महिला ने विरासत में आपत्ति जताई। इस पर तत्कालीन नायब तहसीलदार चूणामणि ने अधिवक्ता पक्ष को बिना नोटिस जारी किए विरासद दर्ज करने के आदेश पर स्टे कर दिया। इसकी जानकारी पर गुरुवार को अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार शर्मा तहसील आए और नवागत नायब तहसीलदार पवन गुप्ता से जानकारी मांगी। नायब तहसीलदार ने उन्हें स्टे आर्डर के बारे में अवगत कराया। इतना सुनते ही अधिवक्ता शैलेंद्र शर्मा भड़क गए।
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उन्होंने नायब तहसीलदार और कर्मचारी पर रिश्वत मांगने आरोप लगाए तो उनमें तीखी नोकझोंक हुई। गुस्साए अधिवक्ता ने नायब तहसीलदार पवन गुप्ता को कार्यालय से बाहर निकालकर तहसीलदार न्यायिक के कक्ष में ताला डाल दिया। मामला बढ़ने पर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अतर सिंह कटियार, सचिव रविनेश यादव, ओमप्रकाश, अतुल मिश्र, राहुल दीक्षित, अजय प्रताप सिंह और जर्नादनदत्त राजपूत आदि पहुंच गए। अधिवक्ताओं ने समझाकर मामला शांत कराया। सचिव ने कहा कि बिना नोटिस दिए स्टे आर्डर करना नियम विरुद्घ है। नायब तहसीलदार पवन गुप्ता ने बताया कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने चार्ज लिया है। उन्हें मामले की जानकारी भी नहीं थी। पत्रावलियों को देखेंगे, जो ठीक होगा। उसी के आधार पर समाधान किया जाएगा। कार्यालय में ताला डालने की जानकारी उन्होंने आला अफसरों को दे दी है। सदर तहसीलदार प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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