फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Namo government's first budget, everything dearer

नमो सरकार के पहले बजट में सब कुछ मंहगा

Sat, 28 Feb 2015 11:31 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Sat, 28 Feb 2015 11:31 PM IST
विज्ञापन
Namo government's first budget, everything dearer
नमो सरकार का पहला बजट आम और खास को कोई खुशी नहीं दे सका। सर्विस टैक्स की
विज्ञापन
बढ़ोत्तरी से सारी चीजें महंगी होंगी। टैक्स स्लैब जस का तस रहने से भी निराशा ही हाथ लगी है। हर परिवार को घर और परिवार के एक शख्स को रोजगार के सपने वर्ष 2022 के लिए टांग दिए गए हैं।

बजट में सर्विस टैक्स 12.36 से बढ़ाकर 14 फीसदी करने का प्रस्ताव है। इससे रोटी, कपड़ा, मकान सब महंगा होगा। युवाआें के लिए इस बजट में केवल सपने ही हैं। सरकार ने हर परिवार को घर और परिवार के एक शख्स को रोजगार देने के सपने दिखाए हैं। यह योजना वर्ष 2022 में हकीकत में बदलेगी। इसी तरह 2022 तक ही हर गांव को बिजली से रोशन करने का लक्ष्य है।

बजट में टेक्सटाइल पार्क के लिए भी बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। सब्सिडी में भी बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। कास्मेटिक, इलेक्ट्रिानिक्स के सामान में छूट की उम्मीद भी पूरी नहीं हुई।


विपक्षियों ने कहा निकलेगी जनता की आह तो
फर्रुखाबाद। आम बजट को विपक्षियों ने बेहद खराब करार दिया है। उनका कहना है कि आम बजट में किए गए प्रावधानों से हर व्यक्ति दुखी होगा। सरकार मुद्री स्फीर्ति बढ़ाने का दावा कर रही है, लेकिन महंगाई की चोट गहरी होगी। जनता की यह आह भाजपा के पतन का कारण बनेगी। दूसरी तरफ भाजपा ने आम बजट को दूरगामी करार दिया है।
 
बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामनरेश गौतम का कहना है कि इस बजट में केवल सपने दिखाए गए हैं। इसमें आम व निम्न तबके के लिए कुछ नहीं है। केवल कारपोरेट जगत को राहत दी गई है। यह बुरे दिनाें का बजट है।  
   
कांग्रेस के प्रदेश सचिव कौशलेंद्र यादव का कहना है कि लोगाें को ठगा गया है। सर्विस टैक्स बढ़ाकर आम जन को महंगाई से लाद दिया गया। मोदी सरकार किसी की भी उम्मीद पर खरी नहीं उतरी है। मनरेगा का समर्थन कर सरकार ने यह माना है कि कांग्रेस की योजनाएं अच्छी थीं।

संासद मुके श राजपूत ने कहा कि इस बजट से मेक इन इंडिया का सपना पूरा होगा। यह बजट नौजवान, किसान, छात्र, कारोबारियाें, सभी के लिए फायदे का है। बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। देश के आर्थिक विकास का ढांचा मजबूत होगा। बजट में 62 फीसदर राज्य सरकाराें को हिस्सेदारी मिली है।

बोलीं महिलाएं, टूट गईं उम्मीदें
महिलाओं का कहना है कि मोदी सरकार का आम बजट हर वर्ग को झटका देने वाला है। हालांकि निर्भया फंड का कोटा बढ़ाना औक सुकन्या समृद्धि योजना में टैक्स पर 80 सी के तहत सराहनीय है। रसोई का बजट घटाने पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया है। कुल मिलाकर भाजपा सरकार ने पहले ही बजट में सारी उम्मीदें तोड़ दीं है।  

निश्चित आय वालों को निराश किया
अर्थशास्त्री डा. एमएस सिद्दीकी ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि निश्चित आय व मध्यम वर्ग के लोगों को बजट से निराशा हाथ लगी है। वित्तमंत्री ने आय कर में कोई परिवर्तन नहीं किया है। उधर सर्विस टैक्स को 12.36 से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया है। इसके परिणाम से अनेक सेवाएं महंगी हो जाएंगी। इस स्थिति में बचत के अभाव में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा स्कीमों में निवेश से मिलने वाली कर राहत से करदाता वंचित रह जाएगा।

उधर, वित्तमंत्री द्वारा कारपोरेट टैक्स को 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया है। वेल्थ टैक्स को खत्म करके एक करोड़ से अधिक आय पर दो फीसदी सरचार्ज लगा दिया है। इन प्रावधानों से उच्च मध्यम वर्ग को ही लाभ होगा। आम उपभोक्ता को बाजार की शक्तियों की दया पर निर्भर रहना पड़ेगा। बजट में कुछ स्वागत योग्य प्रावधान भी है। कर से प्राप्त राशि में राज्यों के हिस्से को बढ़ाकर 42 फीसदी कर दिया है।

इससे संघीय वित्त व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वित्तमंत्री ने बजट में बुजुर्गों का भी ध्यान रखा है। जीएसटी को अप्रैल 2016 से पूरे देश में लागू करने की स्पष्ट घोषणा की है। राजनीतिक रूप से सब्सिडी बहुत संवेदनशील मसला है। वित्तमंत्री ने सब्सिडी पर कैंची चलाने की अपेक्षा लीकेज को समाप्त करने का प्रस्ताव बजट में किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed