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मोहम्मदाबाद ब्लाक प्रमुख की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

Sun, 31 Oct 2021 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 12:06 AM IST
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Mohammadabad block chief's anticipatory bail application rejected
फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद ब्लाक प्रमुख की अग्रिम जमानत अर्जी जिला जज ने अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनकर खारिज कर दी। ब्लाक प्रमुुख व उनके भाई के खिलाफ जन्मतिथि व नाम में हेराफेरी कर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने का मुकदमा मोहम्मदाबाद कोतवाली में दर्ज हुआ था।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली के अपराध इंस्पेक्टर दिवाकर प्रसाद सरोज ने 29 सितंबर को गांव सहसापुर निवासी मोहम्मदाबाद ब्लाक प्रमुख अमित दुबे उर्फ बब्बन, अनुराग दुबे उर्फ डब्बन के खिलाफ नाम व जन्मतिथि बदलकर शस्त्र लाइसेंस हासिल करने का मुकदमा दर्ज कराया था। अनुुराग को पुलिस ने व्यापारी मोहन अग्रवाल पर जानलेवा हमले में गिरफ्तार कर 24 सितंबर को जेल भेज दिया था। अनुराग की ओर से शस्त्र लाइसेंस हासिल करने के धोखाधड़ी के मुकदमे में जमानत के लिए जिला जज के यहां प्रार्थना पत्र दिया गया था।
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जिला जज ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। ब्लाक प्रमुख अमित की ओर से उनके वकील जितेंद्र सिंह चौहान ने अग्रिम जमानत अर्जी जिला जज के यहां दायर की थी। शनिवार को अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता सुदेश प्रताप सिंह ने अमित दुबे उर्फ बब्बन को शातिर अपराधी बताकर चार मुकदमों का आपराधिक इतिहास कोर्ट में पेश किया। बचाव पक्ष की ओर से जितेंद्र सिंह चौहान ने अमित दुबे उर्फ बब्बन को व्यापारी बताकर दलीलें दीं। जिला जज चवन प्रकाश ने सुनवाई के बाद अमित दुबे उर्फ बब्बन की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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व्यापारी नेता के मुकदमे में नहीं पेश हुए अनुपम
फर्रुखाबाद। जीआरपी इंस्पेक्टर राम निवास यादव हत्याकांड में मैनपुरी जेल में बंद बसपा नेता शनिवार को कानपुर कोर्ट में पेशी पर गए थे। व्यापारी नेता मोहन अग्रवाल पर जानलेवा हमले के मामले में बसपा नेता व कासगंज जेल में बंद उनके भाई अनुराग दुबे की सीजेएम कोर्ट में शनिवार को पेेशी थी। इस मुकदमे में सीजेएम ने विवेचक से जवाब तलब किया था। जवाब भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ है। बसपा नेता व उनके भाई पेशी पर नहीं आए।

उधर रासुका के मामले में 26 अक्तूबर को एनआईसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बसपा नेता की पेशी हुई थी। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि बसपा नेता अनुपम ने एडवाइजरी कमेटी के सामने उसी दिन अपना पक्ष रखकर दलीलें दी थीं। इसके बाद डीएम-एसपी ने बसपा नेता पर दर्ज मुकदमों व आपराधिक इतिहास के बारे में एडवाइजरी कमेटी को अवगत कराया था। इससे अब उनकी एडवाजरी कमेटी के सामने पेशी नहीं होनी है। (संवाद)
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