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हंगामे की भेंट चढ़ा अल्पसंख्यक अधिकार दिवस
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद।
Updated Fri, 19 Dec 2014 12:27 AM IST
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अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम अव्यवस्थाओं के चलते एक वर्ग की भेंट चढ़ गया। कार्यक्रम में शहर के तमाम अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की उपेक्षा की गई। लोगों को कार्यक्रम की जानकारी ही नहीं थी। कार्यक्र म के दौरान हंगामा व नारेबाजी हुई।
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गुरुवार को पालिका सभागार में आयोजित अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर शहर के सिख, क्रिश्चियन, जैन समेत तमाम अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को कार्यक्रम की भनक नहीं थी। कार्यक्रम में केवल एक वर्ग के लोगों ने शिरकत की। सभासद असलम अंसारी, इजहार कुरैशी, रफी अंसारी, मुख्य्तार टेनी, मसरूर खां ने कहा कि अल्पसंख्यक अधिकार दिवस सरकार का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।
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इसमें लोगों को तवज्जो नहीं दी गई। कार्यक्रम में अल्पसंख्यकों के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मात्र औपचारिकता निभाने के लिए आयोजित किया गया है। इन लोगों ने कार्यक्रम में पहुंचे अधिकारियों पर सवाल दागते हुए कहा कि अल्पसंख्यक दिवस पर सरकार की क्या योजनाएं हैं और सरकार अल्पसंख्यकों के लिए क्या कर रही है। इस बाबत अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
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अधिकारियों की चुप्पी से लोग भड़क गए। इससे हंगामे की नौबत बन गई। मामला बिगड़ता देख परियोजना निदेशक डा. डीआर विश्वकर्मा ने लोगों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया लेकिन नेता अपना रौब जमाने के लिए कार्यक्रम को स्थगित करने की मांग करने लगे।
परियोजना निदेशक ने कार्यक्रम आयोजकों की चूक को स्वीकार किया। उन्होंने लोगों को शांत कराते हुए कहा कि अल्पसंख्यक अधिकारी सी. लाल अपनी गलती मान रहे हैं। इसलिए मामले को यहीं खत्म कर कार्यवाही को चलने दें। उन्होंने अपने विभाग की तरफ से मुस्लिम वर्ग के लोगों को समझाते हुए इंदिरा आवास, आजीविका मिशन, लोहिया आवास समेत कई योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इसके बाद भी लोग बार-बार कार्यक्रम में व्यवधान डालते रहे। आखिरकार उन्होंने नारेबाजी करते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। इस दौरान मौलाना मोअज्जम अली, जियाउद्दीन, डा. मोहम्मद मोहसिन, समीर मिर्जा, नदीम शेर खां, इकबाल हुसैन और अब्दुल नईम आदि मौजूद रहे।
अल्पसंख्यक अधिकारी छोटेलाल ने कहा कि कार्यक्रम का विरोध कुछ लोगों ने पूर्व नियोजित ढंग से किया है। इससे पहले भी एक ही वर्ग के लोगों द्वारा कार्यक्रम में खलल डालने का प्रयास किया गया था। सूचना पर पहुंचे एडीएम मनोज सिंघल ने भी लोगाें को समझाया।
वहीं जिला पंचायत के सभाकक्ष में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनाया गया। यहां पेशावर में मारे गए बच्चाें को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। यहां जिला पंचायत अध्यक्ष तहसीन सिद्दीकी, यूसुफ खां, जावेद अल्वी, अनस सिद्दीकी, सर्वेश कुमार, अजय कुमार, बृजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।