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बिचौलिया खा रहे आलू किसानों का हक
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 05 Aug 2015 10:47 PM IST
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आलू किसानों की उम्मीदें टूटी हैं। इन्हें अभी भी घाटा से निजात नहीं मिल
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है। इनकी मेहनत पर बिचौलिया डाका डाल रहे हैं। इनका 400 से 500 रुपया
क्विंटल आलू फुटकर में 1000 से 1200 रुपया क्विंटल बिक रहा है। मंदी से
शीतगृहों में निकासी की दर पिछले साल की तुलना में 15 फीसदी गिरी है।
शीतगृह मालिकानों को इस बार आलू फिंकने का अंदेशा लग
रहा है। ऐसे में इन्हें और किसानों को तगड़ा घाटा उठाना पड़ेगा। किसानों का आलू 400 से 500 रुपये क्विंटल की कीमत में बिक रहा है। फुटकर में इसकी कीमत 10 से 12 रुपया किलो यानी 1000 से 1200 रुपया क्विंटल है। यह मुनाफ बिचौलियों की जेब में जा रहा है। बिचौलिया 600 से 700 रुपया क्विंटल कमा रहे हैं। खेल इस तरह से है, किसानों का आलू
कारोबारी खरीदते हैं। यह 50 किलो के दाम में 53 से 55 किलो लेते हैं। इसमें से भी दागी आलू बाहर फेंक देते। इनसे यह आलू 5 से 7 रुपये के मुनाफा पर बिचौलिया खरीदते हैं। यह इसे मोटे मुनाफा पर इलाकाई मंडियों में बेंचते हैं। मोटा
कमीशन बिचौलियों की जेब में जाता है। मंडियों के आढ़ती अलग से कमीशन लेते हैं। आढ़तियों से आलू की खरीद फुटकर दुकानदार करते हैं। यह ग्राहकों को आलू बेचते हैं। बीच का 600 से 700 रुपया इन सबके बीच बंट जाता है।
हो रहा तगड़ा घाटा
राजा नगला के किसान रामनिवास यादव कहते हैं किसानों को तगड़ा घाटा हो रहा है। कोल्ड का भाड़ा 190 रुपया क्विंटल है। वारदाना की कीमत 22 रुपया पैकेट है। क्विंटल के लिहाज से यह 44 रुपया बैठती है। भाड़ा व मजदूरी जोड़कर 300 रुपया पैकेट खर्च है। कारोबारी 50 किलो की जगह 53 से 55 किलो आलू लेते हैं। यह इनकी दस्तूरी है। दागी आलू को बाहर कर देते हैं। इससे किसान को कुछ भी हासिल नहीं होता है। किसान को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
तो कोल्ड में छोड़ना पड़ जाएगा आलू
बलीपुर के राजेश यादव बड़े काश्तकार हैं। इनके 1500 पैकेट कोल्ड स्टोरेज में भंडारित हैं। इनका कहना है कि भाव न बढ़े तो आलू को शीतगृह में ही छोड़ना पड़ेगा। इस रेट में आलू निकासी में घाटा है।
कोल्ड मालिकों को भी घाटा
कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के सचिव उमेश अग्रवाल कहते हैं कि इस बार सभी कोल्ड फुल हुए हैं। पिछले साल अब तक 35 फीसदी आलू की निकासी हो गई थी। इस बार 20 फीसदी ही निकासी हुई है। निकासी के लिए चार माह बचे हैं। आलू पर मंदी है। यही हाल रहा तो आलू फिंकने की नौबत बनेगी। कोल्ड स्टोरेजों का भाड़ा, वारदाना व लोन मारा जाएगा। कोल्ड स्टोरेज मालिकों को तगड़ा घाटा उठाना पड़ेगा।
फैक्ट फाइल
कुल शीतगृह 62
भंडारण क्षमता 60 लाख क्विंटल
निकासी दर औसत 20 फीसदी
आलू भाव
पुखराज प्रजाति : 170 से 200 रुपया क्विंटल
3797 प्रजाति: 200 से 250 रुपया क्विंटल
हालैंड प्रजाति: 225 से 300 रुपया क्विंटल
रहा है। ऐसे में इन्हें और किसानों को तगड़ा घाटा उठाना पड़ेगा। किसानों का आलू 400 से 500 रुपये क्विंटल की कीमत में बिक रहा है। फुटकर में इसकी कीमत 10 से 12 रुपया किलो यानी 1000 से 1200 रुपया क्विंटल है। यह मुनाफ बिचौलियों की जेब में जा रहा है। बिचौलिया 600 से 700 रुपया क्विंटल कमा रहे हैं। खेल इस तरह से है, किसानों का आलू
कारोबारी खरीदते हैं। यह 50 किलो के दाम में 53 से 55 किलो लेते हैं। इसमें से भी दागी आलू बाहर फेंक देते। इनसे यह आलू 5 से 7 रुपये के मुनाफा पर बिचौलिया खरीदते हैं। यह इसे मोटे मुनाफा पर इलाकाई मंडियों में बेंचते हैं। मोटा
कमीशन बिचौलियों की जेब में जाता है। मंडियों के आढ़ती अलग से कमीशन लेते हैं। आढ़तियों से आलू की खरीद फुटकर दुकानदार करते हैं। यह ग्राहकों को आलू बेचते हैं। बीच का 600 से 700 रुपया इन सबके बीच बंट जाता है।
हो रहा तगड़ा घाटा
राजा नगला के किसान रामनिवास यादव कहते हैं किसानों को तगड़ा घाटा हो रहा है। कोल्ड का भाड़ा 190 रुपया क्विंटल है। वारदाना की कीमत 22 रुपया पैकेट है। क्विंटल के लिहाज से यह 44 रुपया बैठती है। भाड़ा व मजदूरी जोड़कर 300 रुपया पैकेट खर्च है। कारोबारी 50 किलो की जगह 53 से 55 किलो आलू लेते हैं। यह इनकी दस्तूरी है। दागी आलू को बाहर कर देते हैं। इससे किसान को कुछ भी हासिल नहीं होता है। किसान को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
तो कोल्ड में छोड़ना पड़ जाएगा आलू
बलीपुर के राजेश यादव बड़े काश्तकार हैं। इनके 1500 पैकेट कोल्ड स्टोरेज में भंडारित हैं। इनका कहना है कि भाव न बढ़े तो आलू को शीतगृह में ही छोड़ना पड़ेगा। इस रेट में आलू निकासी में घाटा है।
कोल्ड मालिकों को भी घाटा
कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के सचिव उमेश अग्रवाल कहते हैं कि इस बार सभी कोल्ड फुल हुए हैं। पिछले साल अब तक 35 फीसदी आलू की निकासी हो गई थी। इस बार 20 फीसदी ही निकासी हुई है। निकासी के लिए चार माह बचे हैं। आलू पर मंदी है। यही हाल रहा तो आलू फिंकने की नौबत बनेगी। कोल्ड स्टोरेजों का भाड़ा, वारदाना व लोन मारा जाएगा। कोल्ड स्टोरेज मालिकों को तगड़ा घाटा उठाना पड़ेगा।
फैक्ट फाइल
कुल शीतगृह 62
भंडारण क्षमता 60 लाख क्विंटल
निकासी दर औसत 20 फीसदी
आलू भाव
पुखराज प्रजाति : 170 से 200 रुपया क्विंटल
3797 प्रजाति: 200 से 250 रुपया क्विंटल
हालैंड प्रजाति: 225 से 300 रुपया क्विंटल