फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Membership will end Shashimohn

खत्म होगी शशिमोहन की सदस्यता

Tue, 12 May 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Tue, 12 May 2015 11:36 PM IST
विज्ञापन
Membership will end Shashimohn
छावनी परिषद की बैठक में ठेकेदार के कार्यों की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय
विज्ञापन
कमेटी का गठन कर दिया गया है।  यह निर्णय मंगलवार को छावनी परिषद बोर्ड की हुई बैठक में लिया गया। इसमें उपाध्यक्ष शशिमोहन  की सदस्यता समाप्त करने को उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।

छावनी परिषद सभागार में मंगलवार को बोर्ड की आकस्मिक बैठक हुई। इसमें रिश्वत के मामले में उपाध्यक्ष शशि मोहन की गिरफ्तारी का मामला छाया रहा। बोर्ड के चेयरमैन ब्रिगेडियर कबिंद्र सिंह ने मामले की जांच को  बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव रखा। इसके तहत ठेकेदार के कार्यों की जांच को कमेटी का गठन किया गया। इसमें एमईएस के दुर्ग अभियंता मेजर सुरेश एन,

टेक्निकल इंजीनियर एचएस अरोड़ा और नगर क्षेत्र के अधिशाषी अभियंता विद्युत सुरेश कुमार को शामिल किया गया। इनके सहयोग में छावनी क्षेत्र के अवर अभियंता स्वतंत्र सिंह सेंगर को लगाया गया है। छावनी परिषद के सईईओ एमपीआर त्रिपाठी ने बताया कि यह कमेटी 10 से 12 दिनों में ठेकेदार के किए गए कार्यों की गुणवत्ता परखेगी। कमेटी बचे हुए कार्य का आंकलन कर स्टीमेट भी बनाएगी। उन्होंने बताया कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार के बकाया भुगतान के बारे

निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड की सहमति से प्रधान निदेशक रक्षा संपदा को पत्र लिखकर रिश्वत लेने में पकड़े गए बोर्ड उपाध्यक्ष शशिमोहन की सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश के लिए पत्र भेजा जाएगा। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार दिलीप कठेरिया को कैंट क्षेत्र में मरम्मत कार्य करने के लिए 48 लाख रुपये का टेंडर 01 अक्तूबर 2014 को दिया गया था। 28 फरवरी को कार्य समाप्त करने की अंतिम तिथि थी। ठेकेदार को कार्य समाप्त करने के लिए

दो बार समय बढ़ाया गया था। इसके बावजूद कार्य पूरा न होने पर 28 मार्च को नोटिस देकर 31 मार्च तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। कार्य पूरा न होने की दशा में फाइनल पेमेंट का 20 प्रतिशत भुगतान और जमानत धनराशि की रकम को रोके जाने का आदेश दिया था। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को कार्य के दौरान ही तीन बार भुगतान किया

जा चुका है। इस मामले में किसी और सभासद की संलिप्तता से इंकार किया। बैठक में कर्नल डीपी प्रशांता, कर्नल अयूब अहमद एन, कर्नल एसएस विष्ट, तेजर सुरेश एन, सिटी मजिस्ट्रेट पीके जैन, सभासद अवंती, शमा अनवर जमाल, अजय कुमार, विजय कुमार व वीरपाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed