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निर्विरोध सदस्य बनने की लगा रहे जुगत
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:55 PM IST
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कायमगंज। ग्राम पंचायतों सदस्य पदों का चुनाव ब्लाककर्मियों और प्रधानों की मिलीभगत से मखौल बन गया है। ब्लाक कार्यालय पर न तो चुनाव का कार्यक्रम चस्पा किया गया है और न ही नामांकन पत्रों की बिक्री के लिए कोई काउंटर लगाया गया है। नामांकन पत्र खरीदने आने वाले दावेदार कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया से बचने के लिए सभी सचिवों को नामांकन पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। सचिव प्रधानों से मिलकर निर्विरोध सदस्य चुने जाने की जुगत लगा रहे हैं।
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आयोग द्वारा ग्राम सभाओं में रिक्त चल रहे सदस्य पद के लिए 21 फरवरी को उपचुनाव कराने की तिथि घोषित की गई थी, ताकि कोरम के अभाव में शपथ लेने से चूके प्रधानों को शपथ दिलाकर गांवों में विकास कार्य शुरू कराए जा सकें। सदस्य पद के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री का काम ब्लाक कार्यालय पर किया जाना चाहिए था। शनिवार को कई दावेदार नामांकन पत्र खरीदने आए लेकिन उन्हें वहां न तो बीडीओ मिलीं, न एडीओ पंचायत और न ही कोई सेक्रेटरी नजर आया।
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रुटौल ग्राम पंचायत से आए खजांची यादव, शिवम मिश्रा, शैलेंद्र यादव, अमर कुमार, बहलोलपुर से आए अखिलेश, रामसेवक दुबे, सतेंद्र शर्मा, मोनू और राकेश आदि ने बताया कि वे सुबह से नामांकनपत्र खरीदने के लिए ब्लाक के चक्कर काट रहे हैं। यहां न तो नामांकन पत्र ही मिल रहे हैं और न ही कोई अधिकारी ही मिल रहा है। उन्होंने ब्लाक कर्मियों पर मनमाने तरीके से चुनाव कराने का आरोप लगाया। उन्होेंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया से बचने के लिए सचिवों के माध्यम से प्रधानों के मनमाने सदस्य बनाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। ताकि मतदान कराने से बचा जा सके।
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इस संबंध में बीडीओ विमला देवी ने बताया कि वे निरीक्षण करने गई हैं। नामांकन पत्रों की बिक्री की जिम्मेदारी सेक्रेटरी राजीव श्रीवास्तव को दी गई है। जब राजीव श्रीवास्तव से पूछा तो उन्होंने बताया कि अधिकारियों के निर्देशानुसार विकास खंड के 12 सचिवों को नामांकन पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि वे प्रधानों से मिल कर रिक्त पदों पर सदस्यों का नामांकन करा सकें। आयोग के निर्देश के बावजूद एडीओ पंचायत कार्यालय पर ताला लटका था। विकास खंड के बोर्ड पर चुनाव संबंधी कार्यक्रम को चस्पा नहीं किया गया था। अधिकांश लोगों को तो यह भी नहीं मालूम की कब नामांकन होगा और कब वोट डाले जाएंगे।