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Farrukhabad News: लोहिया अस्पताल में शव वाहन से ढोई जा रहीं दवाएं
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल के स्टोर की दवाएं शव वाहन से ढाेई जाती हैं। जिम्मेदार दवा भरे शव वाहन को मुख्य गेट की बजाय पीकू वार्ड के पिछवाड़े पर बने गेट पर लगाकर उतारते हैं। इससे लोगों की नजर नहीं पड़ती। दवा उतरते एक वीडियो वायरल होने के बाद असलियत सामने आ गई।
लोहिया अस्पताल के शव वाहन से रोजाना हर तरह के शवों को ढोया जाता है। यही नहीं कई बार अज्ञात शवों को फतेहगढ़ मोर्चरी तक ले जाया जाता है। इससे उसमें संक्रमण होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। अस्पताल प्रशासन इस वाहन को दवा लाने के काम में लेता है। क्योंकि इससे अन्य वाहन पर होने वाले खर्च की बचत हो जाती है। जबकि जिम्मेदार यह भूल जाते हैं कि दवाओं में आने वाली कॉटन, पट्टी, ट्यूब, इंजेक्शन, कैप्सूल, दवाओं को संक्रमण से बचाना बेहद जरूरी होता है।
शव वाहन से दवा भरकर लाने का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वाहन को मुख्य गेट के बाहर लगाने की बजाय गुपचुप तरीके से पीकू वार्ड के उत्तर की तरफ पिछवाड़े गेट पर खड़ा किया गया। वहां इस वाहन से दवाएं उतारी जा रही दिख रही हैं।
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सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि शव वाहन से दवाएं लाने की उन्हें जानकारी नहीं है। वह इस मामले की जानकारी हासिल करेंगे। दवाएं लाने के लिए शव वाहन का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
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लोहिया अस्पताल के शव वाहन से रोजाना हर तरह के शवों को ढोया जाता है। यही नहीं कई बार अज्ञात शवों को फतेहगढ़ मोर्चरी तक ले जाया जाता है। इससे उसमें संक्रमण होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। अस्पताल प्रशासन इस वाहन को दवा लाने के काम में लेता है। क्योंकि इससे अन्य वाहन पर होने वाले खर्च की बचत हो जाती है। जबकि जिम्मेदार यह भूल जाते हैं कि दवाओं में आने वाली कॉटन, पट्टी, ट्यूब, इंजेक्शन, कैप्सूल, दवाओं को संक्रमण से बचाना बेहद जरूरी होता है।
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शव वाहन से दवा भरकर लाने का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वाहन को मुख्य गेट के बाहर लगाने की बजाय गुपचुप तरीके से पीकू वार्ड के उत्तर की तरफ पिछवाड़े गेट पर खड़ा किया गया। वहां इस वाहन से दवाएं उतारी जा रही दिख रही हैं।
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सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि शव वाहन से दवाएं लाने की उन्हें जानकारी नहीं है। वह इस मामले की जानकारी हासिल करेंगे। दवाएं लाने के लिए शव वाहन का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।