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मेडिकल कॉलेज में मिलीं खामियां
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Thu, 24 Nov 2016 11:18 PM IST
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सुरक्षा के इंतजाम न होने की जानकारी दे रहीं छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को मेजर एसडी सिंह एमबीबीएस कॉलेज व अस्पताल की जांच करने गई अधिकारियों की टीम को मेडिकल कालेज में तमाम अव्यवस्थाएं मिलीं। छात्र-छात्राओं ने प्रबंधतंत्र के खिलाफ शिकायतें भी दर्ज कराईं। जांच टीम ने प्रबंधतंत्र के साथ बैठक कर बातचीत भी की
।छात्र-छात्राओं की शिकायत पर जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने नगर मजिस्ट्रेट शिवबहादुर पटेल और मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राकेश कुमार को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज नाला बघार भेजा। सीएमओ और नगर मजिस्ट्रेट के कॉलेज पहुंचते ही एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने शिकायतों की झड़ी लगा दी। सीएमओ और नगर मजिस्ट्रेट ने कॉलेज का निरीक्षण किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान कालेज का मेस पूरी तरह से बंद पाया गया। एमबीबीएस छात्र-छात्राओं की पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं थी। शौचालय और बाथरूम में बेहद गंदगी भरी थी। मेडिकल कॉलेज में चल रहे अस्पताल में कोई डाक्टर मौजूद नहीं मिला। यही नहीं, बल्कि सभी चिकित्सा उपकरण बंद पाए गए।
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मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कोई काम होता नहीं पाया गया। दो माह से मेस बंद होने से छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर मजिस्ट्रेट का कहना है कि स्थिति बेहद खराब है। प्रबंधतंत्र की ओर से डा. अनार सिंह, बाबू सिंह व अन्य अधिकृत लोग मौजूद रहे।
उनसे बातचीत की गई और इस व्यवस्था को सुधारने का भी प्रस्ताव रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि यहां व्यवस्था के नाम पर कोई चीज उन्हें नहीं मिली है। अव्यवस्थाओं का अंबार लगा है। प्रबंधतंत्र ने अधिकारियों को बताया कि छात्र-छात्राएं फीस नहीं दे रहे हैं, जिसकी वजह से व्यवस्थाएं नहीं हो पा रही हैं।
उन्होंने बताया कि व्यवस्थाओं को सुधारने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इससे पहले इस मेडिकल कॉलेज में चल रहे अस्पताल के नर्सिंग कर्मचारी आंदोलन कर चुके हैं और वेतन न मिलने पर वह अपने-अपने घर चले गए हैं। नगर मजिस्ट्रेट ने व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
।छात्र-छात्राओं की शिकायत पर जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने नगर मजिस्ट्रेट शिवबहादुर पटेल और मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राकेश कुमार को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज नाला बघार भेजा। सीएमओ और नगर मजिस्ट्रेट के कॉलेज पहुंचते ही एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने शिकायतों की झड़ी लगा दी। सीएमओ और नगर मजिस्ट्रेट ने कॉलेज का निरीक्षण किया।
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मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान कालेज का मेस पूरी तरह से बंद पाया गया। एमबीबीएस छात्र-छात्राओं की पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं थी। शौचालय और बाथरूम में बेहद गंदगी भरी थी। मेडिकल कॉलेज में चल रहे अस्पताल में कोई डाक्टर मौजूद नहीं मिला। यही नहीं, बल्कि सभी चिकित्सा उपकरण बंद पाए गए।
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मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कोई काम होता नहीं पाया गया। दो माह से मेस बंद होने से छात्र-छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर मजिस्ट्रेट का कहना है कि स्थिति बेहद खराब है। प्रबंधतंत्र की ओर से डा. अनार सिंह, बाबू सिंह व अन्य अधिकृत लोग मौजूद रहे।
उनसे बातचीत की गई और इस व्यवस्था को सुधारने का भी प्रस्ताव रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि यहां व्यवस्था के नाम पर कोई चीज उन्हें नहीं मिली है। अव्यवस्थाओं का अंबार लगा है। प्रबंधतंत्र ने अधिकारियों को बताया कि छात्र-छात्राएं फीस नहीं दे रहे हैं, जिसकी वजह से व्यवस्थाएं नहीं हो पा रही हैं।
उन्होंने बताया कि व्यवस्थाओं को सुधारने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इससे पहले इस मेडिकल कॉलेज में चल रहे अस्पताल के नर्सिंग कर्मचारी आंदोलन कर चुके हैं और वेतन न मिलने पर वह अपने-अपने घर चले गए हैं। नगर मजिस्ट्रेट ने व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।