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मामा ने लगाया छात्रा की हत्या का आरोप
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मऊदरवाजा थाने में पुलिस को जानकारी देती किशोरी की नानी।
- फोटो : FARRUKHABAD
मऊदरवाजा थाने के आवास में महिला सिपाही की भतीजी की मौत के बाद पहुंचे मामा ने उसकी हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने पैनल से पोस्टमार्टम तथा वीडियोग्राफी भी कराई। पोस्टमार्टम हाउस पर किशोरी के परिजनों में केवल दादी ही पहुंचीं। चाचा-चाची और पिता नहीं गए। परिजन शव अंतिम संस्कार को घर ले गए हैं। मामा ने बताया कि भांजी रिशू को हत्या करके लटकाया गया था। वह गुरुवार को तहरीर देंगे।
फतेहगढ़ कोतवाली में तैनात महिला सिपाही रीना की भतीजी रिशू (14) पुत्री हरवीर सिंह का शव सोमवार शाम मऊदरवाजा थाने के आवास में लटका मिला था। रात करीब ढाई बजे दिल्ली में नौकरी कर रहे जनपद इटावा थाना चौबिया के गांव गोपालपुर परालोकपुर निवासी मामा योगेंद्र पुत्र रामौतार अपने बड़े भाई सर्वेश यादव के साथ पहुंचे।
उन्होंने अपनी भांजी की गला दबाकर हत्या करने का आरोप चाची रीना और चाचा अभिनव यादव पर लगाया। बताया कि दोनों रिशू की आए दिन पिटाई करते थे। चार महीने पहले उसने फोन पर बात की थी। वह यहां से ले जाने के बात कहती थी। बताया कि छोटी-मोटी गलती पर भी उसे बड़ा दंड दिया जाता था।
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बीते दिनों रीना का बेटा घर में गिर गया था। उसे गाल में कुछ चोट लग गई थी। इस पर रिशू की जमकर पिटाई की गई थी। नानी श्यामा ने भी रिशू को प्रताड़ित करने की बात कही।
पुलिस ने पंचनामा भरकर पैनल से पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगने से दम घुटने से मौत होना बताया गया।
चोटों के निशान नहीं पाए गए। पैनल में डा. प्रशांत कटियार और डा. सोमेश अग्निहोत्री थे। थानाध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। किशोरी के फांसी लगाने के पीछे कोई तो वजह है। इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
एसपी ने भी परिजनों से की पूछताछ
एसपी डा. अनिल मिश्र रात करीब सवा 11 बजे मऊदरवाजा थाने पहुंचे। वहां मौजूद रिशू की चाची सिपाही रीना, चाचा अभिनव समेत अन्य परिजनों से वार्ता की। उनसे विस्तार से जानकारी भी हासिल की।
चार माह से ननिहाल वालों से नहीं करने दी बात
मामा योगेंद्र ने बताया कि चार महीने पहले रिशू ने उनसे बात की थी। तब प्रताड़ित करने की बात कही थी। जब यह बात रीना और अभिनव को पता चली, तो दोनों ने रिशूज जको जमकर पीटा था। तभी से मुझसे बात भी नहीं कराई।
पीएम हाउस पर सिर्फ दादी ही पहुंची
थाने से शव निकला, तो सभी परिजन साथ जाते दिखाई दिए। मगर पोस्टमार्टम हाउस तक सिर्फ दादी रामदेवी और उनके भाई गोविंद सिंह, दो अन्य लोगों के साथ पहुंचे। वहां चाचा अभिनव और पिता हरवीर भी नहीं पहुंचे।
अब छूट गए मेरे दोनों घर: पिता
रिशू के पिता हरवीर ने बताया कि बड़ी मुश्किल से ससुराल से आना-जाना शुरू हुआ था। अब मेरी बेटी भी चली गई। अब मेरा कोई नहीं है। उनके पहली पत्नी से एक बच्चा बचा है, जबकि दूसरी शादी से तीन बच्चे हैं। इन्हीं के साथ रहेंगे। किसी से मतलब नहीं रखेंगे।
बहनोई की दूसरी पत्नी फोन पर करती थीं बात
किशोरी के मामा योगेंद्र ने बताया कि बहन की मौत के डेढ़ साल बाद ही बहनोई ने दूसरी शादी कर ली थी। उनकी पत्नी की आदत अच्छी है। वह फोन से बात करती रहती थीं। मेरी बहन रीतू की मौत के बाद मैने कोई कार्रवाई इसलिए नहीं की थी कि दो बच्चे हैं। उनका जीवन खराब हो जाएगा।
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फतेहगढ़ कोतवाली में तैनात महिला सिपाही रीना की भतीजी रिशू (14) पुत्री हरवीर सिंह का शव सोमवार शाम मऊदरवाजा थाने के आवास में लटका मिला था। रात करीब ढाई बजे दिल्ली में नौकरी कर रहे जनपद इटावा थाना चौबिया के गांव गोपालपुर परालोकपुर निवासी मामा योगेंद्र पुत्र रामौतार अपने बड़े भाई सर्वेश यादव के साथ पहुंचे।
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उन्होंने अपनी भांजी की गला दबाकर हत्या करने का आरोप चाची रीना और चाचा अभिनव यादव पर लगाया। बताया कि दोनों रिशू की आए दिन पिटाई करते थे। चार महीने पहले उसने फोन पर बात की थी। वह यहां से ले जाने के बात कहती थी। बताया कि छोटी-मोटी गलती पर भी उसे बड़ा दंड दिया जाता था।
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बीते दिनों रीना का बेटा घर में गिर गया था। उसे गाल में कुछ चोट लग गई थी। इस पर रिशू की जमकर पिटाई की गई थी। नानी श्यामा ने भी रिशू को प्रताड़ित करने की बात कही।
पुलिस ने पंचनामा भरकर पैनल से पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगने से दम घुटने से मौत होना बताया गया।
चोटों के निशान नहीं पाए गए। पैनल में डा. प्रशांत कटियार और डा. सोमेश अग्निहोत्री थे। थानाध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। किशोरी के फांसी लगाने के पीछे कोई तो वजह है। इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
एसपी ने भी परिजनों से की पूछताछ
एसपी डा. अनिल मिश्र रात करीब सवा 11 बजे मऊदरवाजा थाने पहुंचे। वहां मौजूद रिशू की चाची सिपाही रीना, चाचा अभिनव समेत अन्य परिजनों से वार्ता की। उनसे विस्तार से जानकारी भी हासिल की।
चार माह से ननिहाल वालों से नहीं करने दी बात
मामा योगेंद्र ने बताया कि चार महीने पहले रिशू ने उनसे बात की थी। तब प्रताड़ित करने की बात कही थी। जब यह बात रीना और अभिनव को पता चली, तो दोनों ने रिशूज जको जमकर पीटा था। तभी से मुझसे बात भी नहीं कराई।
पीएम हाउस पर सिर्फ दादी ही पहुंची
थाने से शव निकला, तो सभी परिजन साथ जाते दिखाई दिए। मगर पोस्टमार्टम हाउस तक सिर्फ दादी रामदेवी और उनके भाई गोविंद सिंह, दो अन्य लोगों के साथ पहुंचे। वहां चाचा अभिनव और पिता हरवीर भी नहीं पहुंचे।
अब छूट गए मेरे दोनों घर: पिता
रिशू के पिता हरवीर ने बताया कि बड़ी मुश्किल से ससुराल से आना-जाना शुरू हुआ था। अब मेरी बेटी भी चली गई। अब मेरा कोई नहीं है। उनके पहली पत्नी से एक बच्चा बचा है, जबकि दूसरी शादी से तीन बच्चे हैं। इन्हीं के साथ रहेंगे। किसी से मतलब नहीं रखेंगे।
बहनोई की दूसरी पत्नी फोन पर करती थीं बात
किशोरी के मामा योगेंद्र ने बताया कि बहन की मौत के डेढ़ साल बाद ही बहनोई ने दूसरी शादी कर ली थी। उनकी पत्नी की आदत अच्छी है। वह फोन से बात करती रहती थीं। मेरी बहन रीतू की मौत के बाद मैने कोई कार्रवाई इसलिए नहीं की थी कि दो बच्चे हैं। उनका जीवन खराब हो जाएगा।