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मलेशिया रवाना हुआ फर्रुखाबादी आलू
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 25 Mar 2015 11:04 PM IST
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केंद्र सरकार के न्यूनतम निर्यात कीमत वापस लेने के बाद फर्रुखाबादी आलू के
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निर्यात की संभावनाएं बढ़ गई हैं। 145 टन फर्रुखाबादी आलू मलेशिया जाएगा।
58 टन की पहली खेप जिले से रवाना हो गई है। आलू निर्यात होने से दामों में
इजाफा होने की भी संभावनाएं बढ़ी हैं।
अभी आलू की मंदी के चलते किसानों को एक बीघा में 10 से 12 हजार रुपये का नुकसानी उठानी पड़ रही है। शीतगृह लगभग फुल होने की स्थिति में हैं। मजबूरन किसनों ने बड़ी तादाद में आलू को खेतों में पुआल से ढककर रखा हुआ है। इन्हें कीमतों में इजाफा होने की उम्मीद है। इस बीच केंद्र सरकार ने न्यूनतम निर्यात कीमत वापस लेकर निर्यात का रास्ता साफ कर दिया है।
जिले से आलू मलेशिया को निर्यात हो रहा है। मेरठ के आलू कारोबारी जिले में डेरा जमाए हैं।
जिले से 145 टन आलू मलेशिया को निर्यात होगा। 58 टन की पहली खेप मंगलवार को ट्रकों से गुजरात बंदरगाह के लिए रवाना हो गई है। यहां जहाजों से आलू मलेशिया पहुंचेगा। 87 टन आलू की और खरीद की जा रही है। निर्यात होने वाला आलू
3797 प्रजाति का है। यह आलू 500 से लेकर 551 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। मलेशिया के बाद और भी देशों में आलू निर्यात होने की उम्मीद है। आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश वर्मा ने बताया कि मेरठ के कारोबारी मलेशिया निर्यात के लिए आलू खरीद कर रहे हैं। मंडी में ही आलू ग्रेडिंग की जा रही है। बड़े पैमाने पर निर्यात होने से आलू के दामों में भी इजाफा होगा।
अभी आलू की मंदी के चलते किसानों को एक बीघा में 10 से 12 हजार रुपये का नुकसानी उठानी पड़ रही है। शीतगृह लगभग फुल होने की स्थिति में हैं। मजबूरन किसनों ने बड़ी तादाद में आलू को खेतों में पुआल से ढककर रखा हुआ है। इन्हें कीमतों में इजाफा होने की उम्मीद है। इस बीच केंद्र सरकार ने न्यूनतम निर्यात कीमत वापस लेकर निर्यात का रास्ता साफ कर दिया है।
जिले से आलू मलेशिया को निर्यात हो रहा है। मेरठ के आलू कारोबारी जिले में डेरा जमाए हैं।
जिले से 145 टन आलू मलेशिया को निर्यात होगा। 58 टन की पहली खेप मंगलवार को ट्रकों से गुजरात बंदरगाह के लिए रवाना हो गई है। यहां जहाजों से आलू मलेशिया पहुंचेगा। 87 टन आलू की और खरीद की जा रही है। निर्यात होने वाला आलू
3797 प्रजाति का है। यह आलू 500 से लेकर 551 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। मलेशिया के बाद और भी देशों में आलू निर्यात होने की उम्मीद है। आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश वर्मा ने बताया कि मेरठ के कारोबारी मलेशिया निर्यात के लिए आलू खरीद कर रहे हैं। मंडी में ही आलू ग्रेडिंग की जा रही है। बड़े पैमाने पर निर्यात होने से आलू के दामों में भी इजाफा होगा।