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सिटी मजिस्ट्रेट ने देखा गंगा में गिरते नालों का हाल
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भैरो घाट पर गंगा में जा रहे नाले का निरीक्षण करते सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य।
- फोटो : FARRUKHABAD
माधवपुर नाला डायवर्ट, धिमरपुरा का रुका मिला
फर्रुखाबाद। गंगा तट पर लगे मेला रामनगरिया में कल्पवासियों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने की मंशा से सिटी मजिस्ट्रेट ने नालों का निरीक्षण किया। उनके साथ प्रदूषण विभाग के जेई समेत अन्य अधिकारी भी थे। अफसरों को माधवपुर नाला डायवर्ट मिला और बायोरेमेडिएशन भी चालू था। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदूषित जल गंगा में न बहने देने के निर्देश दिए।
माघ माह में मौनी अमावस्या का स्नान 11 फरवरी को है। शासन ने गंगा भक्तों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए छह से आठ तथा 11 फरवरी को वस्त्र छपाई उद्योग बंद रखने तथा नालों का प्रवाह रोकने के निर्देश दिए थे।
आदेशों के अनुपालन में प्रदूषण विभाग के जेई फरेश कुमार टीम के साथ कैंप किए हैं। नगर पालिका से नालों का प्रवाह रोका जाता है, मगर हर बार खोल दिया जाता है। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य, जेई फरेश कुमार, अनुश्रवण सहायक बीएस द्विवेदी सोमवार दोपहर में नालों की हकीकत परखने के लिए मौके पर पहुंचे।
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अधिकारियों को माधवपुर के पास नाले का पानी डायवर्ट मिला। कुछ नालियों का पानी जो गंगा की ओर जा रहा था, उस पर बायोरेमेडिएशन प्लांट चलता मिला। अधिकारी टोंका घाट, भैरों घाट और धिमरपुरा भी पहुंचे।
धिमरपुरा में नाले का प्रवाह रुका पाया गया। यहां दो स्थानों पर बायोरेमोडिएशन प्लांट भी चलता मिला। इस प्लांट से जो सीवरेज का पानी गंगा में जा रहा है, उसका जैविक शुद्धीकरण किया जा रहा था। जेई फरेश कुमार ने बताया कि अब 11 फरवरी को मौनी अमावस्या के दिन भी वस्त्र छपाई कारखानों में काम बंद रहेगा। यदि कोई भी काम करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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फर्रुखाबाद। गंगा तट पर लगे मेला रामनगरिया में कल्पवासियों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने की मंशा से सिटी मजिस्ट्रेट ने नालों का निरीक्षण किया। उनके साथ प्रदूषण विभाग के जेई समेत अन्य अधिकारी भी थे। अफसरों को माधवपुर नाला डायवर्ट मिला और बायोरेमेडिएशन भी चालू था। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदूषित जल गंगा में न बहने देने के निर्देश दिए।
माघ माह में मौनी अमावस्या का स्नान 11 फरवरी को है। शासन ने गंगा भक्तों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए छह से आठ तथा 11 फरवरी को वस्त्र छपाई उद्योग बंद रखने तथा नालों का प्रवाह रोकने के निर्देश दिए थे।
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आदेशों के अनुपालन में प्रदूषण विभाग के जेई फरेश कुमार टीम के साथ कैंप किए हैं। नगर पालिका से नालों का प्रवाह रोका जाता है, मगर हर बार खोल दिया जाता है। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य, जेई फरेश कुमार, अनुश्रवण सहायक बीएस द्विवेदी सोमवार दोपहर में नालों की हकीकत परखने के लिए मौके पर पहुंचे।
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अधिकारियों को माधवपुर के पास नाले का पानी डायवर्ट मिला। कुछ नालियों का पानी जो गंगा की ओर जा रहा था, उस पर बायोरेमेडिएशन प्लांट चलता मिला। अधिकारी टोंका घाट, भैरों घाट और धिमरपुरा भी पहुंचे।
धिमरपुरा में नाले का प्रवाह रुका पाया गया। यहां दो स्थानों पर बायोरेमोडिएशन प्लांट भी चलता मिला। इस प्लांट से जो सीवरेज का पानी गंगा में जा रहा है, उसका जैविक शुद्धीकरण किया जा रहा था। जेई फरेश कुमार ने बताया कि अब 11 फरवरी को मौनी अमावस्या के दिन भी वस्त्र छपाई कारखानों में काम बंद रहेगा। यदि कोई भी काम करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।