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बैंकों में नई करेंसी अाने के बाद थोड़ी िमली राहत
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Fri, 18 Nov 2016 11:21 PM IST
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लाहाबाद बैंक के बाहर लाइन लगी है।
- फोटो : amarujala
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नई करेंसी आने के बाद बैंकों में भीड़ कम होना शुरू हो गई है। अधिकतर जगह ग्राहकों की लाइनें बैंकों के बाहर कम नजर आईं। वहीं रोज कमाने-खाने वाले लोगों ने शुक्रवार को अपने बच्चों को नोट बदलने के लिए बैंक भेजा।
नोटबंदी के चलते ग्राहकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं को जहां चूल्हे ठंडे होने का डर सता रहा है। वहीं किसान खाद व बीज को लेकर परेशान है। कहीं बैंकों में 2 बजे के बाद कैश बंटना शुरू हुआ तो कहीं सिर्फ नोट ही बदले गए। पेश है बैंकों पर लाइव रिपोर्ट :-।
इलाहाबाद बैंक के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने गेट पर ताला डाल रखा है। बैंक के बाहर लाइन लगी है। बैंक के अंदर से ग्राहक जब बाहर निकलते हैं तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बाहर खड़े ग्राहकों को अंदर बुलाता।
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ग्राहकों ने बताया कि बैंक कर्मचारी 2 बजे नोट बदलने और कैश देने की बात कह रहे हैं। शाखा प्रबंधक महेश बाबू ने बताया कि कैश खत्म हो गया है, जिसे लेने के लिए जा रहे हैं। इलाहाबाद बैंक से रुपये निकालने आईं रेशमा देवी निवासी काली देवी का कहना है कि पति किशन कुमार दिल्ली में नौकरी करते हैं।
500 व 1000 के नोट बंद होने से इस माह पति घर खर्च के लिए रुपये नहीं भेज सके। उनके पास 500-500 के पांच हजार रुपये हैं, जिन्हें बदलने के लिए बैंक आईं लेकिन उनके सिर्फ 2000 रुपये ही बदले गए। ऐसे में घर खर्च चलाना मुश्किल होगा।
उनके परिवार में सास-ससुर के अलावा दो बेटियां और दो बेटे हैं। ऐसे में 2000 रुपये ही हाथ में आने से कहीं माह भर में चूल्हा ठंडा होने की नौबत न आ जाए।
महाराष्ट्र बैंक में स्टाफ कम होने से सिर्फ एक ही काउंटर पर कैश जमा, नोट बदलने और कैश निकासी का काम चल रहा है। इसके चलते महिला व पुरुष ग्राहकों की लंबी लाइन लगी है। बैंक में कैश खत्म होने के चलते सिर्फ नोट जमा ही किए जा रहे हैं।
बैंक प्रबंधक ने बताया कि 11 बजे कैश खत्म हो गया है, जिसे लेने जा रहे हैं। दोपहर 2 बजे के बाद कैश निकासी और 500 व 1000 के नोट बदले जाएंगे। बैंक में रुपये निकालने आए आवाजपुर निवासी सोबरन सिंह का कहना है कि सुबह 8 बजे ही आकर लाइन में लग गए।
पूर्वाह्न 11:20 बजे जब उनका नंबर आया तो कैश काउंटर पर बैठे बाबू ने कैश खत्म होने की बात कही। करीब सवा तीन घंटे लाइन में खड़े होने के बाद भी रुपये नहीं मिले हैं। अब शनिवार को फिर लाइन लगानी होगी।
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नोटबंदी के चलते ग्राहकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं को जहां चूल्हे ठंडे होने का डर सता रहा है। वहीं किसान खाद व बीज को लेकर परेशान है। कहीं बैंकों में 2 बजे के बाद कैश बंटना शुरू हुआ तो कहीं सिर्फ नोट ही बदले गए। पेश है बैंकों पर लाइव रिपोर्ट :-।
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इलाहाबाद बैंक के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने गेट पर ताला डाल रखा है। बैंक के बाहर लाइन लगी है। बैंक के अंदर से ग्राहक जब बाहर निकलते हैं तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बाहर खड़े ग्राहकों को अंदर बुलाता।
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ग्राहकों ने बताया कि बैंक कर्मचारी 2 बजे नोट बदलने और कैश देने की बात कह रहे हैं। शाखा प्रबंधक महेश बाबू ने बताया कि कैश खत्म हो गया है, जिसे लेने के लिए जा रहे हैं। इलाहाबाद बैंक से रुपये निकालने आईं रेशमा देवी निवासी काली देवी का कहना है कि पति किशन कुमार दिल्ली में नौकरी करते हैं।
500 व 1000 के नोट बंद होने से इस माह पति घर खर्च के लिए रुपये नहीं भेज सके। उनके पास 500-500 के पांच हजार रुपये हैं, जिन्हें बदलने के लिए बैंक आईं लेकिन उनके सिर्फ 2000 रुपये ही बदले गए। ऐसे में घर खर्च चलाना मुश्किल होगा।
उनके परिवार में सास-ससुर के अलावा दो बेटियां और दो बेटे हैं। ऐसे में 2000 रुपये ही हाथ में आने से कहीं माह भर में चूल्हा ठंडा होने की नौबत न आ जाए।
महाराष्ट्र बैंक में स्टाफ कम होने से सिर्फ एक ही काउंटर पर कैश जमा, नोट बदलने और कैश निकासी का काम चल रहा है। इसके चलते महिला व पुरुष ग्राहकों की लंबी लाइन लगी है। बैंक में कैश खत्म होने के चलते सिर्फ नोट जमा ही किए जा रहे हैं।
बैंक प्रबंधक ने बताया कि 11 बजे कैश खत्म हो गया है, जिसे लेने जा रहे हैं। दोपहर 2 बजे के बाद कैश निकासी और 500 व 1000 के नोट बदले जाएंगे। बैंक में रुपये निकालने आए आवाजपुर निवासी सोबरन सिंह का कहना है कि सुबह 8 बजे ही आकर लाइन में लग गए।
पूर्वाह्न 11:20 बजे जब उनका नंबर आया तो कैश काउंटर पर बैठे बाबू ने कैश खत्म होने की बात कही। करीब सवा तीन घंटे लाइन में खड़े होने के बाद भी रुपये नहीं मिले हैं। अब शनिवार को फिर लाइन लगानी होगी।