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Farrukhabad News: 55 की उम्र में हत्या के तीन दोषियों को उम्रकैद
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फर्रुखाबाद। ग्रामीण की 26 वर्ष पहले हत्या में तीन दोषियों को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी महेंद्र सिंह ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सरकारी वकील की मानें तो सबसे रोचक तथ्य यह है तीनों दोषियों की उम्र 55 से 60 साल के करीब है।तीनों दोषियों को 25-25 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए हैं। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दोषियों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से वकील अशोक कटियार, अनुज प्रताप के अनुसार जनपद शाहजहांपुर थाना कलान निवासी रामऔतार की 14 अक्तूबर 1997 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भाई कुंवरपाल ने गांव के बुद्धपाल, रामसनेही, रामरईस के खिलाफ 17 अक्तूबर 1997 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया कि वह घटना के दिन ससुराल गए थे। भाई रामऔतार खेत की ओर जा रहा था। इन लोगाें ने उसको रास्ते में रोक कर जाति सूचक गालियां दीं। विरोध करने पर इन लोगों ने तमंचों से फायरिंग कर रामऔतार की हत्या कर दी थी। शव को गन्ना के खेत में छिपा दिया था। विवेचक ने छानबीन के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर बुद्धपाल, रामसनेही, रामरईस को रामऔतार की हत्या में दोषी करार दिया था। सोमवार को इस मुकदमे में दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। वकील अशोक कटियार के अनुसार तीनों दोषियों की उम्र 55 से 60 साल के बीच में है। तीनों दोषियों को 25-25 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीनों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने का भी आदेश दिया। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। घटना के दौरान थाना कलान जनपद फर्रुखाबाद क्षेत्र में ही आता था।
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अभियोजन पक्ष की ओर से वकील अशोक कटियार, अनुज प्रताप के अनुसार जनपद शाहजहांपुर थाना कलान निवासी रामऔतार की 14 अक्तूबर 1997 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भाई कुंवरपाल ने गांव के बुद्धपाल, रामसनेही, रामरईस के खिलाफ 17 अक्तूबर 1997 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया कि वह घटना के दिन ससुराल गए थे। भाई रामऔतार खेत की ओर जा रहा था। इन लोगाें ने उसको रास्ते में रोक कर जाति सूचक गालियां दीं। विरोध करने पर इन लोगों ने तमंचों से फायरिंग कर रामऔतार की हत्या कर दी थी। शव को गन्ना के खेत में छिपा दिया था। विवेचक ने छानबीन के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
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मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर बुद्धपाल, रामसनेही, रामरईस को रामऔतार की हत्या में दोषी करार दिया था। सोमवार को इस मुकदमे में दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। वकील अशोक कटियार के अनुसार तीनों दोषियों की उम्र 55 से 60 साल के बीच में है। तीनों दोषियों को 25-25 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीनों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने का भी आदेश दिया। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। घटना के दौरान थाना कलान जनपद फर्रुखाबाद क्षेत्र में ही आता था।
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