Farrukhabad: किशोर की हत्या का मामला, 10 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, दोषी को उम्रकैद और 1.5 लाख जुर्माना
कंपिल थाना क्षेत्र में दस वर्ष पहले किशोर की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला आया है। मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही, 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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फर्रुखाबाद जिले में दस वर्ष पहले पुरानी रंगिश में किशोर की हत्या में दोषी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 1.5 लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर तिहैया निवासी पातीराम ने 15 जनवरी 2013 को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 14 वर्षीय पुत्र कुलदीप गांव के राहुल को मोबाइल फोन देने गया और वापस नहीं आया। खोजबीन करने पर उसका पता नहीं चल सका था।
16 जनवरी को कुलदीप का शव ग्रामीण के खेत में बरामद हुआ था। पातीराम ने गांव के रामचंद्र, रामसरन के खलिफ पुत्र की हत्या कर शव ठिकाने लगाने की आशंका जाहिर कर प्रार्थना पत्र दिया था। विवेचक ने छानबीन के बाद आरोपी रामचंद्र, रामसरन, विजय के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई कर रहे अपर जिला सत्र न्यायाधीश विष्णु चंद्र वैश्य ने सोमवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर कुलदीप की हत्या में रामचंद्र को दोषी करार किया था। आरोपी रामसरन व विजय को दोषमुक्त कर दिया था। मंगलवार को न्यायाधीश ने दोषी रामचंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
उन्होंने हत्या के दोषी को 1.5 लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए हैं। वहीं, जुर्माना न देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से तेज सिंह राजपूत और अभिषेक सक्सेना ने दलीलें दीं।