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राजकीय नलकूप के पाइप में चूड़ी के नाम पर लाखों के वारे-न्यारे
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नलकूप विभाग में ट्रैक्टर ट्राली में लादने को बोरिंग पाइप उठाकर ले जाते कर्मचारी। संवाद न्यूज एज?
- फोटो : FARRUKHABAD
राजकीय नलकूप विभाग में लोहे के पाइप में चूड़ी कराने के नाम पर लाखों के वारे-न्यारे हो रहे हैं। टेंडर से बचने को टुकड़ों में वर्कआर्डर किया गया। शहर की खराद की दुकान पर काम कराकर कानपुर की फर्म के नाम पर मनमाना भुगतान लिया जा रहा है।
जनपद में नौ राजकीय नलकूप रिबोर किए जाने हैं, जबकि तीन का निर्माण होना है। बोरिंग के लिए विभाग को लोहे के सादा पाइप दिए जाते हैं। इनमें चूड़ी कराने से लेकर फ्लेंच व वेेल्डिंग में लाखों का खर्च आता है।
इसमें जिम्मेदार टेंडर से बचने को काम को टुकड़ों में बांटकर वर्कआर्डर दे रहे हैं। करीब 300 पाइपों में चूड़ी बनवाने, फ्लेंच लगाने और वेल्डिंग का काम जसमई चौराहा स्थित खरादी दुकानदार रमेश शर्मा को दिया गया।
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दुकानदार के नाम न तो टेंडर है और न ही वर्कआर्डर। मंगलवार को रमेश के बेटे सुशील चंद्र शर्मा ट्रैक्टर-ट्राली में अपने कर्मचारियों के साथ नलकूप विभाग में पाइप लाद रहे थे।
उन्होंने बताया कि अवर अभियंता बृजेश दीक्षित ने 700 रुपये प्रति पाइप के हिसाब से काम तय किया है। पाइप से निकलने वाले लोहे का भी हिसाब होता है। इसमें पाइप लाने और पहुंचाने का भाड़ा भी शामिल है।
उनके पास कोई फर्म न होने से वह बिल भी नहीं देते। इसी बीच पहुंचे जेई बृजेश दीक्षित ने बताया कि कानपुर की फर्म कृष्णा इंजीनियर्स को 700 रुपये पाइप के हिसाब से कई वर्कआर्डर किए गए हैं।
दो लाख से अधिक धनराशि के काम पर टेंडर प्रक्रिया करनी पड़ती। इसी वजह से थोड़े-थोड़े पाइप का वर्कआर्डर किया गया। पाइप की लोडिंग की बिल्टी व बिल देना फर्म का काम है।
सहायक अभियंता बेचनलाल यादव ने बताया कि एसई स्तर से 1200 रुपसे प्रति पाइप के हिसाब से कानपुर की फर्म को वर्कआर्डर किया गया। दुकानदार से उन्हें कोई लेनादेना नहीं है। भुगतान फर्म को किया जाएगा। फर्म चाहे जहां से काम करवाकर दे।
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जनपद में नौ राजकीय नलकूप रिबोर किए जाने हैं, जबकि तीन का निर्माण होना है। बोरिंग के लिए विभाग को लोहे के सादा पाइप दिए जाते हैं। इनमें चूड़ी कराने से लेकर फ्लेंच व वेेल्डिंग में लाखों का खर्च आता है।
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इसमें जिम्मेदार टेंडर से बचने को काम को टुकड़ों में बांटकर वर्कआर्डर दे रहे हैं। करीब 300 पाइपों में चूड़ी बनवाने, फ्लेंच लगाने और वेल्डिंग का काम जसमई चौराहा स्थित खरादी दुकानदार रमेश शर्मा को दिया गया।
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दुकानदार के नाम न तो टेंडर है और न ही वर्कआर्डर। मंगलवार को रमेश के बेटे सुशील चंद्र शर्मा ट्रैक्टर-ट्राली में अपने कर्मचारियों के साथ नलकूप विभाग में पाइप लाद रहे थे।
उन्होंने बताया कि अवर अभियंता बृजेश दीक्षित ने 700 रुपये प्रति पाइप के हिसाब से काम तय किया है। पाइप से निकलने वाले लोहे का भी हिसाब होता है। इसमें पाइप लाने और पहुंचाने का भाड़ा भी शामिल है।
उनके पास कोई फर्म न होने से वह बिल भी नहीं देते। इसी बीच पहुंचे जेई बृजेश दीक्षित ने बताया कि कानपुर की फर्म कृष्णा इंजीनियर्स को 700 रुपये पाइप के हिसाब से कई वर्कआर्डर किए गए हैं।
दो लाख से अधिक धनराशि के काम पर टेंडर प्रक्रिया करनी पड़ती। इसी वजह से थोड़े-थोड़े पाइप का वर्कआर्डर किया गया। पाइप की लोडिंग की बिल्टी व बिल देना फर्म का काम है।
सहायक अभियंता बेचनलाल यादव ने बताया कि एसई स्तर से 1200 रुपसे प्रति पाइप के हिसाब से कानपुर की फर्म को वर्कआर्डर किया गया। दुकानदार से उन्हें कोई लेनादेना नहीं है। भुगतान फर्म को किया जाएगा। फर्म चाहे जहां से काम करवाकर दे।