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चीन से लौटे तीनों छात्रों में से एक को खांसी, जुकाम, बुखार की शिकायत
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फर्रुखाबाद। कोरोना वायरस से चीन में स्थिति भयावह होने के बाद प्रदेश सरकार अलर्ट है। चीन से लौटकर आने वाले तीन छात्रों में से एक ने खांसी, जुकाम, बुखार की शिकायत की तो उसका सैंपल लेकर लखनऊ लैब भेज दिया गया है। तीनों छात्रों पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी नजर है। हर पल उन्हें मॉनीटर किया जा रहा है। कोरोना से निपटने के लिए लोहिया अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था होने का दावा किया जा रहा है।
डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में ईएनटी वार्ड को कोरोना पीड़ितों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। किट की व्यवस्था कर दी गई है। कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज आते ही उसके पास कोई भी व्यक्ति बिना किट पहने नहीं जा सकेगा। कोरोना के केसों को मॉनीटर करने के लिए डिप्टी सीएमओ राजीव शाक्य को नियुक्त कर दिया गया है। वे चीन से आने वाले तीनों छात्रों से रोजाना बात करते हैं। उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। चीन से लौटे एमबीबीएस के एक छात्र को ही खांसी, जुकाम, बुखार की दिक्कत हुई है। शेष दोनों छात्र ठीक हैं। बावजूद इसके उन पर नजर रखी जा रही है।
सीएचसी-पीएचसी पर नहीं है व्यवस्था
कोरोना वायरस को लेकर भले ही हड़कंप मचा हो, मगर किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर कोई व्यवस्था नहीं है। किसी भी मरीज में कोरोना जैसे लक्षण मिलने पर उसे तुरंत लोहिया अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
डिप्टी सीएमओ व कोरोना मॉनीटरिंग प्रभारी राजीव शाक्य ने बताया कि सिर्फ चीन के लोगों पर ही नजर है। शासन से नाम, पते उपलब्ध हो जाते हैं। मगर हम उन्हें उजागर नहीं कर सकतेे। अभी तक तीन छात्र चीन से आए हैं। एक की शिकायत मिलने पर उसका ब्लड सैंपल लखनऊ भेज दिया गया है। अन्य दो छात्रों ने कोई शिकायत नहीं की है। फिर भी रोजाना तीनों से वार्ता की जा रही है। सिर्फ जिला अस्पताल में ही कोरोना से बचाव की सुविधाएं देने का निर्देश है।
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डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में ईएनटी वार्ड को कोरोना पीड़ितों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। किट की व्यवस्था कर दी गई है। कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज आते ही उसके पास कोई भी व्यक्ति बिना किट पहने नहीं जा सकेगा। कोरोना के केसों को मॉनीटर करने के लिए डिप्टी सीएमओ राजीव शाक्य को नियुक्त कर दिया गया है। वे चीन से आने वाले तीनों छात्रों से रोजाना बात करते हैं। उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। चीन से लौटे एमबीबीएस के एक छात्र को ही खांसी, जुकाम, बुखार की दिक्कत हुई है। शेष दोनों छात्र ठीक हैं। बावजूद इसके उन पर नजर रखी जा रही है।
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सीएचसी-पीएचसी पर नहीं है व्यवस्था
कोरोना वायरस को लेकर भले ही हड़कंप मचा हो, मगर किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर कोई व्यवस्था नहीं है। किसी भी मरीज में कोरोना जैसे लक्षण मिलने पर उसे तुरंत लोहिया अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
डिप्टी सीएमओ व कोरोना मॉनीटरिंग प्रभारी राजीव शाक्य ने बताया कि सिर्फ चीन के लोगों पर ही नजर है। शासन से नाम, पते उपलब्ध हो जाते हैं। मगर हम उन्हें उजागर नहीं कर सकतेे। अभी तक तीन छात्र चीन से आए हैं। एक की शिकायत मिलने पर उसका ब्लड सैंपल लखनऊ भेज दिया गया है। अन्य दो छात्रों ने कोई शिकायत नहीं की है। फिर भी रोजाना तीनों से वार्ता की जा रही है। सिर्फ जिला अस्पताल में ही कोरोना से बचाव की सुविधाएं देने का निर्देश है।